स्वयंभूनाथ
| स्वयंभूनाथ | |
|---|---|
| धर्म संबंधी जानकारी | |
| सम्बद्धता | हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म |
| देवता | शिव |
| अवस्थिति जानकारी | |
| अवस्थिति | स्वयंभू काठमाण्डू |
| देश | नेपाल |
स्वयंभूनाथ (या, स्वयम्भू स्तूप) काठमाण्डू नगर के पश्चिम में एक पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन बौद्ध स्तूप है। बौद्ध धर्म के अनुयायी नेवारी लोगों के दैनिक जीवन में स्वयंभूनाथ का केन्द्रीय स्थान है। यह स्थान उनके लिये सबसे पवित्र बौद्ध स्थल है। तिब्बती लोगों तथा तिब्बती बौद्ध-धर्म के अनुयायियों के लिये बौद्धनाथ के बाद इसका ही स्थान है।
विश्व धरोहर में सम्मिलित स्वयंभू विश्व के सबसे भव्य बौद्ध स्थलों में से एक है। इसका संबंध काठमांडू घाटी के निर्माण से जोड़ा जाता है। काठमांडू से तीन किलोमीटर पश्चिम में घाटी से 77 मी. की ऊंचाई पर स्थित है स्वयंभू। इसके चारों ओर बनी आंखों के बार में माना जाता है कि ये गौतम बुद्ध की हैं जो चारों दिशाओं में देख रही हैं।
व्युत्पत्तिगत अर्थ
[संपादित करें]स्वयंभू या शंभू भगवान शिव का एक नाम है। "शंभू" शब्द का अर्थ है उपकारक, सौभाग्य देने वाला, या सुख प्रदान करने वाला। नाथ का अर्थ है स्वामी, स्वामी या स्वामी। अतः शंभूनाथ शब्द का शाब्दिक अर्थ है — "शंभूर नाथ" अर्थात "स्वयं शिव, जो सबके स्वामी और सौभाग्य दाता हैं।" अर्थात् यह नाम शिव की एक सम्मानजनक उपाधि है, जिसका अर्थ है "महादेव, जो सभी शुभ के स्वामी हैं।"
इतिहास
[संपादित करें]चित्र दीर्घा
[संपादित करें]- स्वयंभूनाथ स्तूप
- स्वयंभूनाथ स्तूप
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