हिन्दी साहित्य का सुबोध इतिहास

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

हिन्दी साहित्य का सुबोध इतिहास बाबू गुलाबराय की आलोचनात्मक कृति है। यह १९३८ में प्रकाशित हुई। हिन्दी साहित्य के सुदीर्घ इतिहास को सर्वग्राह्य बनाने के लिये उन्होने इस ग्रन्थ की रचना की। ध्यातव्य है कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का हिंदी साहित्य का इतिहास इसके पहले आ चुका था और अति सम्माननीय होने के बावजूद यह साधारण लोगों के लिये अति गम्भीर और 'अबोध' माना जाता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]