विकिपीडिया वार्ता:अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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यह पृष्ठ विकिपीडिया:अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पन्ने के सुधार पर चर्चा करने के लिए वार्ता पन्ना है। यदि आप अपने संदेश पर जल्दी सबका ध्यान चाहते हैं, तो यहाँ संदेश लिखने के बाद चौपाल पर भी सूचना छोड़ दें।

शीर्षक सुधार[संपादित करें]

@Mala chaubey:मुझे लगता है पृष्ठ का शीर्षक बदलकर विकिपीडिया:पाठकों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल कर देना चाहिए। इस नामस्थान पर पहले से स्थित पृष्ठ में कुछ भी उपयोगी नहीं है अतः उसे हटाया जा सकते है।☆★संजीव कुमार (✉✉) 13:45, 5 अगस्त 2014 (UTC)

आपके सुझाव के आलोक मे पृष्ठ परिवर्तित कर दिया गया है।--माला चौबेवार्ता 05:00, 6 अगस्त 2014 (UTC)
विकिपीडिया:पाठकों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल न करके विकिपीडिया:अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पर अनुप्रेषित किया गया है। क्योंकि यह पृष्ठ पहले से विकिपीडिया पर मौजूद था।--माला चौबेवार्ता 05:11, 6 अगस्त 2014 (UTC)

प्रयोजनमूलक हिन्दी

            SANSAR ME MANUSHAY KI PAHCHAN USAKI BHASHA SE HAI। BHASHA KE DWARA HI MANUSHYA APNE WICHAR OR ANUBHAWON KO WYAQT KAR SAKTA HAI। ISE PRATIBHASHALI WIDWAN RAMCHANDRA VERMA NE IS PRAKAR PARIBHASHIT KIYE HAI, WE KAHTE HAI " MUKH SE UCHCHARIT HONEWALE SHABDON OR WAKYON AADI KA WAH SAMUH JISAKE DWARA MAN KI BAAT BATLAYI JATI HAI, 'BHASHA' KAHLATI HAI." ARTHAT MAN ME NIRMIT BHAWON KA YA WICHARON KE PRASTUTIKARAN KA MADHYAM BHASHA HI HOTI HAI.
            MANUSHYA SAMAJIK PRANI HAI। SAMAJ ME RAHKAR HI WAH APNE KRIYAKALAPON KO NISHPANN KAR SAKTA HAI, JISKA MADHYAM HAI 'BHASHA' .

संसार में मनुष्य की पहचान उसकी भाषा से होती है ।

संसार में मनुष्य की पहचान उसकी भाषा से होती है । भाषा के द्वारा ही मनुष्य अपने विचार और अनुभव को व्यक्त कर सकता हैं । Nitin Revgade (वार्ता) 00:01, 6 मई 2018 (UTC)

चित्र सेट करें[संपादित करें]

आपके व्यवस्थापकों को मूल चित्र सेट करने में कठिनाई क्यों होती है?Бајеццобола (वार्ता) 13:00, 13 जुलाई 2019 (UTC)