300 (फ़िल्म)

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थ्री हण्ड्रेड
३०० फ़िल्म पोस्टर.jpg
पोस्टर
निर्देशक ज़ैक स्नायडर
निर्माता

मार्क कैंटन
बर्नी गोल्डमेन
गियानी नुनारी

जेफ्री सिल्वर
पटकथा

ज़ैक स्नायडर
कर्ट जॉनस्टेड

माइकल बी. गोर्डन
कथावाचक डेविड वेन्हेम
अभिनेता

जेरार्ड बटलर
लेना हेडी
डेविड वेन्हेम
डाॅमिनिक वेस्ट
विन्सेंट रेगन

रोड्रिगो सेंटोरो
संगीतकार टायलर बेट्स
छायाकार लैरी फोंग
संपादक विलियम हॉय
स्टूडियो लिजेंड्री पिक्चर्स
वर्चुअल स्टूडियो
कृअल एंड अन्युज्वल फ़िल्म्स
वितरक वॉर्नर ब्रॉस. पिक्चर्स
प्रदर्शन तिथि(याँ) ९ दिसम्बर २००६ (बट-नमब-ए-थों)
९ मार्च २००७ (अमेरिका)
समय सीमा ११७ मिनट
देश संयुक्त राष्ट्र
भाषा अंग्रेज़ी
लागत ६.५ करोड़ डॉलर[1]
कुल कारोबार ४५,६०,६८,१८१ $[2]

'300 वर्ष २००६ की अंग्रेजी भाषा में बनी अमेरिकी मिथकीय युद्ध गाथा प्रधान फ़िल्म है, जो १९९८ में प्रकाशित फ्रैंक मिलर एवं लिन वैर्ले द्वारा रचित इसी समान नाम की काॅमिक्स श्रंखला पर आधारित है। दोनों की कहानियों में थेर्मोपायलेय के रण में हुए फ़ारसियों के साथ हुई युद्ध को पूनर्वर्णित किया गया है। फ़िल्म का निर्देशन ज़ैक स्नायडर ने किया है, साथ ही मिलर ने कार्यकारी निर्माता के साथ परामर्शदाता की बागडोर संभाली है। फ़िल्मांकन का काम बेहद सुपर-इम्पोजिशन क्रोमा की तकनीक के साथ किया गया है, जोकि मूल काॅमिक्स पुस्तक में चित्रों के सहारे हुबहू दोहराया गया है।

कहानी का सार राजा लियोनिडैस (जेरार्ड बटलर) के इर्द-गिर्द घुमती है, जिन्होंने अपने ३०० स्पार्टा के साथ खुद को देवता समान सर्वेसर्वा समझने वाले फारसियों के राजा ज़ेर्क़िएस (रोड्रिगो सैन्टोरो) और उसकी ३००,००० हमलावर सिपाहियों के विरुद्ध महान लड़ाई लड़ता है। इस युद्ध के उत्साह को कायम रखने के लिए, रानी गोर्गो (लेना हेडी) स्पार्टा के लोगों से अपनी पति के लिए प्रोत्साहन पाने की कोशिश करती है। फ़िल्म में कथनात्मक के तौर पर स्पार्टा सिपाही डिलिओस (डेविड वेनहैम) की आवाज ली गई है। फ़िल्म की कथावाचक की तकनीकी शैली में, विभिन्न हैरतअंगेज प्राणियों के साथ, उन ३०० लोगों की साथ यह एक ऐतिहासिक मिथकीय गाथा बन गई है।

फ़िल्म "300" को बतौर पारंपरिक दोनों तरीकों से संयुक्त राष्ट्र के आईमैक्स थियटरों में मार्च ०९, २००७ और घरेलू विडियो के तौर पर जुलाई ३१, २००७ में डीवीडी, ब्लू-रे डिस्क एवं एचडी डीवीडी के रूप में जारी किया गया। फ़िल्म की मिश्रित प्रतिक्रिया मिलने बाद भी, इसके मूल विजुवल दृश्यों एवं शैली की काफी सराहना की गई, लेकिन विजुवल इफैक्टस के अधिक उपयोग से चरित्रांकन कमजोर होने तथा ईरान के प्राचीन फ़ारसियों को, उनके चरित्र को काफी हद तक जातिवाद से प्रेरित बताने पर काफी आलोचना हुई; हालाँकि फ़िल्म ने बाॅक्स ऑफिस पर अपनी बेहतरीन उपस्थिति दिखाकर, करीब $४५० करोड़ से अधिक का व्यवसाय कर, सदी की सबसे बड़ी बाॅक्स ऑफिस इतिहास के २४वें पायदान पर जीत दर्ज करायी। फ़िल्म की अगली सिक्विल, 300: राइज ऑफ एन एम्पायर, जो मिलर की ही अप्रकाशित ग्राफिक उपन्यास ज़ेर्क़िएस पुर्वागम पर आधारित है, इसे मार्च ७, २०१४ में प्रदर्शित किया गया।

