साहित्य मण्डल, नाथद्वारा

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हिन्दी सेवी संस्थाओं में साहित्य मंडल, नाथद्वारा का महत्वपूर्ण स्थान है। इसकी स्थापना सन् १९३७ ई. में की गयी थी। इस संस्था ने हिन्दी के उन्नयन तथा हिन्दी सेवियों को जोड़ने का स्तुत्य प्रयास किया है। प्रतिवर्ष १४ सितम्बर को आयोजित 'अंग्रेजी हटाओ' आंदोलन से हिन्दी जगत को जगाने हेतु 'उठो, जागो और अपने आपको पहचानो' मूल मंत्र का शंखनाद किया जाता है। अष्टछापीय कवियों की संपूर्ण वाणी तथा समीक्षाऍं पुस्तकाकार रूप में छापकर इस संस्था ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। त्रैमासिक पत्रिका 'हरसिंगार' के माध्यम से यह संस्था हिन्दी की अभूतपूर्व सेवा कर रही है।

संस्था की गतिशील प्रवृत्तियाँ[संपादित करें]

संस्था के केन्द्रीय पुस्तकालय में लगभग ५०,००० पुस्तकों, अनेक हस्तलिखित ग्रथों एवं साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक पत्र-पत्रिकाओं से विनिर्मित जिल्दों का अपूर्व संग्रह है। इसके अतिरिक्त चौपाटी पर संचालित बाल पुस्तकालय में लगभग १३००० पुस्तकें हैं। इसके अतिरिक्त संस्था के वाचनालय में सम्पूर्ण देश से आने वाली, विभिन्न विषयों से विभूषित लगभग २०० से भी अधिक पत्र-पत्रिकाओं से युक्त श्रीनाथद्वारा का यह अनोखा संग्रह है। इसके अलावा संस्था द्वारा रंगमंचीय कार्यक्रम, ब्रजभाषा समारोह, साहित्य संगोष्ठी, आदि आयोजित कराए जाते हैं। संस्था का अष्टछाप कक्ष, पत्रिका कक्ष, साहित्यकार कक्ष, पत्रिका प्रदर्शनी कक्ष भी ज्ञानवर्धक और दर्शनीय है।

संस्था द्वारा प्रतिवर्ष १४ सितम्बर के अवसर पर देश के राष्ट्रभाषा के प्रचार-प्रसार से जुड़े हिन्दीसेवियों, साहित्यकारों एवं संपादकों को सम्मान किया जाता है। इस अवसर पर संस्था द्वारा आयोजित विशाल रैली प्रमुख आकर्षण का केन्द्र रहती है। इसमें विद्यालय के बच्चे, शिक्षक, शिक्षिकाओं, संस्था के कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त सारे देश से पधारे हुए अतिथिगण एवं श्रीनाथद्वारा के गणमान्य नागरिक सम्मिलित रहते हैं। इस विशाल रैली का नेतृत्व संस्था के प्रधानमंत्री श्री भगवतीप्रसाद देवपुरा करते हैं। यह विशाल रैली विद्यालय के बाल-बैंड की अगुआई में श्रीनाथद्वारा का भ्रमण कर राष्ट्रभाषा अपनाने एवं अंग्रेजी से मुक्ति का संदेश देती है।

संस्था का एक विद्यालय भी है। इसके कक्षा-कक्ष फर्नीचर, विद्युत पंखों आदि से सुव्यवस्थित हैं तथा परिसर सुरम्य वाटिका एवं खेल मैदानों से युक्त है।

पत्रिका प्रकाशन 

हरसिंगार (त्रैमासिक), संपादक : श्री भगवतीप्रसाद देवपुरा

पता 

प्रधानमंत्री, साहित्य-मण्डल, श्रीनाथद्वारा-३१३३०१(राजस्थान)