सेडियो माने

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सेडियो माने

सेडियो माने एक फूट्बोलर हैं इनका जीवन बहोत ही तक्लीफ में गुजरा था| Sadio Mane का जन्म 10 अप्रेल 1992 को सेनेगल के एक छोटे से गाँव में हुआ था| Sadio Mane ऐसे फटे जूते पहनकर फूटबोल की प्रेक्टिस करते थे जिसे पहनकर आप चल भी नहीं पाएँगे| इन्हें फूटबोल की दुनिया का जादूगर भी कहा जाता है| Sadio Mane लिवरपूल के डिफेंडर हैं और सेनेगल की नेशनल टीम के कप्तान भी हैं| इनका बचपन इतना तक्लीफ्भरा था की आप सोच भी नहीं सकते| आफ्रिका के सेनेगल देश के एक छोटे से गाँव में इनका जन्म हुआ था| यह एक ऐसा गाँव है जहाँ कोइ भी सुविधा नहीं है| यह गाँव तरक्की में दुनिया से बहोत पीछे है| Sadio Mane का परिवार इतना गरीब था की उनके पास खाना खाने के भी पैसे नहीं होते थे| उनकी हालत इतनी ख़राब थी की Sadio Mane कभी कभी मिटटी खाकर अपनी भूख मिटाते थे| इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं की सेडीयो माने कितने गरीब थे| Sadio Mane को फूटबोल बहोत पसंद था, फूटबोल उन्हें अपनी जान से भी प्यारा था| लेकिन इस गरीब बच्चे को कोन ट्रेनिंग देता इसलिए Sadio Mane ने खुद को ही अपना कोच बना लिया था और फूटबोल की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी| उन्होंने उस वक़्त अपने आप से कहा था की आज मेरा वक़्त नहीं है लेकिन कल में अपने दम पर अपना वक़्त लाऊंगा और मेरा गाँव मेरा देश ही नहीं ये सारी दुनिया मुझे मेरे नाम से पहेचानेगी|

Sadio Mane की उम्र जब 12 साल की थी तब उन्हें इस बात की खबर पड़ी की उनके शहर में फूटबोल की ट्रायल हो रही है तभी उन्होंने ये नक्की कर लिया की वो फूटबोल की ट्रायल जरूर देंगे लेकिन तकलीफ ये थी की वो वहाँ तक कैसे जाए क्यूंकि उनके पास वहाँ तक जाने के पैसे ही नहीं थे| लेकिन क्या करे Sadio Mane तो जिद्दी थे और 160 की.मी. भागकर वो वहां फूटबोल की ट्रायल देने पहोंच गए| Mane जब वहां पहोंचे तो उनकी हालत देखकर जो दुसरे लड़के ट्रायल देने आये थे वो Mane को देखकर हँसने लगे थे क्यूंकि उनके कपडे और जूते फटे हुए थे| लेकिन माने का होंसला बुलंद था और वो मन ही मन खुद से कह रहे थे की सिर्फ एक मौका बस सिर्फ एक मौका..... Sadio Mane को देखकर कोच ने उनसे कहा की तुम फूटबोल कैसे खेलोगे तुम्हारे जूते तो फटे हुए हैं और दूसरों को देखो वो कैसे तैयारी करके आये हैं कोच की इस बात पर Sadio ने कहा की सिर्फ दो मिनिट दे दो आपको मालूम पड जाएगा की कौन तैयारी करके आया है| कोच ने sadio को ट्रायल देने की अनुमति दे दी और सिर्फ दो ही मिनिट में Sadio ने कोच को ये यकीन दिला दिया की फूटबोल खेलना किसे कहते हैं| कोच ने Sadio से कहा की फूटबोल के लिए ये जूनून तेरे में हंमेशा रहा तो लोग मुझे एक दिन तेरे नाम से जानेंगे| कोच की यह बात सुनकर Sadio बहोत खुश हो गये| माने जल्दी घर पहोंच कर ये बात अपने पिता को बताना चाहते थे लेकिन जब वो घर पहोंचे तो उन्होंने देखा की हार्ट अटेक की वजह से उनके पिता की मृत्यु हो गयी है| उनके गाँव में कहीं अस्पताल ही नहीं था की उनके पिता को इलाज के लिए वहां ले जाते और नाही उनके पास इलाज के पैसे थे| Sadio Mane के पिता उनको पूरा सपोर्ट करते थे लेकिन अब वो भी नहीं थे| लेकिन अब माने पहेले से भी ज्यादा महेनत करने लगे थे| माने का टेलेन्ट देखकर फ़्रांस के एक बड़े क्लब ने उनको सिलेक्ट कर लिया और यहाँ से माने की जिंदगी बदलने जगी| जो भी माने को फूटबोल रमता देखता वो यही बोलता की काश ये हमारी टीम में होता| सबसे पहेले माने ने साउथहम्प्टन के लिए इंटरनेशनल मेच रमी जिसके लिल्ये उन्हें मुँह मांगी रकम मिली थी| साउथहम्प्टन के लिए खेलते हुए उन्होंने 2 मिनिट 56 सेकण्ड में हेट्रिक मारके नया वर्ल्ड रिकोर्ड बना दिया जिसे आज भी कोई नहीं तोड़ पाया है| आज Sadio mane दुनिया के सबसे बड़े फूटबोल क्लब यानी लिवरपूल के लिए खेलते हैं| माने ने आज वो कर दिखाया है जो उन्होंने बचपन में कहा था की एक दिन ये दुनिया मुझे मेरे नाम से जानेगी और जिस कोच ने माने को ट्रायल का मौका दिया था उस कोच को भी दुनिया माने के नाम से ही जानती है|