सारांश[संपादित करें]

सन् 479 ईसा पूर्व, थेर्मोपाइलेय के युद्ध के एक साल बाद, डिलिओस, नामक प्राचीन स्पार्टा पैदल सैनिक, लियोनिडैस प्रथम के बचपन से लेकर स्पार्टा रिवाजों के जरिए उनको राजा बनाए जाने तक की कहानी सुनाता है। डिलिओस की कहानी जारी रहती है, जिसके मुताबिक एक फ़ारसी दूत स्पार्टा की दहलीज पर राजा ज़ेर्क़िएस के हुक्म से "जमीन और पानी" की गुज़ारिश करता है, अन्यथा इंकार की सूरत में उसे कोप का भाजन बनने की धमकी देता है; स्पार्टा इस प्रयुत्तर में दूत और उसके सिपाहियों को लात मारकर अंधे कुंए में गिरा डालता है। लियोनिडैस तब एफ़ाॅर्स नामक पंडे-पुजारियों से मिलने जाता है, ताकि वह यह रणनीति समझा सकें कि वह उन फ़ारसियों की विशाल सेना को भी देश सीमाद्वार से पीछे हटा सकते हैं; योजना के मुताबिक वह ऐसी तंग गलियारे की दीवार का निर्माण करेंगे जिससे फ़ारसियों की फौज चट्टानों और समुद्र के रास्ते फंस जाएं। एफ़ाॅर्स तब परामर्श के लिए ऑरैक्ल की भविष्यवाणी सुनते हैं, जो अपना फ़रमान देता है कि कार्निया के वक्त स्पार्टाओं का युद्ध पर जाना सही नहीं होगा। हताशा और गुस्से से भरा लियोनिडैस के लौटते ही, उनके पीछे ज़ेर्क़िएस का दूत आ जाता है, जो एफ़ाॅर्स को उनके प्रछन्न सहयोग के लिए बतौर इनाम देता है।

हालाँकि एफ़ाॅर्स की इजाजत के बिना भी अपनी स्पार्टन सिपाहियों को लामबंद करते हुए, लियोनिडैस उनमें चुने हुए तीन सौ बेहतरीन सैनिकों को बहाने से अपना अंगरक्षक बताकर; आर्केडियन्स के रास्ते ले चलता है। थेर्मोपाइलेय पहुँचकर, वे चट्टानों की दीवार खड़ी कर देते हैं और मारे गए टोही फ़ारसियों की लाशें उन्हीं के बीच चूनवा देते हैं, इस हरकत से फ़ारसी दूत बुरी तरह क्रोधित हो उठता है। उन्हीं में से स्टेलियोस, नाम का एक संभ्रांत स्पार्टा सैनिक, उन फ़ारसियों को सीमा से वापिस जाने को कहता है और ज़ेर्क़िएस के नाम पर इसी तरह बांह काट डालने की सजा की चेतावनी देता है। इसी दौरान, लियोनिडैस की मुलाकात एफ़ियाल्टिस, नाम के कुरूप स्पार्टावासी से होती है जिसे शायद उसके अभिभावकों ने स्पार्टा के कानून अनुसार शिशु हत्या से बचाने के लिए वहां से भाग निकले थे। एफ़ियाल्टिस अपने पिता की इसी मुक्ति के लिए वह लियोनिडैस से फौज में बहाल होने की दर्ख़ास्त करता है, लेकिन लियोनिडैस उसे चेताता है कि वह फ़ारसियों के लिए कभी भी बलि का शिकार हो सकता है जिसके चलते पूरी स्पार्टा फौज घिर सकती है। उसपर तरस खाकर, लियोनिडैस उसके शारीरिक अक्षमता को देखते हुए इंकार कर देता है क्योंकि वह अपनी ढाल जरूरत हिसाब से ऊँचा उठा नहीं पाता; जिसके लिए सैन्य व्यूह रचना में जरूरी संभावना होनी चाहिए, एफ़ियाल्टिस यह सुन बेहद खफा हो जाता है।

