भोई

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भोई क्षत्रिय, भोई आदिवासी


भोई भारत की एक प्राचीन चन्द्रवंशी जाति है। जिसका उल्लेख महाभारत और रामायणजैसे भारत के प्राचीनतम महाकाव्यों में मिलता है। भोई समाज शैव धर्म के अंग है। वर्णाश्रम व्यवस्था में वे निषाद अवर्ग रहे हैं। उड़ीसा में भोई राजवंश के उल्लेख इतिहास में उल्लेखित हैं। से जल जंगल और ज़मीन पर आश्रित होकर अपना जीवन यापन प्राकृतिक संसाधनों की सहायता से करते चले आ रहे हैं। महाभारत के भिष्म पितामह की दुसरी माता सत्यवती एक धीवर(निषाद)पुत्री थी,.मगर कर्म संबोधन निषाद वंश शाखा के ही भाग है बैसे कर्म संबोधन मल्लाह जाती कश्यप नाम के एक अति प्राचीन हिन्दू ऋषि के गोत्र से उत्पन्न हुआ बतलाते हैं। इस कारण वे अपने नाम के आगे जातिसूचक शब्द कश्यप लगाने में गर्व अनुभव करते हैं।बैसे महाभारत के भिष्म पितामह की दुसरी माता सत्यवती एक धीवर(निषाद)पुत्री थी,रामचंद्र और केवट के संवाद का वर्णन है इस बात से यह साबित होता हे की भोई एक आदिम जाती है

उपजाति[संपादित करें]

इसे कई नामो से जाना जाता है जिनमेँ कश्यप राजपूत, कश्यप,मेहरा , सिंह, क्षत्रिय, अग्निकुल क्षत्रिय, ;साहनी ,बर्मन, वर्मन, बरमैया, बरचाई, बाथम, बाधव, बगवारी, बारी, शिंदे, बोई, बिन्द/केवट, बिन्द, भोई, महरा, तोरिया, तुरहा, तुरैहा, तुरैया, रैकवार, रायकवार, , राजद्वार, जूलगेरा, जलक्षत्रिय, सोंधिया, सिंधिया, सिंघड़िया सफालिंगा, सुनामारा, सरदिया, संभा, सीवर, सालो, बराऊ, बड़ावतीला, वन्नेकपू, बड्डी, वर्मा, वेस्था, बर्वे, वन्नारेड्डू, वन्याफुला, क्षत्रीय, हरिकंभरा, खादीभोई, खरवी, खेरवार, खागी, आम्बिगा, आग्ने, कुलाक्षत्रीय, टोकरेचाई, पल्लीरेड्डी, पल्लीकापू, पल्ली, पट्नो, पवेहा, पवैया, धुरिया, नंदा, नोरिया, नायक, नाविक, नायकारा, नामदास, नामयुद्ध, गंगापुत्र, गंगवार, गंगाफुला, गाधर, गरिया, गूंडला, गोड़िया, गोंड, गोंडराज, गुरिया, गंगेयकाल, गौर, शुक्ला,चोल, कोल,चेर महाराष्ट्र में प्रतिकवार भोई आदि उपनाम से जाने जाते हैं।

निवासी[संपादित करें]

10,00,00,000 की जनसँख्या वाली यह जाति भारत के महाराष्ट्र मे मुंबई, नासिक, धुलिया, जलगाँव, अहमदनगर, पुणे औरगांबाद, नांदेड परभणी कोल्हापुर,रत्नागिरी ,सोलापुर,अकोला,अमरावती मध्यप्रदेश के मन्दसौर, रामपुरा, आलोट, फतेहपूर, ताल, उत्तर प्रदेश;रतलाम, सैलाना मे रहते है। वर्तमान में, भोई समुदाय के लोग पूरे मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात ओरीसा,कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, पंजाब , जम्मू कश्मीर, हरियाणा, उत्तरांचल ,हिमाचल प्रदेश, राजस्थान मे निवास करते है। I

आराध्य देव व महापुरुष[संपादित करें]

  • महादेव शिव
  • जलदेव
  • महर्षि कश्यप
  • सत बाबा कालू महाराज
  • गुहराजा निषादराज़
  • निषादराज
  • मच्छीन्द्रनाथ
  • राजा वेन
  • भाई हिम्मत सिंह झींवर