स्वर बैठना/गला बैठना

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गला बैठना अथवा स्वर बैठना गले की उस अवस्था को कहते हैं जिसमें बोलते समय साथ में साँस भी तेजी से आये, आवाज में कर्कशपन आ जाये अथवा आवाज में तनाव अथवा स्वर कमजोर हो जाये।[1] गला बैठना दुःस्वरता का लक्षण है जिसे गलती से इसके पर्याय के रूप में भी काम में लिया जाता है।[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Hoarseness". NIDCD. 2015-08-18. अभिगमन तिथि 2018-10-28.
  2. Johns MM, Sataloff RT, Merati AL, Rosen CA (August 2010). "Shortfalls of the American Academy of Otolaryngology-Head and Neck Surgery's Clinical practice guideline: Hoarseness (Dysphonia)". Otolaryngology--Head and Neck Surgery. 143 (2): 175–7, discussion 175-80. PMID 20647114. डीओआइ:10.1016/j.otohns.2010.05.026.