विद्युतभान

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हाँगर (शार्क) के सिर में विद्युतभान करने वाले अंग

विद्युतभान (Electroreception) कुछ जीवों में अपने वातावरण में उपस्थित विद्युतक्षेत्रों व अन्य विद्युत प्रभावों को बोध करने की क्षमता होती है। यह लगभग हमेशा जल में रहने वाले प्राणियों में ही पाई जाती है क्योंकि खारा पानी वायु से कहीं अधिक अच्छा विद्युत चालक होता है। इस शक्ति के द्वारा कई परभक्षी जलीय प्राणी शिकार करते हैं क्योंकि मांसपेशी-प्रयोग में विद्युत प्रयोग होती है और परभक्षी अपने ग्रास में उपस्थित इस विद्युत प्रभाव को खोज लेती हैं।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Heiligenberg, Walter (1977) Principles of Electrolocation and Jamming Avoidance in Electric Fish: A Neuroethological Approach Archived 2016-03-04 at the Wayback Machine Springer-Verlag. ISBN 9780387083674.
  2. Lewicki, M. S., Olshausen, B. A., Surlykke, A., & Moss, C. F. (2014) "Scene analysis in the natural environment". Frontiers in psychology: 5. doi:10.3389/fpsyg.2014.00199 Full text Archived 2017-03-13 at the Wayback Machine