सोलन जिला

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सोलन ज़िला
Solan district
मानचित्र जिसमें सोलन ज़िला Solan district हाइलाइटेड है
सूचना
राजधानी : सोलन
क्षेत्रफल : 1,936 किमी²
जनसंख्या(2011):
 • घनत्व :
5,76,670
 300/किमी²
उपविभागों के नाम: तहसील
उपविभागों की संख्या: 7
मुख्य भाषा(एँ): पहाड़ी, हिन्दी


सोलन भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश का एक जिला है।

जिले का मुख्यालय सोलन है।

क्षेत्रफल - वर्ग कि.मी.

जनसंख्या - (2001 जनगणना)

साक्षरता -

एस. टी. डी (STD) कोड - 01792

जिलाधिकारी - (सितम्बर 2006 में)

समुद्र तल से उचाई -

अक्षांश - उत्तर

देशांतर - पूर्व

औसत वर्षा - मि.मी.


कई गलतियाँ हो सकती है माफ़ी आपेक्षित है ।

जानिये सोलन के बारे में क्यों गर्व करे हम ।

    सोलन में एशिया की पहली कृषि वानिकी और बागवानी यूनिवर्सिटी स्थपित हूई थी ।

जिसमे से कृषि यूनिवर्सिटी अब पालमपुर चली गयी है। सोलन में आज़ादी के बाद हिमाचल के सबसे जयादा ऑफिस खुले थे जो बाद में अन्य भागो में स्थानांतरित हो गए। आप को जान कर हैरानी होगी की पंजाब यूनिवर्सिटी भी कुछ समय के लिए सोलन के आर्मी एरिया में स्थानातरित हुयी थी ।पर इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। सोलन इंडिया की पहली मशरूम सिटी है जहाँ मशरूम के लिए कुदरती वातावरण पाया गया । आज देश का मशरूम ट्रेनिंग सेन्टर स्थापित है । सोलन की पुरानी रियासत बघाट सवतन्त्रता आन्दोलन में भाग लेने वालो में आगे रही  थी । सोलन में प्रदेश इकलौती सेंट्रल  स्टेट लाइब्रेरी स्थापित है । सोलन में प्रदेश की एकमात्र उर्दू रास्ट्रीय ट्रेनिंग सेन्टर भी स्थापित है । सोलन में जाने माने इंटरनेशनल लेखक सलमान रश्दी का भी घर है ।सोलन में मोहन मेकिन ब्रुररी भी है जो पूरे इंडिया में प्रसिद्ध है ।यह प्रदेश की ही नहीं देश की सबसे पुरानी वाइन बनाने वाली फैक्ट्री  में से एक है ।इसके मालिक कपिल मोहन कभी एशिया के सबसे आमिर लोगो में शुमिर किये जाते थे ।उनकी सोलन नंबर 1 ब्रांड शराब तो पुरे देश में प्रसिद्ध थी ।इसके  इलावा उनके माता के जागरण और केलिन्डर पूरे देश में प्रसिद्ध रहे है । देश के पहले मिनरल वाटर का आगाज़ भी यंही से माना जाता है । कपिल मोहन ने सलोगडा में हेरिटेज पार्क बनाया है जो सोलन टूरिस्ट के लिये एक आदर्श सेन्टर बन चुका है ।

सोलन में चायल के तो कहने क्या

यंहां महाराजा पटियाला का पैलेस होटल पूरे देश में प्रसिद्ध है यंहां मिलिट्री स्कूल भी स्थापित है ।व दुनिया की सबसे ऊंचाई में बना क्रिकेट ग्राउंड भी यंही है ।यंहां वन्य जीव जन्तु के लिए अभ्यरण भी बना है जहाँ जंगली मुर्गे चीतल आपको कई बार सडको में चलते दिखाई पड़ जायेंगे । यंहां ही बाबा भल्खु राम की प्रतिमा भी स्थापित है जिसने कालका शिमला रेल मार्ग व् पूराने हिन्दुस्थान तिब्बत रोड का सर्वे किया व उन्हें बनाने में योगदान दिया

कंडाघाट में प्रदेश का इकलौता महिला बहुतकनीकी कॉलेज स्थापित है । व यंहां पर ही प्रदेश क़ी इकलौती खाद्य पर्दाथो को टेस्ट करने की लैब स्थापित है

  शिक्षा का हब

     सोलन में नौनी यूनिवर्सिटी के इलावा  भी जिले में कई जानी मानी यूनिवर्सिटी शामिल है ।जिसमे आई टी यूनिवर्सिटी वाकनाघाट जिसे भारत की टॉप आई टी यूनिवर्सिटी। में से एक माना जाता है । वाकनाघाट  में ही बाहरा एंड रयात यूनिवर्सिटी  भी स्थापित है  कंडाघाट में  प्रदेश का इकलौता महिला बहुतकनीकी संस्थान ;सोलन में शूलिनी यूनिवर्सिटी नंबर 2 रैंकिंग बायोटेक यूनिवर्सिटी  इंडिया ;मानवभारती यूनिवर्सिटी;मारकण्डेश्वर यूनिवर्सिटी कम हॉस्पिटल;टूटूल का डेंटल कॉलेज; ला कॉलेज व् बी ऐड कॉलेज ;ग्रीन हिल इंजिनियर कॉलेज कुमारहट्टी ; ;सोलन का संस्कृत कॉलेज और;प्रदेश की इकलौती आई एस ओ (आई0 टी0 आई0 चितकारा यूनिवर्सिटी ;बद्दी का इंजिनियर कॉलेज ;सी0 आर0 आई0 कसौली जो की नार्थ इंडिया का इकलौता संसथान है जहाँ गवर्नमेन्ट सेक्टर के लिए डी पी टी के टीके से लेकर स्नेक के काटने से बचाव की दवाईया भी बनायीं जाती है ।ं

