शरभ
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| Sharabha | |
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श्री लंका के मुन्नेश्वरम मंदिर में शरभ रूपधारी शिव, नरसिंह रूपी विष्णु को वश में करते हुए।]] | |
| देवनागरी | शरभ |
| Sanskrit transliteration | शरभ |
| संबंधन | शिव के अवतार |
| जीवनसाथी | प्रत्यंगिर |
हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार शरभ या शर्भेश्वर भगवान शिव के अवतार है। इनके शरीर का आधा भाग सिंह, आधा भाग मनुष्य का तथा आधा भाग शरभ नामक ( एक जंगली पक्षी जो शेर से भी ज्यादा शक्तिशाली था और जिसके आठ पैर थे) पक्षी का था। संस्कृत साहित्य के अनुसार वे दो पंख, चोंच, सहस्र भुजा, शीश पर जटा, मस्तक पर चंद्र से युक्त थे। वे सिंह और हाथी से भी अधिक शक्तिशाली माने जाते है। वे किसी घाटि को एक ही छलांग में पार कर सकने की क्षमता रखते थे। शिवपुराण और अन्य पुराणों में इनकी कथा का वर्णन आता है। तत्पश्चात् के साहित्य में शरभ एक ८ पैर वाले हिरण के रूप में वर्णित है। [1][2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Pattanaik, Devdutt (2006). Shiva to Shankara decoding the phallic symbol. Indus Source. pp. 123–124. ISBN 978-81-88569-04-5. 24 दिसंबर 2018 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 21 मार्च 2017.
{{cite book}}:|work=ignored (help) - ↑ "शरभ". Monier Williams Sanskrit-English Dictionary. p. 1057. मूल से से 26 फ़रवरी 2012 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 18 January 2010.