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वैस्पाज़िअन्

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वेस्पासियन
Front view of a bust.
नू कार्ल्सबर्ग ग्लुप्टोटेक में वेस्पासियन की प्रतिमा
रोमन सम्राट
शासनावधि1 जुलाई 69 – 23 जून 79
पूर्ववर्तीविटेलियस
उत्तरवर्तीटाइटस
जन्मटाइटस फ़्लेवियस वेस्पासियनस
17 नवंबर 9 ई.[1]
फ़ैलाक्रीनम, इटली
निधन23 जून 79 (आयु 69)[4]
अक्वे कुटिले
समाधि
रोम
जीवनसंगी
संतान
Detail
शासनावधि नाम
इम्परेटर सीज़र वेस्पासियनस ऑगस्टस[5]
राजवंशफ़्लेवियाई
पिताटाइटस फ़्लेवियस सबीनस
मातावेस्पासिया पोला

वेस्पासियन (लातिन: Vespasianus; 17 नवंबर 9 ई. – 23 जून 79) रोमन साम्राज्य का अत्यंत प्रभावशाली सम्राट था। वह बहादुर सैनिक, कुशल शासक, तथा चरित्रवान, ईमानदार, हँसमुख, मिलनसार और उदार व्यक्ति था। उसके समय में रोमन साम्राज्य का पहला सुप्रसिद्ध इतिहास लिखा गया। अपने सरल और मितव्ययी जीवन से उसने रोमन सामंतों और जनता के जीवन में बड़ा सुधार किया और सादगी से रहना सिखाया।

उसका पूरा नाम टाइटस फ़्लेवियस वेस्पासियन था। उसका जन्म मामूली साहूकार के घर में हुआ था और उसका जीवन बहादुर सैनिक के रूप में शुरू हुआ। इसी हैसियत से वह जर्मनी, इंग्लैंड, अफ्रीका, यूनान और मिस्र गया। बड़ा यश पैदा किया। १ जुलाई ६९ ई. को मिस्र में रोमन सेनाओं ने उसको सम्राट् घोषित किया। अन्य स्थानों की सेनाओं ने भी उसके प्रति वफादारी की शपथ ली। उनके द्वारा ही वह रोमन साम्राज्य का शासक बनाया गया। उसने शीघ्र ही शासन सुधार की घोषणा करके अपने को लोकप्रिय बना लिया। गाल प्रदेश के विद्रोह को दबाकर जर्मन सीमाओं को सुरक्षित बनाया। जेरूसलम में भी रोमन साम्राज्य की स्थिति को सुरक्षित बनाया। जैनूस के मंदिर को बंद करके अपने शासन काल के ९ वर्ष में वहाँ रोमन आधिपत्य कायम रखा। ७८ ई. में इंग्लैंण्ड के वेल्स और आंग्लेसी द्वीप में रोमन साम्राज्य का विस्तार किया।

सन् ७० में उसने रोम में प्रवेश किया। वह घरेलू युद्ध में आग की भेंट हो चुका था। उसका पुनर्निमाण कर उसको सुंदर एवं वैभवशाली बनाया। उसका सबसे बड़ा काम सिनेट के सहयोग से रोमन साम्राज्य की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनाना, सेनाओं का पुनर्गठन कर उसमें फैली हुई अनैतिकता को दूर करना, साम्राज्य के अंतर्गत प्रदेशों को उन्नत बनाना और पिछड़े हुए प्रदेशों में रोमन संस्कृति का प्रसार करना था।

एक रोमन सरदार की लड़की प्लेविया डामाटिला से उसका विवाह हुआ। उसके दो पुत्र हुए और दोनों रोमन साम्राज्य के सम्राट हुए।

  1. Suetonius, Vesp., 2. "Vespasian was born [...] on the evening of the fifteenth day before the Kalends of December, in the consulate of Quintus Sulpicius Camerinus and Gaius Poppaeus Sabinus, five years before the death of Augustus."
  2. Suetonius, Titus 11: "[He died] two years two months and twenty days after succeeding Vespasian".
  3. Cassius Dio LXVI.18: "For he lived after this only two years, two months and twenty days".
  4. Suetonius gives 23 June (VIIII. Kal. Iul.). However, he also states that he died "at the age of sixty-nine years, seven months and seven day", i.e. he died on 24 June, although it's possible that he's using inclusive counting. Cassius Dio (66.17) states that he "reigned ten years lacking six days", i.e. he died on 25/24 June. Both authors date Titus' ascension on 24 June.[2][3]
  5. Cooley, p. 490.