सन् २०२० का रूस-सऊदी अरब तेल मूल्य युद्ध

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रूस (ऊपर) और सऊदी अरब के झंडे

8 मार्च 2020 को, सऊदी अरब ने रूस के विरुद्ध मूल्य युद्ध शुरू किया, जिससे तेल की कीमत में भारी गिरावट हुई। परिणामस्वरुप, अमेरिकी तेल की कीमतों में 34%, कच्चे की कीमतों में 26% और ब्रेंट तेल की कीमतों में 24% की गिरावट आई।[1] 2019-20 कोरोनोवायरस महामारी के दौरान प्रस्तावित तेल उत्पादन में कटौती को लेकर पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन और रूस के बीच संवाद विच्छेद (बातचीत बन्द) हो जाने के कारण मूल्य युद्ध शुरू हो गया था। मांग घटने से साल की शुरुआत से ही तेल की कीमतें 30% गिर चुकी थीं।[2] 9 मार्च 2020 को वैश्विक शेयर बाजार दुर्घटना (भारी गिरावट) जिसे आम तौर पर ब्लैक मंडे (अर्थात- काला सोमवार)के रूप में जाना जाता है, के कारणों में से एक तेल की कीमतों में गिरावट भी था।

पृष्ठभूमि[संपादित करें]

घटनाक्रम[संपादित करें]

2019 से WTI मे बदलाव। लाल रंग में 9 मार्च 2020 को एक दिवसीय परिवर्तन दिखाया गया है

प्रभाव[संपादित करें]

शेयर बाजारों पर[संपादित करें]

अन्य उत्पादकों पर[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Business, Matt Egan, CNN. "Oil crashes by most since 1991 as Saudi Arabia launches price war". CNN. मूल से 9 मार्च 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-03-10.
  2. "Oil Prices, Stocks Plunge After Saudi Arabia Stuns World With Massive Discounts". NPR.org (अंग्रेज़ी में). मूल से 14 मार्च 2020 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2020-03-10.