सामग्री पर जाएँ

श्रीलंका का स्वतंत्रता संग्राम

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
श्रीलंका की स्वतंत्रता का उत्सव

श्रीलंका का स्वतंत्रता संग्राम ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता प्राप्त करने तथा स्वशासन स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया गया राजनीतिक आन्दोलन था। यह मुख्यतः एक शांतिपूर्ण और संवैधानिक आन्दोलन था, जिसका नेतृत्व शिक्षित मध्यम वर्ग और राष्ट्रवादी नेताओं ने किया।[1]

19वीं शताब्दी के अन्त और 20वीं शताब्दी के प्रारम्भ में श्रीलंका (तत्कालीन सीलोन) में राष्ट्रवादी चेतना का विकास होने लगा। ब्रिटिश शासन के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन में अधिक भागीदारी और राजनीतिक अधिकारों की माँग शुरू की। 1919 में सीलोन राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई, जिसने स्वशासन की माँग को संगठित रूप दिया।[2]

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन ने अपने उपनिवेशों को स्वतंत्रता देने की प्रक्रिया प्रारम्भ की। इसी क्रम में 4 फ़रवरी 1948 को सीलोन को 'डोमिनियन स्टेट' के रूप में स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता के बाद भी देश ब्रिटिश राष्ट्रमंडल का सदस्य बना रहा और ब्रिटिश सम्राट औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष थे।[3]

22 मई 1972 को देश का नया संविधान लागू हुआ, जिसके बाद सीलोन का नाम आधिकारिक रूप से श्रीलंका रखा गया और यह पूर्ण गणराज्य बन गया।[4]

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]

सन्दर्भ

[संपादित करें]
  1. De Silva, K. M. (1981). A History of Sri Lanka. University of California Press. ISBN 9780520043206.
  2. Roberts, Michael (1984). Ceylon: The National Question and the Tamil Liberation Struggle. Marga Institute.
  3. "History of Sri Lanka". Encyclopaedia Britannica. अभिगमन तिथि: 13 मई 2026.
  4. Wilson, A. Jeyaratnam (1988). The Break-up of Sri Lanka. University of Hawaii Press. ISBN 9780824812508.