यूवाइटिस (आंखों की सूजन)

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Uveitis
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वर्गीकरण एवं बाह्य साधन
Hypopyon.jpg
Hypopyon in anterior uveitis, seen as yellowish exudate in lower part of anterior chamber of eye
आईसीडी-१० H20.
आईसीडी- 364
डिज़ीज़-डीबी 13676
ईमेडिसिन oph/580  emerg/284
एम.ईएसएच D014605

यूवाइटिस , विशेष रूप से "यूविया" नाम से जानी जाने वाली आंख के बीच की परत की सूजन को संदर्भित करता है, लेकिन साधारण उपयोग में यह आंख के भीतर की किसी भी सूजन को संदर्भित कर सकता है.

एक अनुमान के अनुसार यूवाइटिस, संयुक्त राज्य अमेरिका में दृष्टिहीनता के लगभग 10% के लिए जिम्मेदार है.[1] यूवाइटिस के लिए एक नेत्र विशेषज्ञ या नेत्ररोग विशेषज्ञ द्वारा तत्काल गहन परीक्षण तथा सूजन नियंत्रण हेतु तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है.

शारीरिक वर्गीकरण[संपादित करें]

यूवाइटिस को शारीरिक रूप से एंटीरियर (अग्रभाग) , इंटरमीडिएट (मध्यभाग) , पोस्टीरियर (पृष्ठ भाग) तथा पैनयूवाआइटिक (संपूर्ण यूविया) प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है; यह वर्गीकरण इस बात पर आधारित है कि आंख का कौन सा हिस्सा मुख्य रूप से सूजन से प्रभावित है.

  • "एंटीरियर यूवाइटिस" (या इरिडोसाइक्लाइटिस) आइरिस (आंख की पुतली) तथा एंटीरियर चैंबर (अग्रभाग कक्ष) की सूजन को कहते हैं. यूवाइटिस के दो-तिहाई से लेकर 90% तक मामले आंख के सामने के हिस्से में पाए जाते हैं. यह स्थिति एक बार की भी हो सकती है जो उचित उपचार के साथ समाप्त हो जाये, या बार-बार उत्पन्न होने वाली अथवा दीर्घकालिक प्रकृति की भी हो सकती है. लक्षणों में शामिल हैं लाल आंख, इंजेक्टेड कौन्जंक्टिवा, दर्द और दृष्टि की कमी. संकेतों में शामिल हैं फैली हुई सीलिएरी नाड़ियां, कोशिकायें तथा एंटीरियर चैम्बर में सूजन, और कॉर्निया की पिछली सतह पर केराटिक प्रेसिपिटेट्स ("केपी") की उपस्थिति.
  • "इंटरमीडिएट यूवाइटिस" (पार्स प्लेनिटिस) में विट्राइटिस - अर्थात विट्रियस कैविटी (शीशा-युक्त छिद्र) में सूजन-युक्त कोशिकाएं - शामिल होती हैं; जो कभी-कभार स्नोबैंकिंग , या पार्स प्लाना पर सूजन-युक्त सामग्री की परत के साथ जमा होती.
  • "पोस्टीरियर यूवाइटिस" (या कोरियोरेटिनाइटिस), रेटिना (दृष्टिपटल) और कोरोइड की सूजन को कहते हैं.
  • "पैन यूवाइटिस", युविया की सभी परतों की सूजन को कहते हैं.

2004 में, अंतरराष्ट्रीय यूवाइटिस विशेषज्ञों के एक समूह ने बाल्टीमोर, एमडी, में एक बैठक की जिसका उद्देश्य शारीरिक वर्गीकरण सहित यूवाइटिस नैदानिक परीक्षणों में डेटा रिपोर्टिंग के तरीकों को मानकीकृत किया जाना शामिल था. इस बैठक के परिणामों को 2005 में अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑपथैल्मोलॉजी में प्रकाशित किया गया.[2]

यूवाइटिस और यूवाइटिस सिंड्रोम के साथ जुड़ी स्थितियां[संपादित करें]

