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लक्ष्मण बलवन्त भोपटकर

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लक्ष्मण बलवन्त भोपटकर (१८८० - २४ अप्रैल १९६०) भारत के एक राजनेता, पत्रकार एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता थे। वे १९३४ से १९४२ तक अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के अध्यक्ष रहे। गांधी हत्याकांड में उन्होने विनायक दामोदर सावरकर का बचाव किया था।[1] वे बाल गंगाधर तिलक की होम रूल लीग के सदस्य रहे तथा 1924 में प्रांतीय कांग्रेस समिति के अध्यक्ष रहे । 1921 में, अखिल भारतीय होम रूल लीग ने अपना नाम बदलकर स्वराज्य सभा कर लिया था।

1924 में, भोपटकर ने अपने एक सहयोगी कैप्टन श्री शिवरामपंत दामले के साथ मिलकर युवा भारतीयों को एथलेटिक्स में प्रशिक्षित करने के लिए महाराष्ट्रीय मंडल की स्थापना की। मंडल का उद्देश्य युवाओं को सभी प्रकार के (पश्चिमी और पूर्वी दोनों) शारीरिक व्यायाम, खेल, एथलेटिक्स और खेल के विज्ञान और तकनीक में प्रशिक्षित करना था और साथ ही आक्रमण और रक्षा के हथियारों और उपकरणों का एक संग्रहालय स्थापित करना था। पुणे के निवासियों से मिले दान और ऋण के माध्यम से, महाराष्ट्रीय मंडल एक इमारत का निर्माण करने में कामयाब रहा, जिसमें आधुनिक तर्ज पर निर्मित एक हवादार और विशाल कुश्ती का मैदान, एक कार्यालय कक्ष और भारतीय उपमहाद्वीप में उत्पन्न होने वाले पारंपरिक खेल मल्लखंब के लिए एक कमरा शामिल था।

27 मई, 1948 को 70 वर्ष की आयु में उन्होंने वीर सावरकर का बचाव करने के लिए कई महीनों तक पुणे बार काउंसिल में अपनी आकर्षक प्रैक्टिस छोड़ दी। उस समय वे हिंदू महासभा के अध्यक्ष थे। सावरकर को 6 फरवरी, 1948 को पुणे के शिवाजी पार्क स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और बॉम्बे की आर्थर रोड जेल में नज़रबंद रखा गया। नाथूराम गोडसे के साथ उनके संबंधों के कारण उन पर हत्या, हत्या की साजिश और हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया, जिसने 30 जनवरी, 1948 को महात्मा गांधी की हत्या की थी।

भोपटकर तीन बार नगरपालिका पार्षद चुने गए और लोकशाही स्वराज पक्ष के नेता और केसरी-मराठा ट्रस्ट के वरिष्ठ ट्रस्टी बने। 1960 में उनका निधन हो गया। पुणे के नारायण पेठ में "लक्ष्मण बलवन्त भोपटकर पथ" का नाम उनके नाम पर रखा गया है।

ल.ब. भोपटकर द्वारा लिखित या सम्पादित पुस्तकें

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  • ऐतिहासिक कथापंचक
  • काँग्रेस व कायदेमंडळ
  • कुस्ती
  • केसरी प्रबोध (संपादन)
  • केळकर (संपादन)
  • दांडपट्टा
  • नवरत्नांचा हार (= नवरत्नों का हार ; ऐतिहासिक शब्दचित्र)
  • पुणे सार्वजनिक सभा ज्युबिली अंक (संपादन)
  • महाराष्ट्र सांवत्सरिक (लेखक: श्री.म. माटे; संपादक : ल.ब. भोपटकर)
  • माझी व्यायाम पद्धती (मेरी व्यायाम पद्धति)
  • मृत्यूच्या मांडीवर
  • रामशाहीर यांची कविता
  • श्रीबिपीनचंद्रपाल व्याख्याने (श्री बिपिनचन्द्र पाल के व्याख्यान)
  • स्त्रियांचे व्यायाम (स्त्रियों के व्यायाम)
  • स्वराज्याची मीमांसा (स्वराज्य की मीमांसा)
  • हिंदू समाज दर्शन

सन्दर्भ

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  1. "Flashbacks of a different age". 2 फ़रवरी 2016 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 5 अगस्त 2015.