इसके इलावा दर्ज़नो छोटे बड़े शिक्षा संस्थान भी सथापित है ।

स्कूल की बात करे तो इंडिया का पांचवा सबसे प्रतिष्ठित स्कूल सनावर कसौली में है जहां से फ़िल्मी इंडस्ट्री से ले कर आर्मी तक में बड़े लोग निकले है चाहे उम्र अब्दुल्ला हो या सुखबीर बादल या संजय दत्त बड़ी 2 सेलेब्रिटी यही से निकली है  । चायल का मिलिट्री स्कूल हो या डगशाई का डगशाई पब्लिक स्कूल और आर्मी पब्लिक स्कूल सभी की धाक दूर दूर तक है ।

इंडस्ट्री की बात करे तो परवाणु हिमाचल का सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र है । उसके बाद बद्दी नालागढ़ बरोटीवाला का  औद्योगिक क्षेत्र् आता है ।जहाँ सुई से लेकर जहाज़ तक के समान व पुरजे बनाये जाते है व पुरे नोर्थ इन्डिया का महत्वपूरण स्थान है ।अर्की क्षेत्र की सीमेंट फैक्ट्री अम्बुजा व जे पी अपना विशेष स्थान रखती है इसके अतिरिक्त यहां खनिजो का भंडार पाया गया है सोलन ज़िले में थोरियम की बात कुछ वैज्ञानिक कहते है कसौली में गढ़कल से तीन किलोमीटर दूरी में ONGC ने तेल के लिए खुदाई की है व कुछ विशेष कारणों से अभी इसे बंद किया गया है future में आप देखेंगे कि यहां से तेल निकलेगा ।सोलन का प्रक्रतिक पीले रग का बालू पूरे हिमाचल में नही मिलता जिसकी मज़बूती को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

   सब्ज़ियों में भी सोलन पूरे हिमाचल में छाया है यहां के टमाटर की डिमांड दिल्ली के फाइव स्टार होटल में है इसके इलावा शिमला मिर्च अदरक ,पलम ,खुमानी अखरोट भी टेस्ट में बेस्ट है ।

  पर्यटन की बात करे तो कसौली का मंकी पॉइंट;सन सेट पॉइंट;

1800 इस्वी का चर्च स्कूल पुरानी इमारते;  टी वी टावर; सी0 आर0 आई0 की 1800 सदी की बिल्डिंग ;नार्थ इंडिया का सबसे पुराना sanatorium टी वी सेन्टर जो कि धर्मपुर में  स्थित है

परवानू का टिम्बर ट्रेल जो वर्ल्ड फेमस है । धर्मपुर में बन रहा सोलन का पहला फाइव स्टार होटल  विक्टोरिया कांटिनेंटल ;सुबाथु व डगशाई की पुरानी चर्च  ।सोलन का करोल पांडव गुफा जिसका एक सिरा पिंजौर में जा के खुलता है ऐसा माना जाता है ।धारो की धार का गोरखों का किला जो की एक रात में जौनाजी से पत्थर ढो कर तैयार किया गया । हैप्पी वैली सोलन ;बाघल रियासत किला अर्की ;handoi रियासत नालागढ  किला ;बघाट रियासत सोलन किला ; कसौली के पास स्थित पट्टा महलोग रियासत का किला ;जोहड़ जी में बाबा जी  की समाधि ; हरिपुर बरोटीवाला में बाबा जी की समाधि jatoli मन्दिर में बाबाजी की समाधि  जो एशिया में सबसे ऊँचा शिव मन्दिर भी 2है नालागढ़ में पीर बाबा की dargagh ;अर्की में झोटो की लड़ाई वाला सयार मेला;कुनिहर की शिव गुफा ;salogada में बन रहा रिलीजियस हेरिटेज सेन्टर;सोलन के पास स्थित कालाघाट की दोलांजी monastery जो की पुरे वर्ल्ड में अपने तरह की इकलौती monastery है  यंहां रहने वाले बुद्धिस्ट sect के लोग पूरे संसार में और कहीं नहीं है ।

   चायल का पैलेस होटल ;साधु पूल व अश्ववनी खड्ड :गिरि पूल  

डग्शाई की 1800 सदी की जेल जिसमे इंडियन को टार्चर किया जाता था जहाँ महात्मा गाँधी और भगत सिंह को भी बंदी बना कर रखा गया ।कुछ विदेशी कैदियों को भी बंदी बना कर रखा गया  ।कभी जरूर जाइये आपकी रूह कांप जाएगी जब आप को पता चलेगा की कैसे यातना दी जाती थी ।और कालका शिमला रेलवे लाइन को कोन भूल सकता है 103 सुरंगों वाली 1903 में बनी ये रेल मार्ग सबसे जायदा सोलन को गोरान्वित करती है बड़ोग सुरंग सबसे बड़ी है तो कैथलीघाट से कुछ समय पहले पुराने दिनों की याद् ताज़ा करने के लिए विशेष स्टीम इंजन चलाया गया था ।आज भी टूरिस्ट की पहली पसंद ये रेल मार्ग है


आपका संजीव वालिया

मॉल रोड सोलन


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