सुदृढ़ता

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किसी पदार्थ का प्रतिबल विकृति वक्र। इस वक्र के नीचे स्थित हरे और पीले क्षेत्रफलों का योग इस पदार्थ की सुदृढ़ता है। वक्र के नीचे स्थित केवल हरा क्षेत्रफल इस पदार्थ की प्रतिस्थितित्व (resilienede) का द्योतक है।

पदार्थ विज्ञान और धातुकर्म में, किसी पदार्थ पर किसी प्रकार का प्रतिबल लगाने पर, उस पदार्थ द्वारा बिना टूटे, प्लास्टिक विकृत होकर, ऊर्जा अवशोषित करने की क्षमता को उसकी सुदृढ़ता या चिमड़ता (टफ़नेस) कहते हैं। संख्यात्मक रूप से कहें तो, टूटने (रप्चर) के पहले किसी पदार्थ की प्रति ईकाई आयतन में संग्रहित ऊर्जा उस पदार्थ की सुदृढ़ता है। अर्थात सुदृढ़ता या चिमड़ता, किसी पदार्थ के टूटने के विरुद्ध प्रतिरोध का मापक है।

अधिक सुदृढ़ता के लिए पदार्थ में तनन सामर्थ्य और तन्यता में संतुलन होना चाहिए।

जहाँ,

पदार्थ का अधिकतम प्रतिबल है,
पदार्थ की अधिकतम विकृति है,
भंजन की स्थिति में पदार्थ की विकृति है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]