मनीराम बागड़ी
चौधरी मनीराम बागड़ी | |
|---|---|
| Member of Legislative Assembly | |
| चुनाव क्षेत्र | Fatehabad, Haryana |
| Member of Parliament 3rd Lok Sabha | |
| चुनाव क्षेत्र | हिसार , हरियाणा |
| Member of Parliament 6th Lok Sabha | |
| चुनाव क्षेत्र | मथुरा, उत्तर प्रदेश |
| Member of Parliament 7th Lok Sabha | |
| चुनाव क्षेत्र | हिसार |
| व्यक्तिगत जानकारी | |
| जन्म | 01 जनवरी 1920 |
| मृत्यु | 31 जनवरी 2012 (उम्र 92 वर्ष) |
| पत्नी | धानी देवी |
| बच्चे | 5 |
| पेशा | कार्यकर्ता, राजनेता |
मनीराम बागड़ी (1 जनवरी 1920 – 31 मार्च 2012) भारत के एक राजनेता थे जो तीन बार सांसद रहे। वे राममनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं के सहकर्मी थे।[1] साधारण परिवार में जन्मे मनीराम बागड़ी ने हमेशा कमेरे वर्ग की ही लड़ाई लड़ी, चाहे वह मुजारा आंदोलन हो या अध्यापकों, किसानों और कर्मचारियों का आंदोलन।
बागड़ी का जन्म एक जनवरी, 1914 को फतेहाबाद में भट्टू के गांव पीली मंदोरी में हुआ था। वे तीन बार सांसद रहे। पहली बार 1962 में हिसार से जीते। यूपी में मथुरा के बाद 1980 में हिसार से जनता पार्टी सेक्युलर की टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए। आजादी के बाद प्रदेश में मजदूरों के लिए 1952 में पहला आंदोलन चलाया था। उनके इस आंदोलन से खेत में काम करने वाले मजदूर को उसी जमीन का मालिक बना दिया गया। पांच साल उनकी यह लड़ाई चली और हर मजदूर को फायदा हुआ था। 1960 में फिर उन्होने देश की पहली पुलिस की यूनियन दिल्ली में बनाई और उनकी 24 घंटे की ड्यूटी को लेकर लड़ाई लड़ी। 1965 में सोशलिस्ट पार्टी के नेता बने। 1972 में जब बिजली कर्मचारियों का प्रदेश में पहला आंदोलन भी उनकी ही देन था। 1973 में अध्यापक और कर्मचारियों का आंदोलन चलाया। वे रिक्शा में कभी नहीं बैठे। कहते थे बड़ी गलत बात है कि एक आदमी ही दूसरे को खींच रहा है। वे खुद खाना बनाते और अपने ड्राइवर व अन्य व्यक्ति को खिला देते थे।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "tribuneindia... Regional Vignettes". Tribuneindia.com. 3 मार्च 2016 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2012-02-09.