संगीत पारिजात

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संगीत पारिजात पुस्तक पंडित अहोबल द्वारा 17वीं शताब्दी में लिखी गई। दीनानाथ मिश्र जी ने फ़ारसी भाषमें इसका अनुवाद किया। संगीत की यह एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। यह पुस्तक 1650 ई0 में लिखी गई। इसमें सबसे पहले वीणा के तार पर बारह स्वरों की स्थापना की गई।