वीके शशिकला

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वीके शशिकला
V. K. Sasikala.jpg

अंतरिम महासचिव
पद बहाल
31 दिसंबर 2016 – 17 /02/2017

जन्म 1957[1]
थिरुथुरईपूंडी ,तंजौर ,तमिलनाडु भारत[1]
राजनीतिक दल ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
जीवन संगी एम.नटराजन
निवास वेद निलयम, 81/36, पोएस गार्डन, चेन्नई-600 086
धर्म थेवर, हिंदू

विवेकानंदन कृष्णवेनी शशिकला (जन्म १८ अगस्त १९५४), जिन्हें उनके विवाहित नाम शशिकला नटराजन के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय व्यवसायी और राजनीतिज्ञ हैं, जिन्होंने तमिलनाडु से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वह तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी सहयोगी थीं, जिन्होंने 1989 से 2016 में अपनी मृत्यु तक अन्नाद्रमुक का नेतृत्व किया। जयललिता की मृत्यु के बाद, पार्टी की सामान्य परिषद ने उन्हें अन्नाद्रमुक के महासचिव के रूप में चुना, लेकिन वह थीं पद से हटा दिया गया और सितंबर 2017 में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। [२] [३] वह टी.टी.वी. की चाची है। दिनाकरन, जिनके साथ उन्होंने निष्कासन के बाद 2018 में अम्मा मक्कल मुनेत्र कज़गम (एएमएमके) का गठन किया। उन्हें अध्यक्ष और दिनाकरन को महासचिव नियुक्त किया गया था।

शशिकला और उनके परिवार के निष्कासन ने मार्च 2018 में नई पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कज़गम का नेतृत्व किया। टी. टी. वी. दिनाकरण को महासचिव नियुक्त किया गया और शशिकला अम्मा मक्कल मुनेत्र कज़गम की अध्यक्ष बनीं। [22]
जेल से रिहा होने के बाद, उन्होंने फरवरी 2021 में सक्रिय राजनीति में लौटने की अपनी मंशा की घोषणा की। हालांकि, 3 मार्च को, उन्होंने राजनीति छोड़ने के अपने फैसले की घोषणा की। [23]

जन्म[संपादित करें]

शशिकला का जन्म चेन्नई से 330 किलोमीटर दूर तमिलनाडु राज्य में स्थित तंजौर जिले के थिरुथुरईपूंडी में 1957 में हुआ था। इनकी माता का नाम कृष्णावेणी और पिता नाम विवेकानंदन है।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

इनका विवाह तमिलनाडु सरकार में पीआरओ रहे एम.नटराजन से हुआ था।[1] शशिकला तीन दशक तक तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की अभिन्न सहेली रही। प्रारम्भ में यह मुख्यमंत्री जयललिता के कार्यक्रमों में फोटोग्राफी का कार्य करती थी और यहीं से जयललिता की ख़ास सहेली बन गई। जयललिता के संपर्क में आने पूर्व शशिकला फोटोग्राफी का स्टूडियो चलाती थी।तथा शादी एवम समारोहों में फोटोग्राफी करती थी। दिनांक १९ मार्च २०१८ को शशिकला के पति मरुथप्पा नटराजन का निधन हो गया। [2]

राजनीतिक जीवन[संपादित करें]

31 दिसंबर 2016 को जयललिता के निधन के पश्चात् शशिकला ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की महासचिव निर्वाचित हुई।[3] शशिकला तमिलनाडु में चिनम्मा (मौसी ) के नाम से जानी जाती है। सक्रिय राजनीति में शशिकला का प्रवेश 31 दिसंबर 2016 से प्रारम्भ हुआ।आय से अधिक संम्पत्ति के अपराध में शशिकला को ४ वर्ष कैद की सजा के बाद 17 फरवरी 2017 को एआईएडीएमके के प्रेसिडियम चेयरमैन ई. मधुसूदन ने वी.के. शशिकला को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया है।[4] 21 अगस्त, 2017 को, यह बताया गया कि मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी के प्रति वफादार अन्नाद्रमुक गुट ने ओ पनीरसेल्वम के गुट के साथ विलय करने और शशिकला को महासचिव के रूप में निष्कासित करने का फैसला किया था क्योंकि यह प्रमुख मांगों में से एक थी। विलय। [19] २८ अगस्त को यह बताया गया कि शशिकला को पार्टी की एक बैठक के दौरान निष्कासित कर दिया गया था, [२०] लेकिन बाद में यह सच नहीं होने के लिए स्पष्ट किया गया था। पारित प्रस्तावों के बीच, अन्नाद्रमुक ने घोषणा की कि महासचिव के रूप में शशिकला की नियुक्ति विवादित थी और इस तरह, टी. टी. वी. दिनाकरण की उप महासचिव के रूप में नियुक्ति, साथ ही साथ उनके निर्णय रद्द कर दिए गए थे। इसने जया टीवी और डॉ. नमधु एमजीआर अखबार को अपने कब्जे में लेने, पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुरोध पर सामान्य परिषद की बैठक आयोजित करने, एमजी रामचंद्रन की जन्मशती को भव्य तरीके से मनाने और पार्टी को एकजुट रखने का भी निर्णय लिया। [21]

12 सितंबर को, अन्नाद्रमुक महापरिषद ने अंतरिम महासचिव के रूप में शशिकला की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला किया और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया, हालांकि उनके द्वारा पार्टी पदों पर नियुक्त अधिकारियों को अपने कार्यों का निर्वहन जारी रखने की अनुमति दी गई थी।  इसके बजाय, दिवंगत जे. जयललिता को अन्नाद्रमुक की शाश्वत महासचिव नामित किया गया था।[1]

आय से अधिक संपत्ति प्रकरण[संपादित करें]

आय से अधिक संपत्ति के प्रकरण में शशिकला को उच्चतम न्यायालय द्वारा 4 वर्ष की सजा सुनाये जाने पर शशिकला ने 15 फरवरी 2017 को बेंगलुरु ट्रायल कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया जहाँ उन्हें कैदी संख्या 10711 आवंटित की गयी। [5] साथ ही उनपर दस करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है[6]

  • बेंगलुरु सेंट्रल जेल में शशिकला की पहिचान कैदी संख्या ९४३५ है। जेल में शशिकला को मोमबत्ती बनाने का काम दिया गया है। [5]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 फ़रवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 फ़रवरी 2017.
  2. http://www.navabharat.com/शशिकला-के-पति-मरुथप्पा-का.html[मृत कड़ियाँ]
  3. http://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/Sasikala-takes-over-as-AIADMK-general-secretary/article16968463.ece1
  4. "संग्रहीत प्रति". मूल से 18 फ़रवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 फ़रवरी 2017.
  5. "संग्रहीत प्रति". मूल से 16 फ़रवरी 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 फ़रवरी 2017.
  6. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; ReferenceA नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।