गुझिया
| गुझिया | |
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गुझिया |
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| उद्भव | |
| वैकल्पिक नाम | गुजिया |
| संबंधित देश | भारत |
| देश का क्षेत्र | दक्षिण एशिया |
| व्यंजन का ब्यौरा | |
| मुख्य सामग्री | मैदा,मावा |
गुझिया (अन्य नामः गुजिया, गुंजिया) एक प्रकार का पकवान है जो मैदे और खोए से बनाया जाता है। इसे छत्तीसगढ़ में कुसली[1] , महाराष्ट्र में करंजी[2], बिहार में पिड़की[3], आंध्र प्रदेश में कज्जिकयालु[4], कहते हैं। उत्तर भारत में होली तथा दक्षिण भारत में दीपावली के अवसर पर घर में गुझिया बनाने की परंपरा है।[5] गुझिया मुख्य रूप से दो तरह से बनाई जातीं है, एक- मावा भरी गुझिया, दूसरी रवा भरी गुझिया। मावा इलायची भरी गुझिया के ऊपर चीनी की एक परत चढ़ाकर वर्क लगाकर इसको एक नया रूप भी देते हैं। मावा के साथ कभी कभी हरा चना, मेवा या दूसरे खाद्य पदार्थ मिलाकर, जैसे अंजीर या खजूर की गुझिया भी बनाई जाती हैं।
व्यंजन विधि
गुझिया में भरने के मिश्रण के लिये आवश्यक सामग्री और विधि
- मावा - ४०० ग्राम,
- सूजी - १०० ग्राम,
- घी - २ बड़े चम्मच,
- चीनी - ४०० ग्राम,
- काजू - १०० ग्राम (एक काजू को ५-६ टुकड़े करते हुये काट लें),
- किशमिश - ५० ग्राम (डंठल हों तो, तोड़ दें),
- छोटी इलायची - ७-८ (छील कर कूट लें),
- सूखा नारियल - १०० ग्राम (कद्दूकस कर लें)।
विधि- भारी तले की कढ़ाई में मावा को गुलाबी होने तक भूनें और एक बर्तन में निकाल लें। कढ़ाई में घी डाल कर, सूजी को हल्का भूरा भून कर, एक तश्तरी में निकाल लें। चीनी को पीस लें। सूखे मेवे तैयार रखें। मावा, सूजी, चीनी और मेवों को अच्छी तरह मिला लें। गुझियों में भरने के लिये मिश्रण तैयार है।
गुझिया का आटा तैयार करने के लिये आवश्यक सामग्री और विधि
- मैदा - ५०० ग्राम,
- दूध या दही - ५० ग्राम (जो आप चाहें),
- घी - १२५ ग्राम आटा गूथने में डालने के लिये, और तलने के लिये।
विधि- मैदा को किसी बर्तन में छान कर निकाल लें। घी पिघला कर आटे में डाल कर, अच्छी तरह मिलाएँ। दूध डालकर आटे में मिलाएँ और पानी की सहायता से कड़ा आटा गूथ लें। आटे को आधा घंटे के लिये गीले कपड़े से ढककर रख दें। आटे को खोलें और मसल मसल कर मुलायम कर लें। आटे से छोटी-छोटी लोई तोड़ कर बना लें (इस आटे से ५०- ५५ लोइयाँ बन जायेगी)। लोइयों को गीले कपड़े से ढककर रखें। एक लोई निकालें ४ इंच के व्यास में पूरी बेलें। थाली में रख दें। इसी तरह १० लोइयाँ बेल कर थाली में रख लें। बेल कर रखी हुई पूरियों में से एक पूरी उठाएँ, इसे साँचे के ऊपर रखें, १ चम्मच मिश्रण पूरी के ऊपर डालिये, किनारों पर उँगली के सहारे से पानी लगाएँ, साँचे को बन्द करें, दबाएँ, अतिरिक्त पूरी हटा दें। साँचे को खोलें और गुझिया निकाल कर थाली में रखें। इसी प्रकार गुझियाँ बना लें। मोटे तले की कढ़ाई में घी डाल कर गरम करें, गरम घी में ७-८ गुझिया लें और गुलाबी होने तक पलट पलट कर तल लें। कढ़ाई से गुझिया निकाल कर थाली में रखें। सारी गुझिया इसी तरह तल लें। गुझिया गरम भी परोसी जा सकती है और ठंडी होने के बाद हवाबंद डिब्बे में १०-१५ दिनों तक खराब नहीं होती।[6]
संदर्भ
- ↑ "छत्तीसगढ़ी व्यंजन" (एचटीएमएल). टीडीआईएल. http://tdil.mit.gov.in/ggs/Sanskritik_CG(HTML)/Sanskritik_Chhattisgarh/Foods.htm. अभिगमन तिथि: २००८.
- ↑ "गुझिया". लोगोस डिक्शनरी. http://www.logosdictionary.org/pls/dictionary/new_dictionary.gdic.main?word=%E0%AA%95%E0%AA%9A%E0%AB%8B%E0%AA%B0%E0%AB%80. अभिगमन तिथि: २००८.
- ↑ "गुझिया और पिड़किया". रेसिपी बाज़ार. http://www.recipezaar.com/179639. अभिगमन तिथि: २००८.
- ↑ "Kajjikayalu - Traditional Andhra Sweet" (अँगरेज़ी में). साइलस किचेन. http://www.sailusfood.com/2006/06/01/kajjikayalu-traditional-andhra-sweet/. अभिगमन तिथि: २००८.
- ↑ "हाऊ टु मेक गुझिया फॉर दिवाली" (अँगरेज़ी में) (एचटीएमएल). ईहाउ.कॉम. http://www.ehow.com/how_2061658_make-gujia-diwali.html. अभिगमन तिथि: 2008.
- ↑ "गुझिया" (एचटीएमएल). निशामधूलिका. http://nishamadhulika.com/sweets/gujiya-recipe.html. अभिगमन तिथि: २००९.
बाहरी कड़ियाँ
- गुझिया (निशा मधुलिका)
- खोया की गुझिया (देशबन्धु)
- गुझिया (जागरण सखी)