मोर तारामंडल


मोर या पेवो तारामंडल खगोलीय गोले के दक्षिणी भाग में दिखने वाला एक तारामंडल है। इसमें कुछ मुख्य तारों को लकीरों से जोड़कर एक काल्पनिक मोर (पक्षी) की आकृति बनाई जा सकती है। "पेवो" (Pavo) लातिनी भाषा में "मोर" के लिए शब्द है। इसकी परिभाषा औपचारिक रूप से सन् १६१२ या १६१३ में पॅट्रस प्लैंकियस (Petrus Plancius) नामक डच खगोलशास्त्री ने की थी हालांकि इसके नाम का प्रयोग १५९७-१५९८ से ही शुरू हो चूका था।
अन्य भाषाओं में
[संपादित करें]मोर तारामंडल को अंग्रेजी में "पेवो कॉन्स्टॅलेशन" (Pavo constellation) बुलाया जाता है लेकिन कभी-कभी "पीकॉक कॉन्स्टॅलेशन" (Peacock constellation) भी कहते हैं, क्योंकि "पीकॉक" अंग्रेजी में "मोर" के लिए शब्द होता है। फ़ारसी में इस "ताऊस सूरत-ए-फ़लकी" (ur) कहते हैं। "ताऊस" फ़ारसी में "मोर" को कहते हैं, उदाहरण के लिए विश्व-प्रसिद्ध "मोर सिंहासन" (Peacock throne, पीकॉक थ्रोन) को कभी-कभी भारत में भी "तख़्त-ए-ताऊस" कहा जाता है। "सूरत-ए-फ़लकी" का अर्थ "फ़लक" (आकाश) में तारों से बनाने वाली "सूरत"। यूनानी में भी इसे "ताऊस अस्तेरिस्मोस" (Ταώς αστερισμός) कहा जाता है। यूनानी में "अस्तेर" तारे को कहा जाता है।
तारे
[संपादित करें]मोर तारामंडल में ७ मुख्य तारे हैं, हालांकि वैसे इसमें २४ तारों को बायर नाम दिए जा चुके हैं। इनमें से ५ के इर्द-गिर्द ग़ैर-सौरीय ग्रह परिक्रमा करते हुए पाए गए हैं। इस तारामंडल के मुख्य तारे और अन्य वास्तुएँ इस प्रकार हैं -
- अल्फ़ा पैवोनिस (α Pav) - यह एक द्वितारा है जो पृथ्वी से आकाश में दिखने वाला सबसे रोशन तारों में से एक है।
- डॅल्टा पैवोनिस (δ Pav) - यह सूरज से बहुत मिलता-जुलता (लेकिन आयु में ज़्यादा) G श्रेणी का तारा है।[1]
- फ़ाई२ पैवोनिस (φ2 Pav) - यह भी एक सूरज से मिलता-जुलता (लेकिन F श्रेणी) का तारा है। खगोलशास्त्रियों ने सन् १९९८ में इसके इर्द-गिर्द एक ग़ैर-सौरीय ग्रह पाए जाने की घोषणा की थी लेकिन अब इसमें कुछ शुबा है।
- भिड़ती गैलेक्सियाँ (interacting galaxies) - पेवो तारामंडल के क्षेत्र में तीन ऐसे गैलेक्सियाँ देखी जा सकती है जो समीप होने के कारण अपने गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से एक दुसरे पर खीचातानी कर रही हैं। इनका नामांकन आई॰सी॰४६८६, आई॰सी॰४६८७ और आई॰सी॰४६८९ है। ये पृथ्वी से २५ करोड़ प्रकाश-वर्ष की दूरी पर हैं।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Harry John Philip Arnold, Paul Doherty, Patrick Moore. "The Photographic Atlas of the Stars". CRC Press, 1999. ISBN 9780750306546. 29 जुलाई 2016 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 29 अगस्त 2011.
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