"रामदेव पीर" के अवतरणों में अंतर

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(ऐतिहास)
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| religion =[[हिन्दू]]
}}
'''रामदेव जी'''<ref>[http://hindi.webdunia.com/sanatan-dharma-mahapurush/ramapeer-114102900012_1.html रामदेव जी के पर्चे]</ref> [[राजस्थान]] के एक लोक देवता हैं। जिनकी पूजा सम्पूर्ण राजस्थान व म.प्र.सहित कई भारतीय राज्यों में की जाती है । इनकी समाधि -स्थल रामदेवरा (जिला जैसलमर) पर भाद्रपद माह में भव्य मेला लगता है , जहाँ पर देश के भर लाखों श्रद्धालु पहुँचते है । जैसे कि गुजराती मारवाड़ी बंगाली हर जात व हर समाज के लोग बाबा को बहुत मानते है। यहाँ सबसे ज्यादा महत्पूर्ण दिन भादवा की दूज मानी जाती है माना जाता है कि भादवा की दूज को बाबा रामदेव जी ने राजा अजमल जी के घर अवतार लिया था। तो दूज का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है और यहाँ चढावे के रूप में जो पैसे चढ़ाते है वो बाबा के वंसज 1800 तंवर वंस में बाट दिए जाते है। एक आदमी को हर महीने 20.000 से 25.000 रुपये बाबा के प्रसाद के रूप में दे दिए जाते है।ऐसा भी कहा जाता है कि बाबा ने समाधि ली ईसलिये यहां आरती नही की जाती पर बाबा के मंदिर में रोज 5 समय आरती होती है हिन्दू मान्यताओ के अनुसार आरती मंदिरो में होती है।और बाबा के मंदिर का जीवनोउधार का कार्य भी चल रहा है । जिसमे भामाशाह के नाम से पैसे 2.5 लाख रुपये लिए जाते है और उनको vip गेट से दर्सन करवाया जाता है। 6 साल से चल रहा ये कार्य अभी तक पूरा नही हुआ। पेसो की कमी और बटवारे के कारण मंदिर का कार्य बंद हो जोता हैहै। बाबा रामदेवजी को सभी जाती के लोक हिंदू, मुसलमान, राजपूत, जैन, शीख, बंगाली पूजन करते है।
 
== इन्हें भी देखें ==
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