स्थानकवासी

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स्थानकवासी, श्वेताम्बर जैन सम्प्रदाय का एक उपसम्प्रदाय है। इसकी स्थापना १६५३ के आसपास लवजी नामक एक व्यापारी ने की थी। इस सम्प्रदाय की मान्यता है कि भगवान निराकार है, अतः ये किसी मूर्ति की पूजा नहीं करते।

5 क्रियोद्धारकों की शिष्य परम्परा स्थानकवासी परम्परा कहलाई ?

पूज्य श्री जीवराज जी म.सा.

पूज्य श्री लवजी ऋषि म.सा.

पूज्य श्री धर्मसिंहजी म.सा.

पूज्य श्री धर्मदासजी म.सा.

पूज्य श्री हरजीऋषि म.सा.

स्थानकवासी जैन पुरे भारत में है और भारत से बाहर भी काफी संख्या में है

स्थानकवासी जैन अपने नाम के पीछे अपनी गोत्र लगाते है

Shah

Jain

Bhansali

Jaswa

Sandesara

Mehta

Bhavsar

Fozdar

Chopra

Chheda

Keer

Sanklecha

Kharidia

Oswal

Vora

Gandhi

Doshi

Dagli

Desai

Choliya

Bhimani

Bhandari

Kobavala

Bagadiya

Daftary

Sanghvi

Avalani

Saraiya

Vasani

Talsania

Sutaria

Kapadia

Hemani

Goda

Reshamwala

Sheth

Hadaliya

Patwa

Kamdar

Safi

Chokshi

Chalishazar

Parikh

Dedhia

Dalal

Somani

Gosalia

Jhatakia

Boonlia

Gorecha

Gadecha

Baghmar

Golecha

Akolavala

Zaveri

Maniar

Khandhar