सुनेहरा जहर मेंढक

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

Phyllobates terribilis
Schrecklicherpfeilgiftfrosch-01.jpg
वैज्ञानिक वर्गीकरण edit
Unrecognized taxon (fix): Phyllobates
जाति: Template:Taxonomy/PhyllobatesP. terribilis
द्विपद नाम
Template:Taxonomy/PhyllobatesPhyllobates terribilis
Myers, Daly, and Malkin, 1978[2]

[3]

इसे आम तौर पर सुनहरा मेढक कहा जाता है । यह भारत मे पश्चिमी घाट पर मिलने वाली प्रजाति है। इस प्रजाति को त्रिवेंद्रम मेंढक के नाम से भी जाना जाता है ।

वैज्ञानिक परिभाषा -[संपादित करें]

इसका द्विपद नाम इंडोसिलवीराना औरंटियाका है । इस प्रजाति को सबसे पहले 1904 में बेल्जियम -ब्रिटिश जूलॉजिस्ट जॉर्ज अल्बर्ट बूलेंगर ने राणा औरांतिया के रूप में वर्णित किया ।

त्रिवेंद्रम मेंढक

जाति - कोर्डेटा

वर्ग - एम्फिबिया

परिवार - रनिडिए

प्रजाति- औरंटियाका

पारिस्थितिकी और जीवन -[संपादित करें]

यह आम तौर पर उष्णकटिबंधीय आद्र भूमि , नम , दलदली जंगल और तटीय क्षैत्रों में पाए जाने वाले लार्वाअक्सर बहते पानी मे पाये जाते हे। जबकि व्यस्क चट्टानों ,अन्य वस्तूओ पर और पानीके आसपास की जगहो पर आराम कर ते है । ये आम तौर पर निशाचर होते है। उनका मुख्य प्रजनन काल जून से जूलाई के बीच है। जब पुरी तरह परिपक्द हो जाते हे। तो टैड पोल गुलाबी पीली पूंछ वाले छोटे पीले व्यस्क मेंढको से होते हे। ये दिन के समय हल्की बारिश मे सक्रिय रहते हे।

संरक्षण -[संपादित करें]

त्रिवेंद्रम मेंढक वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय प्रक्रति और प्राक्रतिक संसाधन संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा कमजोर के रूप मे वर्गीक्रत किया गया हे।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Wilmar Bolívar; Stefan Lötters (2004). "Phyllobates terribilis". अभिगमन तिथि 6 September 2014. Cite journal requires |journal= (मदद)
  2. Myers, C.W.; Daly, J.W. & B. Malkin (1978). "A dangerously toxic new frog (Phyllobates) used by Embera Indians of western Colombia with discussion of blowgun fabrication and dart poisoning" (PDF). Bulletin of the American Museum of Natural History. 161: 307–366. मूल से 14 अक्तूबर 2008 को पुरालेखित (PDF). अभिगमन तिथि 21 जून 2020.
  3. "Arkive closure". Wildscreen. मूल से 21 अप्रैल 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-06-05.