"फ़िरोज़ाबाद" के अवतरणों में अंतर

Jump to navigation Jump to search
636 बैट्स् जोड़े गए ,  2 माह पहले
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल वेब सम्पादन
 
== इतिहास ==
'''फिरोज़ाबाद 1354 ई.'''स्‍थल: कोटला फिरोज़शाहअवशेष: अवशेषों में केवल अशोक स्‍तम्‍भ बचा हुआ है। अब वहां क्रिकेट स्‍टेडियम है जो फिरोजशाह कोटला मैदान के नाम से विख्‍यात है।निर्माता: फिरोजशाह तुगलक। यह सिकन्‍दर लोधी के आगरा चले जाने तक राजधानी रहा।
 
फ़िरोज़ाबाद का पुराना नाम चंदवार बताया जाता है,उस समय चंद्रवार के राजा चन्द्रसेन जो जैन धर्म के अनुयायी थे हुआ करते थे,फ़िरोज़ाबाद की भगवान् चन्दपरभी स्फटिक मणि की प्रतिमा विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक मणि की प्रतिमा है जो की राजा चन्द्रसेन के समय में प्राप्त हुयी थी उस चंदाप्रभु भगवान् की  प्रतिमा के कारन और राजा चन्द्रसेन के नाम के कारन उस समय चंद्रवार का नाम पड़ा,आज भी फ़िरोज़ाबाद के चदरवार नगर जो यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है पर राजा चन्द्रसेन का खंडहर हुआ पुराना किले के अवशेष और प्राचीन जैन मंदिर मौजूद है यहाँ पसीने वाले हनुमान जी का मदिर और एक पुराना शिव मंदिर भी है वर्तमान नाम अकबर के समय में मनसबदार फ़िरोज़शाह द्वारा 1566 में दिया गया।<ref>http://firozabad.nic.in/District_History.html</ref>
चंदवार (या चंदावर) में चौहान वंश के  राजा चन्द्रसेन और मुहम्मद ग़ोरी के बीच 1194 ई। में [[चंदावर का युद्ध|युद्ध]] लड़ा गया जिसमें राजा चन्द्रसेन की हार हुई फ़िरोज़ाबाद  का प्राचीन नाम चंदवार  नगर था। फ़िरोज़ाबाद  का नाम अकबर के शासन में फिरोज शाह मनसब दार  द्वारा 1566 में दिया गया था। कहते हैं कि राजा टोडरमल गया से तीर्थ यात्रा कर के इस शहर के माध्यम से लौट रहे थे ,तब उन्हें लुटेरो ने लूट लिया|उनके  अनुरोध पर, अकबर महान ने मनसबदार  फिरोज शाह को यहा भेजा|  फिरोज शाह दतौजि, रसूलपुर,मोहम्मदपुर       गजमलपुर ,सुखमलपुर निज़ामाबाद, प्रेमपुर रैपुरा के आस-पास उतरा|फिरोज शाह का मकबरा और कतरा पठनं  के खंडहर  इस तथ्य का सबूत है|
बेनामी उपयोगकर्ता

दिक्चालन सूची