यूवाइटिस के साथ कई स्थितियों को जोड़ा जा सकता है, जिनमे दृष्टि के अतिरिक्त अन्य हिस्सों को भी प्रमुख रूप से प्रभावित करने वाली बीमारियां तथा आंखों तक ही सीमित रहने वाले लक्षण शामिल हैं. एंटीरियर यूवाइटिस में, लगभग आधे मामलों में कोई भी संबंधित स्थिति या लक्षण प्रकट नहीं होता है. हालांकि, एंटीरियर यूवाइटिस अक्सर एचएलए-बी27 (HLA-B27) से जुड़े लक्षणों में से ही एक होती है. इस प्रकार के एचएलए (HLA) एलील की उपस्थिति से इस बीमारी के विकसित होने का जोखिम लगभग 15% होता है.[3]

यूवाइटिस के साथ जुड़े प्रणालीगत विकार[संपादित करें]

यूवाइटिस के साथ जुड़े प्रणालीगत विकारों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:[4]

  • अचलताकारक कशेरूकाशोथ (एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस)
  • बेचेट का रोग
  • दीर्घकालिक कणिकागुल्मीय (ग्रेन्यूलोमेटस) रोग
  • एन्थीसाइटिस
  • दाहक आंत्र रोग
  • किशोर रुमेटी गठिया
  • कावासाकी का रोग
  • मल्टिपल स्क्लेरोसिस (बहु ऊतक दृढ़न)
  • पोलीआर्टीराइटिस नोडोसा (पर्विल बहुधमनीशोथ)
  • सोराइटिक गठिया
  • प्रतिक्रियाशील गठिया
  • सारकॉइडोसिस
  • प्रणालीगत रक्तिम त्वग्यक्ष्मा (प्रणालीगत ल्‍यूपस एरिथीमेटोसस)
  • वोट-कोयानागी-हाराडा सिंड्रोम
  • व्हीपल रोग
  • लाइम रोग
  • ऑटोइम्यून तथा ऑटोइंफ्लेमेटरी रोगों की एक विस्तृत श्रृंखला[5]

संक्रामक कारक[संपादित करें]

यूवाइटिस आंख के अंदर एक संक्रमण से लड़ने की एक (सामान्य) प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया हो सकती है. कुछ ऐसे संभव संक्रमण जो यूवाइटिस से ग्रस्त रोगियों में से काफी कम रोगियों में ही पाए जाते हैं, इस प्रकार हैं:

यूवाइटिस के लक्षण[संपादित करें]

कई मामलों में, यूवाइटिस एक प्रणालीगत (अर्थात दृष्टि के अतिरिक्त) स्थिति से संबंधित नहीं होता है: सूजन नेत्र तक ही सीमित रहती है. इनमे से कुछ मामलों में आंखों की प्रस्तुति एक ज्ञात लक्षण की विशेषता होती है, और इसमें निम्नलिखित निदान शामिल होते हैं:

  • तीव्र पोस्टीरियर मल्टीफोकल प्लेकोइड पिगमेंट एपिथेलियोपैथी (एपीएमपीपीई (APMPPE))
  • बर्डशॉट रेटिनोकोरोइडोपैथी
  • फुक्स हेट्रोक्रोमिक इरिडोसाइक्लिटिस
  • मल्टीफोकल कोरोइडाइटीस तथा पैनयूवाइटिस सिंड्रोम
  • मल्टिपल इवानेसेंट व्हाइट डॉट सिंड्रोम (एमईडब्ल्यूडीएस (MEWDS))
  • पंक्टेट इनर कोरोइडोपैथी (पीआईसी (PIC))
  • सर्पीजिनस कोरोइडाटिस

छुपे हुए लक्षण[संपादित करें]

छुपे हुए लक्षण वे नेत्र विकार हैं जो नैदानिक रूप से एंटीरियर या पोस्टीरियर यूवाइटिस के रूप में प्रकट होने के बावजूद सूजन का मुख्य कारण नहीं होते हैं. निम्नलिखित इनमे से कुछ सबसे सामान्य हैं:

  • अगले हिस्से में
  • इंट्राऔक्युलर फॉरेन बॉडी
  • जुवेनाइल जैंथोग्रेंयुलोमा
  • रक्त का कैंसर(ल्यूकेमिया)
  • घातक मेलेनोमा
  • रेटिना का हटना
  • रेटिनोब्लास्टोमा
  • पिछले हिस्से में
  • लिम्फोमा (लासिकबुर्द)
  • घातक मेलेनोमा
  • मल्टिपल स्क्लेरोसिस
  • जालिका कोशिका सार्कोमा
  • रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा
  • रेटिनोब्लास्टोमा