जल्द ही वह जंग शुरू हो जाती है जब स्पार्टन हथियार समर्पण से इंकार कर देते हैं। एकमात्र प्रवेश मार्ग के तंग रास्तों का उन्हें बखूबी लाभ मिलता है, और अपनी बेहतरीन युद्ध कौशल के बलबूते, स्पार्टन अपने वेग से समूचे फ़ारसियों की फौजों की लहर को भी पीछे ढकेल देती। युद्ध के थमने दौरान, ज़ेर्क़िएस खुद लियोनिडैस से मिलकर आत्मसमर्पण करने को कहता है, उसकी मुल्क के प्रति वफादारी को देख बदले में दौलत और ताकत का न्यौता देने को मान जाता है; लियोनिडैस यह पेशकश ठुकराता है और उसी के शूरवीर समझने वाले सिपाहियों को घटिया दर्जे का बताकर ज़ेर्क़िएस को बनावटी कहकर खिल्ली उड़ाता हैं। इस प्रत्युत्तर में, ज़ेर्क़िएस अपनी अग्रिम रक्षकों को लड़ने भेज देता है, जोकि रात के बाद अमर हो जाते हैं। हालाँकि कुछेक स्पार्टाओं के मारे जाने बाद भी, वे बड़े पराक्रमी से उन अमर रक्षकों हरा डालते है (जिसमें से कुछ आर्केडियेन्स भी मदद ली जाती है)। फिर दूसरे दिन, ज़ेर्क़िएस एक नई फौजों की खेप एशिया और अन्य फ़ारसी नगरीय मुल्क से बुलाई जाती है, जिसमें जंगी हाथी को भी शामिल किया जाता है, ताकि सभी स्पार्टाओं को एक वार में कुचला जा सकें, पर सभी तरीके नाकाम रहते हैं। इस बीच, एफ़ियाल्टिस उस खुफिया रास्ते का भेद ज़ेर्क़िएस को बता देता है इस शर्त पर कि उसे भी दौलत, ऐशो-आराम और एक (विशेष) वर्दी दी जाए। आर्केडियेन्स को जल्द ही एफ़ियाल्टिस की इस दगाबाजी का पता चलता है, लेकिन स्पार्टन वहीं रह जाते हैं। लियोनिडैस तब जख्मी लेकिन अनिच्छुक डिलिओस को वापिस स्पार्टा जाने का हुक्म देते है और यहाँ घटित हर वाकये को हर किसी से, "विजय गाथा" की तरह वाकिफ कराने कहते हैं।

स्पार्टा में, रानी गोर्गो उन ३०० सिपाहियों की सहायता के लिए स्पार्टन समिति से अतिरिक्त बल भेजने की गुहार लगाती है। लेकिन भ्रष्ट राजनीतिज्ञ थेराॅन, जिसके मुताबिक यह समिति उसके ही "हक" में बोलेगी तथा यहां तक की रानी साहिबा पर लांछन डालता है, कि अपनी मांग मनवाने के लिए वह जिस्मानी संबंध से भी गुरेज नहीं करेगी। मौजूदा सभा में थेराॅन को अपने खिलाफ बेज्जती होते देख, गोर्गो रोष में आपा खोकर उसकी हत्या कर डालती है, जिसके साथ ही उसके लबादे में छिपा ज़ेर्क़िएस की सोने के मुहरेवाली अशर्फियों भरा थैला गिर जाता है। इस बेइमानी के खुलासे पर, सभी सांसदों की सर्वसम्मति से अतिरिक्त बलों को भेजने की अनुमति मिल जाती है। तीसरे दिन, फ़ारसी फौज, एफ़ियाल्टिस का अनुसरण करते हुए, उसके बताए खुफिया रास्तों से गुजरकर, स्पार्टाओं को घेर लेती है। ज़ेर्क़िएस का सेनापति दुबारा उनसे आत्मसमर्पण करने की मांग करते हैं। लियोनिडैस लगभग खुद को घुटने टेकते हुए दर्शाता है, तभी स्टेलियोस उसकी पीठ पर कुदकर छलाँग लगाता है और सेनापति को मार डालता है। कुपित ज़ेर्क़िएस अपने सिपाहियों को हमले के लिए आदेश देता है। लियोनिडैस उठ खड़ा होता है और ज़ेर्क़िएस पर भाला फेंक डालता है; इस मामूली चूक में भी, गुजरता हुआ भाला काटते हूए उसका चेहरा जख्मी कर डालता है, और साबित हो जाता है कि उनका तथाकथित "देवताओं के राजा" भी नश्वर है। लियोनिडैस और उसके बचे खुचे स्पार्टन लड़ाके भी अंतिम शख्स से लड़ते हैं की आखिर में सभी तीरों की भयंकर बौछार से मारे जाते हैं।

डिलिओस स्पार्टा लौटता है, जिसके साथ ही सभा में सुनाई व्याख्यान भी खत्म होती है। अपने राजा की कुर्बानी से प्रेरित होकर, युनानी अपनी ४०,००० विशाल बलवान फौज और १०,००० स्पार्टाओ के साथ उन फ़ारसियों से आमने-सामने खड़ी होती है। बाद में उन ३०० लोगों के उपलक्ष्य के उनकी आखिरी बोल के साथ, स्पार्टा फौज का नया कप्तान, डिलिओस, फ़ारसियों से लड़ने प्लैटेया के मैदान उतरता है, और फ़िल्म समाप्त होती है।

