वाद्य संगीत
दिखावट
वाद्य संगीत ऐसी संगीत रचना होती है जिसमें बोल और गायन नहीं होते हैं। ऐसे संगीत की रचना पूर्ण रूप से वाद्य यन्त्र पर की जाती है। ऐसी रचना संगीत रचयिता स्वयं अपने किसी प्रदर्शन के लिये कर सकता है। वाद्य संगीत की परम्परा पश्चिमी संस्कृति और भारत में बहुत प्राचीन है। भारत में बहुत पहले समय से वीणा के उपयोग से वाद्य संगीत की रचना की जाती थी।[1]
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ शर्मा, रामविलास (2010). संगीत का इतिहास और भारतीय नवजागरण की समस्याएँ. नई दिल्ली: वाणी प्रकाशन. p. 184. ISBN 9350002299.
{{cite book}}:|access-date=requires|url=(help)
| यह संगीत से सम्बंधित लेख एक आधार है। जानकारी जोड़कर इसे बढ़ाने में विकिपीडिया की मदद करें। यह लेख विकिपरियोजना संगीत का हिस्सा है। |