"आर्य प्रवास सिद्धान्त" के अवतरणों में अंतर

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सम्पादन सारांश रहित
(समन्वय)
इस सिद्धांत के आलोचकों का कहना है कि अगर संस्कृत विदेशी भाषा होती तो भारत के अधिकतर भाषाओं में इसका मेल नहीं होता। डाँ० वकांकर, टी बोरोव<ref>"The aryan invasion of india is recorded as no written document and it cannot yet be treased archeologically." - Mr. T. Borrow -- Quoted from The early aryans published in cultural history of india edited by A. L. Basham, published by Clarandron Press Oxford 1975</ref> मि० मुइर, एलफिन्स्टन<ref>"Is there any allusion to the arya prior residance in any contry outside india" - Mr. Elphinstion -- History Of India Vol. 1</ref> जैसे इतिहासकारों ने इस सिद्धांत की निंदा की है। क्योंकि न ही भारतीय ऐतिहासिक लेखों में, न ही युरोपीय साहित्य लेखों में ही इसका वर्णन है। अथवा पुराकथा रूप में भी ऐसी कथा उपलब्ध नहीं है।<ref>Mr. Muir: Original Sanskrit Texts, Vol 2</ref>
 
== इन्हें भी देंखे==
== दृष्टव्य ==
* [[सिन्धु घाटी की सभ्यता]]
* [[वेद]]
* [[आर्य]]
* [[आर्य वंश]]
 
== सन्दर्भ ==
931

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