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मुफ़्ती तारिक मसूद

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
तारिक़ मसूद
2021 में मुफ्ती तारिक़ मसूद
व्यक्तिगत जीवन
जन्म4 मार्च 1975 (1975-03-04) (आयु 51)
राष्ट्रीयतापाकिस्तानी
मुख्य रुचि(याँ)इस्लामी न्यायशास्त्र (फ़िक़्ह), हदीस, पारिवारिक कानून
उल्लेखनीय रचना(एँ)एक से ज़ायद शादियों की ज़रूरत क्यों?
आलमा माटरजामिया तुर रशीद, कराची
पेशाइस्लामी विद्वान, उपदेशक, लेखक
धार्मिक जीवन
धर्मइस्लाम
संप्रदायसुन्नी
न्यायशास्त्रहनफ़ी
आंदोलनदेवबंदी
वेबसाइटmuftitariqmasood.com

मुफ्ती तारिक़ मसूद (उर्दू: مفتی طارق مسعود; जन्म: 4 मार्च 1975) एक पाकिस्तानी इस्लामी विद्वान, लेखक और उपदेशक हैं। वह मुख्य रूप से सुन्नी देवबंदी विचारधारा का अनुसरण करते हैं और कराची स्थित जामिया तुर रशीद में पढ़ाते हैं। उन्होंने एक से ज़ायद शादियों की ज़रूरत क्यों? सहित कई पुस्तकें लिखी हैं और वे अपने ऑनलाइन उपदेशों तथा इस्लामी न्यायशास्त्र (फ़िक़्ह) पर अपनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं।

प्रारंभिक और व्यक्तिगत जीवन

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तारिक़ मसूद का जन्म 4 मार्च 1975 को पाकिस्तान के सरगोधा में एक जातीय मुहाजिर धार्मिक मुस्लिम परिवार में हुआ था।[1] उन्होंने अपनी उच्च इस्लामी शिक्षा कराची के जामिया तुर रशीद से प्राप्त की।

मसूद ने अपने जीवन में तीन बार विवाह किया है: उनकी पहली शादी 2005 में, दूसरी 2008 में और तीसरी शादी 2018 में हुई।[2]

मुफ्ती तारिक़ मसूद हनफ़ी स्कूल के देवबंदी आंदोलन के अनुयायी हैं। वर्तमान में वे कराची के जामिया तुर रशीद में एक शिक्षक (लेक्चरर) और मुफ्ती के रूप में कार्यरत हैं। वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और समकालीन मुद्दों पर धार्मिक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।[3] उन्होंने एक से ज़ायद शादियों की ज़रूरत क्यों? (बहुविवाह की आवश्यकता) और परिवार नियोजन सहित कई इस्लामी पुस्तकें लिखी हैं।[4][5]

विचार और दृष्टिकोण

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चीनी कंपनियों पर टिप्पणी

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जुलाई 2019 में, यह बात सामने आई कि पाकिस्तान में कार्यरत कुछ चीनी कंपनियाँ अपने मुस्लिम कर्मचारियों को काम के घंटों के दौरान अनिवार्य दैनिक नमाज़ पढ़ने की अनुमति नहीं दे रही हैं। मसूद ने इस बात का कड़ा विरोध किया और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे अपने चीनी नियोक्ताओं को स्पष्ट रूप से बताएं कि "उन्हें स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा और यह देश उनका नहीं है।" तारिक़ मसूद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि "लोगों को यह डर है कि नमाज़ पढ़ने से वे अपनी नौकरी खो देंगे।" उनका यह वीडियो 26 जून 2020 को सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

कोविड-19 महामारी

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पाकिस्तान में कोविड-19 महामारी के दौरान, सिंध सरकार ने 22 मार्च 2020 को प्रदेश में लॉकडाउन की घोषणा की थी। 25 मार्च 2020 को प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान मुफ्ती मुहम्मद तक़ी उस्मानी (जामिया दारुल उलूम, कराची) ने यह फतवा दिया कि लोगों को अभी भी नमाज़ के लिए मस्जिद में इकट्ठा होना चाहिए (पचास वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, छोटे बच्चों और कोविड-19 के लक्षणों वाले लोगों को छोड़कर)।

मसूद ने सामूहिक नमाज़ पर सरकार के प्रतिबंध का समर्थन किया और तकी उस्मानी के दृष्टिकोण से असहमति जताई। मसूद ने लोगों को सलाह देते हुए कहा: "हम अभी भी इस वायरस की गंभीरता को नहीं समझते हैं। आप इस दौरान घर पर नमाज़ पढ़ सकते हैं और अल्लाह से क्षमा व स्वास्थ्य के लिए इबादत कर सकते हैं।" 7 अप्रैल 2020 को, मसूद ने कोविड-19 पर लोगों को धार्मिक सलाह देने के लिए 'बोल एंटरटेनमेंट' (BOL Entertainment) के एक टेलीविजन कार्यक्रम में भी भाग लिया था।

प्रमुख कृतियाँ

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मुफ्ती तारिक़ मसूद द्वारा लिखित प्रमुख पुस्तकें इस प्रकार हैं:

  • एक से ज़ायद शादियों की ज़रूरत क्यों? (बहुविवाह की आवश्यकता)
  • परिवार नियोजन (Family Planning)
  1. "Mufti Tariq Masood Profile". HamariWeb. अभिगमन तिथि: 15 June 2022.
  2. Exclusive Interview Mufti Tariq Masood - Full & Complete. YouTube. अभिगमन तिथि: 16 May 2022.
  3. "About Mufti Tariq Masood Speeches". YouTube. अभिगमन तिथि: 15 June 2022.
  4. "Books". muftitariqmasood.com. अभिगमन तिथि: 24 June 2020.
  5. Hamza, Muhammad (23 March 2019). "Paigham-e-Pakistan At Isra University, Hyderabad". Weekly Technology Times. मूल से से 27 June 2020 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 24 June 2020.

बाहरी कड़ियाँ

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