लक्षण[संपादित करें]

  • आंख की लालिमा
  • धुंधला दिखना
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया)
  • दृश्य क्षेत्र के आसपास काले, चलते हुए धब्बे
  • आंख का दर्द

उपचार[संपादित करें]

शीघ्र निदान और उपचार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के लिए परिणाम आमतौर पर अच्छे होते हैं, लेकिन अनुपचारित छोड़ दिए जाने पर गंभीर जटिलतायें (मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, बैंड केराटोपैथी, रेटिनल एडीमा तथा दृष्टि का स्थायी नुकसान सहित) उत्पन्न हो सकती हैं. यूवाइटिस के प्रकार के साथ-साथ इसकी गंभीरता, अवधि, और उपचार के प्रति प्रतिक्रिया या अन्य सभी संबंधित बीमारियों का इसके परिणामों पर प्रभाव पड़ता है.[1]

यूवाइटिस का आमतौर पर ग्लुकोकॉर्टीकोइड स्टेरोइड्स द्वारा उपचार किया जाता है, जिसे टॉपिकल आई ड्रॉप (प्रेड्नीसोलोन एसीटेट) या कॉर्टीकॉस्टीरोइड के साथ मौखिक खुराक के रूप में दिया जाता है. लेकिन कॉर्टीकॉस्टीरोइड दिए जाने से पहले, फ्लोरिसीन डाई टेस्ट द्वारा यह जांच लेना चाहिए कि कॉर्नियल अल्सर तो मौजूद नहीं है. कॉर्टीकॉस्टीरोइड के अतिरिक्त एट्रोपिन या होमाट्रोपिन जैसे टॉपिकल साइक्लोप्लेजिक्स का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. कुछ मामलों में आंख की सूजन को कम करने के लिए पीएसटीटीए (पोस्टीरियर सब्टिनोन ट्रीयामसिनोलोन एसीटेट) के एक इंजेक्शन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. [6]

यूवाइटिस के जटिल या अधिक आक्रामक मामलों के लिए अक्सर मेथोट्रेग्जेट जैसी एंटीमेटाबोलाईट दवाओं का भी उपयोग किया जाता है. इन्फ्लिक्सीमैब या अन्य एंटी-टीएनएफ द्वारा किया गया प्रयोगात्मक उपचार मददगार साबित हो सकता है.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • नेत्र रोगों और विकारों की सूची
  • ओकुलर अभिव्यक्तियों के साथ प्रणालीगत रोगों की सूची
  • मध्यवर्ती युविटिस

फूटनोट्स[संपादित करें]

  1. सर्जियो श्वार्ट्जमैन. उत्तेजक नेत्र रोग: सर्जियो श्वार्ट्जमैन, एमडी मेडस्केप रिऊमेटोलॉजी 2007 के साथ एक विशेषज्ञ साक्षात्कार.
  2. जैब्स डीए, नुसेंब्लैट आरबी, रोज़ेनबौम जेटी. यूवाइटिस नोमेंक्लेचर (एसयूएन (SUN)) वर्किंग ग्रुप. यूवाइटिस के नैदानिक डेटा नामकरण रिपोर्टिंग के लिए मानकीकरण. पहला अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का परिणाम. एम. जे ओफथलमोल 2005; 140:509-516.
  3. Mitchell, Richard Sheppard; Kumar, Vinay; Abbas, Abul K.; Fausto, Nelson. Robbins Basic Pathology. Philadelphia: Saunders. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 1-4160-2973-7.  में 5-7 तालिका: 8 संस्करण.
  4. व्हाइट जी. "यूवाइटिस." AllAboutVision.com. 20 अगस्त 2006 को पुनःप्राप्त.
  5. मैकगोनैगल डी, मैकडर्मोट एमएफ (2006) अ प्रोपोस्ड क्लासिफिकेशन ऑफ़ डी इम्म्युनोलॉजिकल डिसीजेस. पलोस मेड 3(8): e297. DOI: 10.1371/journal. pmed.0030297
  6. बीएनएफ (BNF) 45 मार्च 2003

बाहरी लिंक्स[संपादित करें]