मुरली कार्तिक

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मुरली कार्तिक (, जन्म 11 सितम्बर १९७६) एक पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी है जिन्होंने साल २००० से २००७ भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट और एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। इन्होंने २०१४ में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया था।[1]

मुरली कार्तिक बाएं हाथ के पारंपरिक स्पिनर थे. उनकी गेंद में स्पिन और अच्छी उछाल होती थी. वे अच्छी फ्लाइट भी कराते थे. मुरली कार्तिक अपने जमाने के देश के बाएं हाथ के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर थे. हालांकि, उन्हें प्रतिभा के मुताबिक भारतीय टीम में मौका नहीं मिला. इसकी एक वजह यह भी थी कि उन दिनों भारतीय टीम में लेग स्पिनर अनिल कुंबले और आफ स्पिनर हरभजन सिंह की जोड़ी जम चुकी थी. कोई भी कप्तान या कोच अनिल कुंबले और हरभजन सिंह की जोड़ी नहीं तोड़ना चाहता था. इसलिए मुरली कार्तिक को ज्यादातर तभी भारतीय टीम में जगह मिली, जब अनिल कुंबले या हरभजन सिंह चोट के कारण खेलने में सक्षम नहीं थे.

साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुंबई टेस्ट में अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और मुरली कार्तिक तीनों ही खेले. इस मैच में सबसे अधिक सात विकेट मुरली कार्तिक ने लिए और मैन ऑफ द मैच चुने गए. मुरली कार्तिक को इस मैच के बाद सिर्फ एक मैच में मौका मिला. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस टेस्ट मैच में वे सिर्फ दो विकेट ले सके. इसके बाद मुरली कार्तिक को भारतीय टेस्ट टीम में कभी शामिल नहीं किया गया. अपना आखिरी टेस्ट मैच खेलने के 10 साल बाद इस खिलाड़ी ने सक्रिय क्रिकेट से संन्यास ले लिया और कॉमेंट्री करने लगे. अब वे देश के लोकप्रिय कॉमेंटटरों में गिने जाते हैं.  

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. ईएसपीएन क्रिकइन्फो. "Murali Kartik retires from cricket" (अंग्रेज़ी में). मूल से 13 जुलाई 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 जुलाई 2018.