३१ फ़रवरी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

३१ फ़रवरी, आधुनिक पश्चिमी पंचांगों के सम्बन्ध में, काल्पनिक तिथि है। यह तिथि कभी-कभी उदाहरणों के लिए प्रयुक्त होती है, यह स्पष्ट करने के लिए कि जो सूचना प्रस्तुत कि जा रही है, चाहे वह किसी भी परिदृश्य में क्यों ना हों, वह कृत्रिम है नाकि वास्तविक। ३० फ़रवरी को भी कभी-कभी इसी प्रकार प्रयुक्त किया जाता है, यद्यपि बहुत से अन्य पंचांगों में यह तिथि वैधता से प्रयुक्त होती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]