सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) एक प्रकार का निवेश का माध्यम है जिसमे म्यूचुअल फंड निवेशक को म्यूचुअल फंड में एकमुश्त रकम की बजाय समय-समय पर छोटी राशि निवेश करने की इजाजत मिल जाती है। निवेश की आवृत्ति आमतौर पर साप्ताहिक, मासिक या त्रैमासिक होती है।[1]

अवलोकन[संपादित करें]

एसआईपी (सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) में, निवेशकों द्वारा बैंक खातों से एक निश्चित राशि समय-समय पर निकाल कर विशिष्ट म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है।वर्तमान नेट परिसंपत्ति मूल्य के अनुसार निवेशक को इकाइयां आवंटित की जाती है। इस प्लान के तहत हर बार जब भी राशि का निवेश किया जाता है तो निवेशकों के खाते में और अधिक इकाइयां जुड़ जाती हैं।[1]

सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान के द्वारा अनुशासित निवेश को प्रोत्साहित किया जाता हैं। इनमे लचीलापन होता हैं एवं निवेशक किसी भी समय योजना में निवेश रोक सकते हैं या निवेश की मात्रा को बढ़ा या घटा सकते हैं। आमतौर पर खुदरा निवेशकों को एसआईपी की सिफारिश की जाती है, जिनके पास निवेश का पीछा करने के लिए संसाधन नहीं हैं।[1]

इसके अतिरिक्त एसआईपी निवेश उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है, जिनके पास वित्तीय बाजारों की पर्याप्त समझ नहीं है।एसआईपी के कई फायदे है सर्वप्रथम यह खरीदे गए यूनिटों की औसत लागत को कम एवं साथ ही साथ लगातार निवेश को कम करता है। इसमें यह भी सुनिश्चित करता है कि बाजार से होने वाले फायदों या अवसरों का कोई मौका नहीं छुटे।

भारत में[संपादित करें]

भारत में, इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विसेज (ईसीएस) द्वारा एसआईपी के लिए आवर्ती भुगतान नियत किया जा सकता है।[2]कुछ म्यूचुअल फंड इक्विटी से जुड़े बचत योजनाओं के तहत कर लाभ की सुविधा देते हैं।हालांकि, इसमें तीन साल की लॉकिंग अवधि है और इसे कई कंपनियों द्वारा प्रदान किया गया है जिसमें कोटक महिंद्रा समूह शामिल है।भारत के बड़े वित्तीय बाजार में भी सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान अपनी पकड़ मजबूत करते जा रहा है|[3]

एसआईपी में निवेश के फायदे[संपादित करें]

एसआईपी निवेश का एक बेहतरीन तरीका है इसमें निवेश के फायदे बता रहे हैं -

  1. छोटी निवेश छोटी राशि निवेश के लिए निकालना आसान है। लंबे समय तक छोटी छोटी राशि का निवेश आपको बड़े रिटर्न दे सकते हैं।
  2. जोखिम में कमी: एसआईपी का सबसे बड़ा फायदा है इसमें निवेशक द्वारा थोड़े थोड़े अंतराल में निवेश करने से जोखिम में कमी आ जाएगी।
  3. निवेश में आसानी: एसआईपी में निवेश ऑनलाइन निर्देशों के द्वारा किया जा सकता है निश्चित तिथि को म्यूचुअल फंड से निवेशक के बैंक खाते से नियत राशि से नाक्ल ली जाती हैं।[4]

यह भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया" (अंग्रेज़ी में). मूल से 25 फ़रवरी 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 मार्च 2018. नामालूम प्राचल |शीर्षक= की उपेक्षा की गयी (मदद)
  2. "इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विसेज" (अंग्रेज़ी में). मूल से 30 जनवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 मार्च 2018.
  3. "सिस्टेमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान" (अंग्रेज़ी में). कोटक संपत्ति प्रबंधन. मूल से 22 सितंबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 मार्च 2018.
  4. "भारत में म्यूचुअल फंड प्रदाता की सूची" (अंग्रेज़ी में). मूल से 14 अप्रैल 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 मार्च 2018.

बाहरी कडियाँ[संपादित करें]