मध्य प्रदेश राज्य ओपेन स्कूल, भोपाल

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मध्य प्रदेश राज्य ओपेन स्कूल, भोपाल 'सबके लिये शिक्षा' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये मध्य प्रदेश सरकार की पहल है। यह संस्था अगस्त १९९५ से स्वायत्तशासी संस्था के रूप में कार्य कर रही है।

परिचय[संपादित करें]

म.प्र. राज्य ओपन स्कूल द्वारा शिक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था अत्यधिक लचीली मुक्त शिक्षा के माध्यम से की जाती है। छात्रों को कक्षा दसवीं तथा बारहवीं की इस लचीली शिक्षा के माध्यम से शिक्षित होने के कई अवसर लगातार उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रदेश के सभी जिलों में स्थापित अध्ययन केन्द्रों के माध्यम से वर्ष भर खुला प्रवेश नीति के अन्तर्गत वर्ष में 2 बार जनवरी-अप्रैल (चार माह) तथा जुलाई-अक्टूबर (चार माह) प्रवेश दिया जाता है। इन सत्रों में प्रवेशित छात्रों की परीक्षाएं क्रमशः माह नवम्बर तथा माह मई में आयोजित की जाती हैं। म.प्र. राज्य ओपन स्कूल द्वारा संचालित, प्रदेश में एकमात्र इस अनूठी योजनान्तर्गत प्रवेशित छात्र को 5 वर्षों के अन्तराल में 9 परीक्षा अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। जिसमें वह अपनी योग्यतानुसार एक वर्ष में अथवा एक-एक करके अधिकतम 9 अवसरों में परीक्षा पास कर सकता है। छात्र के उत्तीर्ण विषयों का संकलन तब तक किया जाता है जब तक कि वह पूरे 5 विषयों को परीक्षा पास नहीं कर लेता। छात्र को 5 विषयों की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अंकसूची तथा प्रमाण पत्र दिए जाते ह

संचालित कार्यक्रम[संपादित करें]

  • माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम
  • उच्चतर माध्यमिक शिक्षा कार्यक्रम
  • अंशतः क्रेडिट योजना
  • क्रेडिट योजना (अंकों का स्थानान्तरण)
  • अंक/श्रेणी सुधार कार्यक्रम

अध्ययन प्रक्रिया[संपादित करें]

मुद्रित स्व-अध्ययन सामग्री: अध्ययन सामग्री शिक्षार्थियों के स्वतः अध्ययन में सहायता के लिये विशेष रूप से तैयार की गई है। ये साधारण पाठ्य-पुस्तकें नहीं हैं और न ही पत्राचार पाठ्यक्रम के अंतर्गत भेजे जाने वाले पाठों से इनकी तुलना की जा सकती है। यह पुस्तकें राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान, नई दिल्ली से मँगवाई जाती हैं। बाजार में उपलब्ध नहीं रहती हैं। ये पुस्तकें अध्ययन केन्द्रों पर दर्ज छात्र संख्यानुसार प्रेषित की जाती हैं। पाठ्य पुस्तकें हिन्दी भाषा में उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिक्षा एवं परीक्षा का माध्यम[संपादित करें]

म.प्र. राज्य ओपन स्कूल के तहत प्रवेश प्राप्त छात्र केवल हिन्दी भाषा के माध्यम से ही अध्ययन करके परीक्षा दे सकते हैं।

अतिरिक्त समय -

दृष्टिहीन छात्रों को परीक्षा हेतु निर्धारित सामान्य समय (3 घंटे) के अतिरिक्त एक घंटा अधिक समय दिये जाने की सुविधा है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]