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स्टार्ट अप कंपनियाँ एक कंपनी, एक साझेदारी या अस्थायी संगठन के रूप में एक उद्यमिता या एक नया व्यापार है जिसे एक दुहराने योग्य और मापने योग्य व्यापार मॉडल की खोज करने के लिए निर्मित किया जाता हैं।[1] ये कंपनियाँ, जो की ज्यादा तर नई होती है, लक्ष्य बाज़ार के लिए विकास, सत्यापन और अनुसंधान की प्रक्रिया में नवोन्मेष है। 'स्टार्ट अप' शब्द 'डॉट-कॉम बबल'के समय मे प्रसिद्ध हुआ था। डॉट कॉम बबल एक ऐसा समय था जब अनेक डॉट कॉम कंपनियों का आरंभ हुआ था। ऐसी पृष्ठभूमि होने के कारण, लोगोंको यह पूर्वाग्रह धारणा हो गई थी कि स्टार्ट अप कंपनियाँ केवल तकनीकी कंपनियों होती है। पर हमेशा ऐसा नहीं होता है; स्टार्ट अप्स का सर उच्च महत्वाकांक्षा, नवीनता, क्षमता, और विकास मै ज्यादा है।

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परिभाषा[संपादित करें]

Simplified method for identifying a potential startup company from just a new company.

पॉल ग्राहम का मानना है कि " एक स्टार्ट अप तेजी से विकसित करने के लिए बनाया गया एक कंपनी है। नव स्थापित होने के नाते अपने आप में कोई कंपनी एक स्टार्टअप नहीं बन जाती। और यह भी जरूरी नहीं है कि एक स्टार्ट अप शिल्पविज्ञान-सम्बन्धी हो या उसने कोई उद्यम वित्त पोषण लिया हो या किसी प्रकार की "एक्ज़िट" योजना बनाई हो। विकास सबसे आवश्यक हैं। बाकी की हर वो चिज़, जिसको हम स्टार्ट अप कंपनियों के साथ संबंधित करते है, विकास से जुडकर, उसके पिछे-पिछे चलती है।" ग्राहम का यह भी मनना है कि जब आप एक स्टार्टअप शुरू होने वाला उद्यमी साधारण व्यवसायों की तुलना में अधिक कठिन समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।[2]


क्रम-विकास[संपादित करें]

Startup Development Phases

स्टार्टअप कंपनियाँ कई सारे रूपों और आकारों की हो सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से कुछ है प्रमुख कौशल को सुरक्षित करने के लिए एक सह-संस्थापक टीम , और कम से कम व्यवहार्य उत्पाद तथा संसाधनों अनुसंधान का संचालन करने के लिए साधन एकत्रित करना, जिनसे की विचारों या व्यापार अवधारणाओं को विधिमान्य बना सकते है और उनका आकलन और विकास कर सकते है। एसके अलावा, विचारों या व्यापार अवधारणाओं पर आगे और गहरी समझ की स्थापना के लिए और उनके व्यावसायिक क्षमता जानने के लिए अवसरों को खोजना भी स्टार्ट अप कंपनियों के महत्वपूर्ण कार्यों मे से है। [3]


स्टार्टअप व्यापार साझेदारी[संपादित करें]

उनके व्यापार मॉडल को सक्षम करने के लिए, स्टार्ट अप कंपनियों को आम तोर पर अन्य कंपनियों के साथ साझेदारी बनाने की जरूरत पडती हैं। अन्य व्यवसायों के लिए आकर्षक बनने क लिए स्टार्ट अप्स को अपनी आंतरिक सुविधाओं, जैसे प्रबंधन शैली और बाजार की स्थिति के अनेसार उत्पाद, को संरेखित करने की जरूरत हैं। २०१३ मै कास्क और लिंटन ने स्टार्ट अप्स के व्यावसायीकरण के लिए दो आदर्श प्रोफाइल विकसित किये है, जिन्हें विन्यास या मूलरूप आदर्श के रूप में भी जाना जाता है। 'इनहेरिटर' प्रोफाइल के अनुसार स्टार्ट अप्स प्रबंधन शैली ज्यादा उद्यमी नहीं होनी चाहिए ( अतः अधिक रूढ़िवादी होनी चाहिए)। यह मोडल एक ऐसे बाज़ार में ज्यादा सफल होता है जिसकी एक प्रमुख डिजाइन हो। इसके विपरीत 'ओरिजिनेटर' प्रोफाइल के अनुसार स्टार्ट अप्स प्रबंधन शैली ज्यादा उद्यमी होनी चाहिए ( अतः पूरी तरह से नया स्तर होना चाहिए)। यह मोडल एक ऐसे बाज़ार में ज्यादा सफल होता है जिसकी एक प्रमुख डिजाइन न हो।


