सूर्य मंदिर - अरसावल्ली

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श्री सूर्यनरायण स्वामी देवस्थान, अरसवल्ली
श्री सुर्यनारयण स्वामी देवस्थान
श्री सूर्यनरायण स्वामी देवस्थान
सूर्य मंदिर - अरसावल्ली की आन्ध्र प्रदेश के मानचित्र पर अवस्थिति
सूर्य मंदिर - अरसावल्ली
आंध्र प्रदेश मे स्थान
निर्देशांक: 18°18′N 83°54′E / 18.3°N 83.9°E / 18.3; 83.9निर्देशांक: 18°18′N 83°54′E / 18.3°N 83.9°E / 18.3; 83.9
नाम
मुख्य नाम: శ్రీశ్రీశ్రీ సూర్యనారాయణస్వామి దేవస్థానం
देवनागरी: श्री श्री श्री सूर्यनारायणस्वामी देवस्थानम
स्थान
देश: भारत
राज्य: आंध्र प्रदेश
जिला: श्रीकाकुलम जिला
स्थिति: श्रीकाकुलम शहर
मंदिर का ब्यौरा
प्रमुख देवता: सूर्य
प्रमुख देवी: उशा, पद्मिनी, छायादेवी
Pushakarani: इंद्र पुश्कररिणी
प्रमुख उत्सव: रध सप्तमी
स्थापत्य शैली एवं संस्कृति
स्थापत्य शैलियाँ: ऑंद्र (उडिसा) साम्प्रदाय
मंदिरों की कुल संख्या: 1
शिलालेख: 3
इतिहास
निर्माण तिथि: 673
सृजनकर्त्ता: इंद्र
कलिंग राजा देवेंद्रवर्मा
जालस्थल: http://www.arasavallisungod.org

प्रसिद्ध सूर्य देवता मंदिर -अरसावल्ली गाव से १ किमी पूर्व दिशा में श्रीकाकुलम जिले में स्थित है। यह मंदिर उत्तरी आंध्र प्रदेश के छोर पर है। यह एक प्राचीन मंदिर है जो सूर्य देवता के दो मंदिरो में से एक है। पद्म पुराण के अनुसार ऋषि कश्यप ने अयाह सूर्य देव की प्रतिमा स्थापित की थी। इसीलिए सूर्य कश्यप गोत्र के कहलाते हैं। सूर्य ग्रहो के राजा है। स्थल पुराणो के अनुसार देव इंद्र ने इस मंदिर की खोज की और यहाँ सूर्य देव को स्थापित किया इसलिए यहाँ भगवान सूर्यनारायण स्वामी वरु के नाम से भी जाने जाते है।[1]

ऐतिहासिक विशेषताएं[संपादित करें]

इस मंदिर का निर्माण इस तरह किया गया है ताकि प्रातः काल सूर्य की किरणे भगवान के चरणो में साल में दो बार (मार्च और सितम्बर ) में पड़े। यह किरणे ५ मुख्य द्वारो से होकर देव के चरणो तक पहुंचती हैं।[1]

चित्र माला[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]