आइनू लोग

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अपने परम्परागत परिधान में कुछ आइनू लोग
एक आइनू पुरुष (सन् 1880 में खींची गई तस्वीर)

आइनू (जापानी: アイヌ) जापान के उत्तरी भाग और रूस के सुदूर पूर्वी भाग में बसने वाली एक जनजाति है। यह होक्काइडो द्वीप, कुरिल द्वीपसमूह और साख़ालिन द्वीप पर रहते हैं। समय के साथ-साथ इन्होने जापानी लोगों से शादियाँ कर लीं हैं और उनमें मिश्रित हो चुके हैं।[1] इस वजह से इनकी संख्या का सही अनुमान लगा पाना कठिन है। अंदाज़ा लगाया जाता है कि विश्व में 25,000 से 2,00,000 के बीच आइनू रहते हैं।[2]

आइनू लोगों कि जड़ें[संपादित करें]

आइनुओं का रंग अन्य जापानियों से गोरा होता है और उनके शरीर पर बाल ज़्यादा होते हैं (पुराने ज़माने में आइनू पुरुष अक्सर घनी दाढ़ियाँ रखा करते थे)। इस कारण से कुछ वैज्ञानिकों का कभी यह मानना हुआ करता था के इनका सम्बन्ध यूरोप के लोगों से है। लेकिन आनुवंशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) के अध्ययन से पता चला है कि इनका यूरोपीय लोगों से कोई सम्बन्ध नहीं। पितृवंश समूह के नज़रिए से यह अधिकतर पितृवंश समूह डी के वंशज पाए गए हैं, जो जापान में काफ़ी पाया जाता है और जापान के बाहर केवल तिब्बत और भारत के अण्डमान द्वीपसमूह में ही अधिक मिलता है।[3] मातृवंश समूह की दृष्टि से आइनूओं में मातृवंश समूह वाइ, मातृवंश समूह डी, मातृवंश समूह ऍम7ए और मातृवंश समूह जी1 मिलते है।[3][4][5] ये सभी पूर्वी एशिया, मध्य एशिया और कुछ हद तक उत्तर और दक्षिण अमेरिका में मिलते हैं। पितृवंश और मातृवंश दोनों ही संकेत देते हैं कि आइनू लोग पूर्वी एशिया के ही क्षेत्र में उत्पन्न हुए हैं।

भाषा[संपादित करें]

आइनूओं के विभिन्न समुदाय आइनू भाषापरिवार की विभिन्न भाषाएँ बोला करते थे। इन भाषाओं को एक प्राथमिक भाषा परिवार माना जाता है, यानि यह किसी अन्य भाषा परिवार का हिस्सा नहीं हैं। आधुनिक युग में 100 से भी कम लोग आइनू भाषाओं को अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। माना जाता है कि आइनू भाषाएँ सदा के लिए लुप्त होने के बहुत क़रीब हैं।

संस्कृति[संपादित करें]

पारम्परिक आइनू संस्कृति जापानी लोगों कि संस्कृति से बहुत अलग थी। पुरुष एक आयु के होने के बाद कभी भी दाढ़ी नहीं काटते थे। औरतें और मर्द दोनों अपने बाल कन्धों तक लम्बे रखा करते थे। स्त्रियों में होठों के आसपास गुदवाकर (यानि टैटू कर के) रंगने को शृंगार का रूप माना जाता था। इसका रंग भूर्ज की छाल जलाकर मिली कालिख से बनाया जाता था। स्त्री और पुरुष ऍल्म के वृक्ष की अंदरूनी छाल के रेशों से बने बड़े लपेटने वाले चोग़े पहनते थे।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]


सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Encyclopedia of bilingualism and bilingual education, Volume 1997, Colin Baker, Sylvia Prys Jones
  2. Poisson, B. 2002, The Ainu of Japan, Lerner Publications, Minneapolis, p.5.
  3. Tajima, Atsushi; et al. (2004). "Genetic origins of the Ainu inferred from combined DNA analyses of maternal and paternal lineages". Journal of Human Genetics 49 (4): 187–193. doi:10.1007/s10038-004-0131-x. PMID 14997363. 
  4. Tanaka, Masashi; et al. (2004). "Mitochondrial Genome Variation in Eastern Asia and the Peopling of Japan". Genome Research 14 (10A): 1832–1850. doi:10.1101/gr.2286304. PMC 524407. PMID 15466285. 
  5. Noboru Adachi, Ken-ichi Shinoda, Kazuo Umetsu, and Hirofumi Matsumura, "Mitochondrial DNA Analysis of Jomon Skeletons From the Funadomari Site, Hokkaido, and Its Implication for the Origins of Native American," American Journal of Physical Anthropology 138:255–265 (2009)