रंग मनोविज्ञान

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रंग चक्र

रंग मनोविज्ञान मानव व्यवहार के एक निर्धारक के रूप में रंग का अध्ययन है। रंग अनुभवों को प्रभावित करता है जो स्पष्ट नहीं हैं, जैसे भोजन का स्वाद। रंग प्लेसबोस की प्रभावशीलता को भी बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, आम तौर पर लाल या नारंगी गोलियों को उत्तेजक के रूप में उपयोग किया जाता है। रंग वास्तव में एक व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है; हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये प्रभाव लोगों के बीच अंतर करता है। लिंग, आयु और संस्कृति जैसे कारकों एक व्यक्ति के रंग को देखने के नज़रिये को प्रभावित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, विषमलैंगिक पुरुषों का यह रिपोर्ट करना है कि लाल पोशाक में महिला आकर्षण बढ़ता है, जबकि विषमलैंगिक महिलाएं पुरुषों के कपड़ों के किसी भी रंग से प्रभावित होने से इंकार करती हैं।

विपणन और ब्रांडिंग में रंग मनोविज्ञान का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। कई विपणक रंग को महत्वपूर्ण मनते हैं क्योंकि रंग का इस्तेमाल उपभोक्ताओं की वस्तुओं और सेवाओं के प्रथि भावनाओं एंव धारणाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है। ब्रांड लोगो पर निर्णय करने पर भी लेने कंपनियां रंग का उपयोग करती हैं। जब ये ब्रांड लोगो का रंग माल या सेवाओं के व्यक्तित्व से मेल खाता है, तो ये लोगो अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने लगते हैं, जैसे कि गुलाबी रंग को विक्टोरिया सिक्रेत्स के ब्रांडिंग में भारी इस्तेमाल किया जाता है। दुकानों के खिड़कियों में प्रदर्शित करने के लिए भी रंग महत्वपूर्ण है। अनुसंधान से पता चलता है कि शीतल रंग अधिक अनुकूल होने के बावजूद, गर्म रंग ज़्यदा खरीदारों को आकर्षित करते हैं। कोई व्यक्ति अपनी पोशाक किसी चादर का रंग किसी बैनर के रंग को अपनी यादो से जोड़ते है ,ज्यादातर लोग रंगो को लेकर इस बात पर अड़े होते है की मेरी पोशाक का रंग तुम्हारी पोशाक से अलग है या मेरे जूते का रंग तुम्हारे जुते से अलग है ,रंगो की धरणा भी अलग और अजीब है इनसे हम बहुत कुछ जोड़ते है ,इनमे कुछ लोग तो यह शर्त लगते हुए दिख जायेगे की वह रंग शांत है और वह रंग भड़कीला या आँखों को चुभने वाला ,लेकिन रंगो का सिद्धांत ये कहता है की कौन सा रंग ठंडा है और कौन सा रंग गर्म है। लेकिन ये कोई बड़ा मुद्दा नहीं है जिन रंगो को कई लोग गर्म महसूस करते है वही अन्य लोगो को वो रंग ठन्डे लगेंगे जैसे नीला रंग क्योकि नील रंग को हम नीला समुद्र नीली जमी हुई बर्फ नीला आकाश से जोड़कर देखते है। उसी प्रकार नारंगी या पिले रंग को लोग सूर्य ताप से तो कोई आग के साथ जोड़ कर देखते है चुकी ये जलाने वाली होती है ,उसी प्रकार हरा रंग आँखों को ताजगी देने वाला शांत ठंडा रंग है जैसे कोई जंगल हरी घास का मैदान ग्रीन वेजिटेबल या ग्रीन फ्रूट यह लोगो को प्रभावित करने के अलावा लोगो की रूचि को भी दर्शाता है लोगो द्वारा किसी वास्तु जैसे कोई पोषक कोई बैग बैड शीट यह देख कर नहीं ली जाती की इसकी रंगत गर्म है या ठंडी बल्कि ये देख कर ली जाती है ये देखने में कैसा लग रहा है ये नीला भी हो लाल भी हो सकता है और पिला भी चुकी लोगो की पसंद भी अलग अलग होती है। लाल, पिले कलर से सजी हुई पेंटिगे कम ही देखने को मिलती है क्योकि ये रंग अशांत औरआँखों को चुभने वाला होता है लोगो द्वारा इसे कम ही पसंद किया जाता है।

धारणा पर रंग का प्रभाव[संपादित करें]

धारणाएं स्पष्ट रूप से रंग से संबंधित नहीं हैं, जैसे भोजन की सुखदता, वास्तव में रंग द्वारा आंशिक रूप से निर्धारित किया जा सकता है। न केवल खाने का रंग बल्कि भक्षक के नज़र क्षेत्र में सभी चीजों का भी इस पर असर पड़ सकता है। (एल्काइड, जे एट अल।, 2012)। रंग धारणा की समझ में जोसेफ अल्बर्स की भूमिका उनके शोध के द्वारा कैसे रंग किनारों पर एक दूसरे के साथ घुल-मिल्ते हैं। उन्होंने रंग के प्रकशिक भ्रम का भी अध्ययन किया और कैसे अलग-अलग रंग समान दिखते हैं।

प्रयोगिक औषध का प्रभाव[संपादित करें]

प्लेसबो गोलियों का रंग उनकी प्रभावशीलता में एक कारक होने की सूचना है, "गर्म रंग" कि गोलियां उत्तेजक के रूप में बेहतर काम करती हैं और "शांत-रंग" कि गोलियां अवसाद के रूप में बेहतर काम करती हैं। माना जाता है कि यह रिश्ता मरीज की अपेक्षाओं का नतीजा है और न ही रंग का एक सीधा प्रभाव है। [1] नतीजतन, ये प्रभाव संस्कृति-आश्रित होते हैं।

ब्लू पब्लिक लाइटिंग[संपादित करें]

2000 में, ग्लासगो ने कुछ इलाकों में नीली सड़क प्रकाश व्यवस्था की स्थापना की और बाद में इन क्षेत्रों में कम अपराध के वास्तविक निष्कर्षों की सूचना दी। इस रिपोर्ट को कई समाचारों ने उठाया था। जापान में एक रेल कंपनी ने अक्टूबर 2009 में अपने स्टेशनों पर आत्मघाती प्रयासों की संख्या को कम करने के प्रयास में अपने स्टेशनों पर नीली लाइटिंग लगाई, हालांकि इस तकनीक के प्रभाव पर सवाल उठाया गया है।

रंग वरीयता एवं रंग और मनोदशा के बीच संबंध[संपादित करें]

रंग लंबे समय से आराम या विशालता की भावना पैदा करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, विभिन्न रंग उत्तेजनाओं से लोगों पर कैसा असर पड़ता है, व्यक्ति से व्यक्ति अन्तर करता है। नीले रंग 35% अमेरिकियों के लिए सबसे पसंदिदार है, उसके बाद हरे रंग (16%), बैंगनी (10%) और लाल (9%) है। नीले और हरे रंग के लिए वरीयता कुछ निवासों के लिए प्राथमिकता के कारण हो सकती है जो उत्थान के वातावरण में फायदेमंद थे, जैसा कि विकासवादी सौंदर्यशास्त्र लेख में बताया गया है। जो लोग ठंडे हैं वे लाल और पीले रंग जैसे गर्म रंग पसंद करते हैं, जबकि गर्म लोग नीले और हरे रंग की तरह ठंडे रंग पसंद करते हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 13 मार्च 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 फ़रवरी 2018.