स्टार्टअप संस्कृति[संपादित करें]

कार्यस्थल में दक्षता को बढ़ावा देने के लिए, स्टार्ट अप्स अकसर आकस्मिक रवैया का उपयोग करते है। दक्षता के उच्च स्तर व्यवसाय को अच्छी उडान दे पाने के लिय आवश्यक है। स्टार्ट अप संस्कृति आज विकसित किया गया है और बड़ी कंपनियों द्वारा भी अपनाई गई है। इसका मुख्य लक्ष्य यह है कि लोगों को यथासंभव आरामदायक माहोल महसूस हो ताकि वे कार्यालय में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर सके।


सह-संस्थापक[संपादित करें]

सह-संस्थापक वो लोग होते है जो स्टार्ट अप कंपनियों के निर्माण में शामिल होते हैं। कोई भी एक सह-संस्थापक बन सकता है, और तो और एक मौजूदा कंपनी भी सह-संस्थापक बन सकती है। पर आम तोर पर उद्यमियों, अभियन्ता, हैकर्स, उद्यम पूंजीपतियों, वेब डेवलपर्स, वेब डिजाईनर और दूसरे सह-संस्थापक होते है, जो एक नए, अक्सर उच्च तकनीक, उद्यम के निर्माण में शामिल होते है। Jeff Bezos 2005


स्टार्टअप निवेश[संपादित करें]

Diagram of the typical financing cycle for a startup company.

स्टार्ट अप निवेश स्टार्ट अप कंपनियों के प्रारंभिक चरणों मे निवेश करने का कार्य होता है। कुछ स्टार्ट अप्स अपने जीवन के एक या अनेक चरणों मे अतिरिक्त निवेश जुटाते है पर यह करना जरूरी नहीं है। और हर स्टार्ट अप, अपने निवेश जुटाने की कोशिश मे सफल हो, यह जरूरी नहीं।


आंतरिक स्टार्टाप्स[संपादित करें]

बड़े या अच्छी तरह से स्थापित कंपनियों अक्सर नवोन्मेष को बढ़ावा देने की कोशिश मे, "आंतरिक स्टार्टअप्स" की स्थापना करते है। आंतरिक स्टार्टअप्स नए व्यापार विभाजन होते है जो कंपनी के बाकी हिस्सों से हाथ की दूरी पर संचालित होती है। 'त्रीडिग्रीज़', माइक्रोसॉफ़्ट कंपनी का एक आंतरिक स्टार्टअप्स, उदाहरण स्वरुप सामने आता है।


रिस्टार्टर्स[संपादित करें]

विफल उद्यमिय या रिस्टार्टर्स, जो अधिक या कम एक ही गतिविधियों के साथ उसी क्षेत्र में कुछ समय के बाद पुनः आरंभ करते है, एक सफल और एक बेहतर उद्यमी बनने की ज्यादा संभावना रखते है।


सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Blank, Steve (March 5, 2012). "Search versus Execute". अभिगमन तिथि July 22, 2012.
  2. Graham, Paul (September 2012). Startup Equals Growth, in Graham's Essays on entrepreneurship
  3. Blake, Martin; Wijetilaka, Shehan (26 February 2015). "5 tips to grow your start-up using SWOT analysis". Sydney. अभिगमन तिथि 13 August 2015.