धर्मेन्द्र
| धर्मेन्द्र | |
धर्मेन्द्र |
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| जन्म | 8 दिसम्बर 1935 |
| जन्मस्थान | फागवारा, पंजाब, भारत |
| निवास | मुंबई महाराष्ट्र, भारत |
| व्यवसाय | अभिनेता |
धर्मेन्द्र (पंजाबी: ਧਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦਿਉਲ जन्म: ८ दिसंबर, १९३५) हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता हैं। इनकी पत्नी हेमा मालिनी, पुत्र बॉबी द्योल और सनी द्योल भी फ़िल्मों में काम करते हैं। ये राजनीति में सक्रिय हैं और बीकानेर से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद हैं।
अनुक्रम |
व्यक्तिगत जीवन [संपादित करें]
वे फगवाड़ा में पंजाब राज्य के कपूरथला जिले में पैदा हुए थॆ । धर्मेंद्र नॆ दो बार शादी की और अपनी दोनों पत्नियों को बनाए रखा है । उनकी पहली शादी प्रकाश कौर से 19 वर्ष की उम्र में 1954 में हुई । उनकी दूसरी शादी बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी के साथ हुई । असल में धर्मेन्द्र का गाँव जिला लुधिआना के अंतर्गत साहनेवाल है. जो अब कसबे का रूप ले चूका है. धर्मेन्द्र की पढाई फगवारा के आर्य हाई स्कूल एवं रामगढइया स्कूल में हुई. ये उनकी बुआ का शहर है. जिनका बेटा वीरेंदर पंजाबी फिल्मों का सुपर स्टार तथा प्रोड्यूसर डायरेक्टर था. आतंक के दौर में लुधिआना में ही फिल्म जट ते ज़मीन की शूटिंग के दौरान आतंकियों ने गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी.
कैरियर [संपादित करें]
रोल चाहे फिल्म सत्यकाम के सीधे सादे ईमानदार हीरो का हो, फिल्म शोले के एक्शन हीरो का हो या फिर फिल्म चुपके चुपके के कॉमेडियन हीरो का, सभी को सफलता पूर्वक निभा कर दिखा देने वाले धर्मेंद्र सिंह देओल अभिनय प्रतिभा के धनी कलाकार हैं। सन् 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से अभिनय की शुरुवात करने के बाद पूरे तीन दशकों तक धर्मेंद्र चलचित्र जगत में छाये रहे। केवल मेट्रिक तक ही शिक्षा प्राप्त की थी उन्होंने। स्कूल के समय से ही फिल्मों का इतना चाव था कि दिल्लगी (1949) फिल्म को 40 से भी अधिक बार देखा था उन्होंने। अक्सर क्लास में पहुँचने के बजाय सिनेमा हॉल में पहुँच जाया करते थे। फिल्मों में प्रवेश के पहले रेलवे में क्लर्क थे, लगभग सवा सौ रुपये तनख्वाह थी। 19 साल की उम्र में ही शादी भी हो चुकी थी उनकी प्रकाश कौर के साथ और अभिलाषा थी बड़ा अफसर बनने की।
फिल्मफेयर के एक प्रतियोगिता के दौरान अर्जुन हिंगोरानी को पसंद आ गये धर्मेंद्र और हिंगोरानी जी ने अपनी फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे के लिये उन्हें हीरो की भूमिका के लिये अनुबंधित कर लिया 51 रुपये साइनिंग एमाउंट देकर। पहली फिल्म में नायिका कुमकुम थीं। कुछ विशेष पहचान नहीं बन पाई थी पहली फिल्म से इसलिये अगले कुछ साल संघर्ष के बीते। संघर्ष के दिनों में जुहू में एक छोटे से कमरे में रहते थे। लोगों ने जाना उन्हें फिल्म अनपढ़ (1962), बंदिनी (1963) तथा सूरत और सीरत (1963) से पर स्टार बने ओ.पी. रल्हन की फिल्म फूल और पत्थर (1966) से। 200 से भी अधिक फिल्मों में काम किया है धर्मेंद्र ने, कुछ अविस्मरणीय फिल्में हैं अनुपमा, मँझली दीदी, सत्यकाम, शोले, चुपके चुपके आदि।
धर्मेन्द्र अपने स्टंट दृश्य बिना डुप्लीकेट की सहायता के स्वयं ही करते थे। चिनप्पा देवर की फिल्म मां में एक चीते के साथ सही में फाइट किया था धर्मेंद्र
प्रमुख फिल्में [संपादित करें]
नामांकन और पुरस्कार [संपादित करें]
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संदर्भ [संपादित करें]
बाहरी कड़ियाँ [संपादित करें]
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