भूमिकाएँ[संपादित करें]

(गोर्गो की भूमिका फ़िल्म में लंबी उतनी नहीं जितना काॅमिक्स में, उनका सिर्फ शुरुआत में ही उल्लेख है)। [4]

  • जियोवैनी किम्मीनो - प्लेस्तर्कुस, लियोनिडैस तथा गोर्गो का बेटा (हालाँकि काॅमिक्स में उनका कहीं उल्लेख नहीं है)।[4]
  • डाॅमिनिक वेस्ट - थेराॅन, एक काल्पनिक भ्रष्ट राजनेता (यद्यपि काॅमिक्स में उनका कहीं उल्लेख नहीं है)। [4]
  • विंसेन्ट रेगैन - कप्तान अर्टेमिस, लियोनिडैस का शाही कप्तान एवं उनका मित्र।
  • टाॅम विजडम - एस्टिनोस, कप्तान अर्टेमिस का बड़ा बेटा। फ़िल्म के पात्र एस्टिनोस जितना मरने से पूर्व में जैसा दर्शाया है वैसा काॅमिक्स में सिर्फ उनके शहीद होने तक ही जानकारी मिलती है।) [4]
  • एंड्रयू प्लेविन - डैक्साॅस, आर्केडियेनों का सरदार जो लियोनिडैस की सेना में शामिल होता है।
  • एंड्रयू टिएर्नैन - एफ़ियाल्टिस, एक निष्कासित और कुरूप स्पार्टा जो बाद में स्पार्टाओं से गद्दारी करता है।
  • राॅड्रिगो सैनटोरो - राजा ज़ेर्क़िएस, फ़ारस का राजा।
  • स्टीफन मैक'हैटी - एक निष्ठावान स्पार्टन राजनीतिज्ञ।
  • माइकल फास़बेंडर - स्टेलियोस, एक बेहद ऊर्जावान युवा और बहुत उच्च दर्जे का स्पार्टन सिपाही।
  • पीटर मेनसाह - एक फ़ारसी दूत, जिसे लियोनिडैस ने लात मारकर अंधे कुएँ में घकेल दिया।
  • केली क्रैग - पाइथिया, एक एफ़ाॅर्स जो भविष्यवाणी कराता है।
  • टायलर नित्ज़ल - किशोर लियोनिडैस।
  • राॅबर्ट मैलेट - उबेर एक अविनाशी (दानव), एक दानव सरीखा और बेहद विक्षिप्त अविनाशी जिसके साथ लियोनिडैस की असंभव सी लड़ाई होती है।
  • पैट्रिक सैबाॅन्गुई - फ़ारसी सेनापति जो युद्ध के आखिर में लियोनिडैस को समर्पन होने को कहता है।
  • लियोन लैडेरैक - एक भीमकाय जल्लाद, जिसके पंजेनुमा हाथों से ज़ेर्क़िएस अपने ही असफल सिपाहियों की जाने ले लेता है।
  • टायरन बेनस्किन - फ़ारसी दूत, जिसका हाथ काट लिया जाता है।

कास्ट[संपादित करें]

डबिंग के लिए गुणवत्ता लाइसेंस की वजह से दो हिन्दी डबिंग संस्करण जारी किये गये।

चरित्र विश्व अभिनेता मूल भारत हिन्दी डबिंग भारत हिन्दी डबिंग २
राजा लियोनिडैस जेरार्ड बटलर ???? ????
रानी गोर्गो लेना हेडी तराना राजा ????
प्लेस्टारचास गिओवानी सिमिनो ???? ????
थेरोन डाॅमिनिक वेस्ट ???? ????
राजा ज़ेर्क़िएस रोडीगो सेंटोरो विक्रांत चतुर्वेदी ????
डिलिओस डेविड वेन्हेम राजेश खट्टर ????
कैपटन आर्टेमिस विन्सेंट रेगन ???? ????
अस्तिनोस टॉम विस्डम ???? ????
देक्सोस एंड्रू प्लेविन ???? ????

हिन्दी डबिंग कलाकार १[संपादित करें]

हिन्दी डबिंग कर्मचारी २[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Corliss, Richard (१४ मार्च २००७). "7 Reasons Why 300 Is a Huge Hit". Time. Archived from the original on १५ अक्टूबर २००८. http://www.time.com/time/arts/article/0,8599,1598977,00.html. अभिगमन तिथि: १८ नवम्बर २००८. 
  2. "300 (2007)". Box Office Mojo. Archived from the original on १३ मार्च २००९. http://www.boxofficemojo.com/movies/?id=300.htm. अभिगमन तिथि: ८ मार्च २००९. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]