स्वयोजित कोलेस्ट्रॉल सिस्प्लैटिन २ आधारित नैनोकण

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स्वयोजित कोलेस्ट्रॉल सिस्प्लैटिन २ आधारित नैनोकण (सैकन्स) (अंग्रेज़ी: self assembling cholesterol cisplatin 2 based nanoparticles/ SACNs) कैंसर रोधी दवा निर्माण की एक तकनीक है।[1] इस प्रणाली के अंतर्गत सिस्प्लैटिन, जो कि कीमोथैरेपी में प्रयोग होता है, को कोलेस्ट्रॉल के साथ जोड़कर नैनोकण के साथ रखा जाता है।[2] इस दवा का प्रमुख उपयोग कैंसर के हानिरहित इलाज में किया जा सकता है।[3] भारत में इस तकनीक का प्रयोग कर आईआईएसईआर, पुणे (IISER, Pune) के वैज्ञानिकों द्वारा हानिरहित कैंसर की दवा का निर्माण किया गया है। इस दवा में प्रयुक्त नैनोकणों की मोटाई बालों की मोटाई से भी ६00 गुणा कम है।[4]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Cholesterol-tethered platinum II-based supramolecular nanoparticle increases antitumor efficacy and reduces nephrotoxicity PNAS, USA द्वारा १0 जुलाई २0१२ को प्रकाशित; अभिगमन तिथि-१४ अगस्त २0१२
  2. Making Cisplatin Nanoparticles Chemistryviews में ३ अगस्त २0१२ को प्रकाशित; अभिगमन तिथि- १४ अगस्त २0१२
  3. First-Of-Its-Kind Approach Nanomedicine Design Effectively Targets Cancer With Decreased Toxicity Sciencedaily में १0 जुलाई २0१२ को प्रकाशित; अभिगमन तिथि-१४ अगस्त २0१२
  4. Cholesterol-thethered platinum 2 based supramolecular nanoparticle increases antitumor efficacy and reduces nephrotoxity http://www.pnas.org पर प्रकाशित शोधपत्र, अभिगमन तिथि- १४ अगस्त २0१२