वसई की संधि
दिखावट
| इस लेख में सन्दर्भ या स्रोत नहीं दिया गया है। कृपया विश्वसनीय सन्दर्भ या स्रोत जोड़कर इस लेख में सुधार करें। स्रोतहीन सामग्री ज्ञानकोश के लिए उपयुक्त नहीं है। इसे हटाया जा सकता है। (जुलाई 2025) स्रोत खोजें: "वसई की संधि" – समाचार · अखबार पुरालेख · किताबें · विद्वान · जेस्टोर (JSTOR) |
मराठा प्रदेश के राजाओं के आपस में जो संघर्ष चल रहे थे उनमें पूना के निकट हदप्सर स्थान पर बाजीराव द्वितीय को यशवंतराव होल्कर ने पराजित किया। पेशवा बाजीराव भाग कर बसई पहुँचे और ब्रिटिश सत्ता से शरण माँगी। पेशवा का शरण देना ब्रिटिश सत्ता ने सहर्ष स्वीकार किया परंतु इसके लिए बाजीराव को अपमानजनक शर्तों पर संधि करनी पड़ी।
यह संधि 31 दिसम्बर 1802 को हुई। इसके अनुसार पेशवा को अपने यहाँ ब्रिटिश सेना की एक टुकड़ी रखने और खर्चे के लिए 26 लाख रुपए की वार्षिक आय का अपना इलाका ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप देने पर सहमत होना पड़ा। संधि की एक शर्त यह भी थी कि अन्य राज्य से अपने संबंधों और व्यवहार के मामलों में पेशवा ईस्ट इंडिया कंपनी के आदेशानुसार काम करेंगे। इस प्रकार मराठा स्वतंत्रता इस संधि के परिणामस्वरूप ब्रिटिश सत्ता के हाथों बिक गई।