बैले

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बैले नर्तकियों का चित्र, 1872 में एडगर डेगास द्वारा.

बैले एक तरह का प्रदर्शन नृत्य है जिसकी उत्पत्ति 15वीं शताब्दी में इतालवी नवजागरण न्यायालयों में हुई और आगे चलकर फ्रांस, इंग्लैंड और रूस में इसे एक समारोह नृत्य शैली के तौर पर और अधिक विकसित किया गया। इसकी शुरुआत रंगमंचों से पहले हुई और इन्हें बड़े कक्षों में प्रदर्शित किया जाता था जहां ज्यादातर दर्शक, पंक्तियों अथवा दीर्घाओं में डांस फ्लोर के तीनों ओर बैठे होते थे। इसके बाद से यह स्वयं की शब्दावली वाली बेहद तकनीकी नृत्य शैली बन गई। मुख्य तौर पर इसे शास्त्रीय संगीत के साथ ही प्रदर्शित किया जाता है और एक नृत्य के रूप में यह पूरे विश्व में काफी प्रभावशाली है। पूरे विश्व के बैले स्कूलों में बैले नृत्य सिखाया जाता है जहां लोग अपनी संस्कृति और समाज के माध्यम से इस कला के बारे में बताते हैं। बैले नृत्य प्रशिक्षित कलाकारों द्वारा कोरियोग्राफ और प्रदर्शित किया जाता है, जिसमें मसखरी और अभिनय करना भी शामिल है और जो संगीत पर तैयार होता है (आमतौर पर ऑर्केसट्रा के संगीत पर लेकिन कभी-कभार मौखिक भी होता है). यह एक संतुलित शैली का नृत्य है जिसमें कई दूसरी नृत्य शैलियों की आधारभूत तकनीकें भी शामिल होती हैं।

नृत्य की इस शैली में महारथ हासिल करना बहुत मुश्किल है और इसके लिए काफी अभ्यास की आवश्यकता है। यह मुख्य रूप से लेट रोमांटिक बैले या बैले ब्लांस के रूप में लोकप्रिय है, जिसमें कि लगभग सभी को छोड़कर पूर्णरूप से महिला नर्तकियों का ही बोलबाला होता है, स्पष्ट काम, लहराना, सटीक एक्रोबैटिक मूवमेंट्स पर केंद्रित होता है और अक्सर नर्तकियों को पारंपरिक सफेद फ्रेंच परिधान में पेश किया जाता है। बाद में इस नृत्य शैली में कुछ और विकास हुआ जिनमें एक्सप्रेशनिस्ट बैले, नियोक्लासिकल बैले और आधुनिक नृत्य के तत्व शामिल हैं।

शब्द-व्युत्पत्ति[संपादित करें]

बैले शब्द फ्रांसीसी भाषा से आया है और 1630 के आसपास इसे अंग्रेजी में शामिल कर लिया गया। फ्रांसीसी शब्द की उत्पत्ति इतालवी शब्द balletto से हुई है, ये ballo (नृत्य) का एक अल्पार्थक है जो लैटिन शब्द ballo, ballare से आया है,[1][2] जिसका अर्थ नृत्य होता है और जो यूनानी शब्द "βαλλίζω" (ballizo) से आया है, इसका अर्थ नृत्य करना या कूदना है।[3][4]

इतिहास[संपादित करें]

डेनमार्क के कोपेनहेगन के टिवोली गार्डन में माइम थियेटर से हार्लेक्विन और कॉलुम्बिना.

इटली में बैले की शुरुआत पंद्रहवीं शताब्दी में नवजागरण न्यायलय संस्कृति में बाड़ लगाने वाले एक नृत्य के तौर पर हुई, जो आगे सत्रहवीं शताब्दी में लुई चौदहवें के कार्यकाल से फ्रांसीसी सभा में और विकसित हुआ। यह बैले की मुख्यतः फ्रांसीसी शब्दावली में परिलक्षित होता है। अठारहवीं सदी में नोवेरे के महान सुधारों के बावजूद 1830 के बाद फ्रांस में बैले का पतन शुरु हो गया, हालांकि यह डेनमार्क, इटली और रूस में जारी रहा. इसे पश्चिमी यूरोप में प्रथम विश्व युद्ध से पहले रूस की एक कंपनी द्वारा दोबारा से पेश किया गया: सर्गेई डायाघिलेव का बैले रसेस, जो कि पूरे विश्व भर में काफी प्रभावशाली बन गया। बोलशेविक क्रांति के बाद अकाल और अशांति के बाद भागने वाली कई प्रशिक्षित नर्तकियों के लिए डायाघिलेव की ये कंपनी एक गंतव्य बन गई थी। इन नर्तकियों ने जार के शासन के तहत फलने-फूलने वाले कई नवीन प्रकारों तथा शैलियों को इस नृत्य के मूल स्थान तक वापस लाने में अहम भूमिका निभाई.

20वीं सदी में भी बैले का विकास निरंतर जारी रहा और कंसर्ट डांस पर जबरदस्त प्रभाव रहा. उदाहरण के लिए आपको बता दें कि अमेरिका में कोरियोग्राफर जॉर्ज बैलेंशाइन ने नृत्य की जो शैली विकसित की वो नवशास्त्रीय बैले के रूप में जानी जाती है। उसके बाद के विकासों में शामिल हैं समकालीन बैले और पोस्ट-स्ट्रक्चरल बैले, जो कि जर्मनी में विलियम फॉर्सिथे की कृतियों में दिखाई देता है।

शास्त्रीय बैले[संपादित करें]

बैले शैलियों में शास्त्रीय बैले सबसे व्यवस्थित है; यह पारंपरिक बैले तकनीक का पालन करता है। उत्पत्ति के क्षेत्रों को लेकर इनमें विभिन्नता है, जैसे रूसी बैले, फ्रांसीसी बैले, डेनमार्क का बोर्नोविले बैले और इतालवी बैले, हालांकि विगत दो सदियों के ज्यादातर बैले मुख्य रूप से ब्लैसिस की शिक्षा पर ही आधारित है। सबसे ज्यादा लोकप्रिय बैले शैलियों की बात करें तो उनमें रूसी विधि, इतालवी विधि, डेनमार्क की विधि, बैलेंशाइन विधि या न्यूयॉर्क सिटी बैले विधि और इंग्लैंड में तैयार हुए सेसेत्ति विधि से निकले रॉयल एकेडेमी ऑफ डांस और रॉयल बैले स्कूल शामिल है। इस नृत्य के लिए सबसे पहले इस्तेमाल किये जाने वाले नुकीले जूते, वास्तव में चप्पलें होती थीं जिनकी नोक पर भारी काम (रफू) किया होता था। इससे नर्तकी को थोड़े समय के लिए अपने पैरों के अंगूठे पर खड़े होने में मदद मिलती है। बाद में इसे एक सख्त बॉक्स में तब्दील कर दिया गया जिसका आज भी इस्तेमाल किया जाता है।

शास्त्रीय बैले निम्न नियमों का पालन करता है:

  • सब कुछ बाहर की तरफ होता है।
  • जब पैर जमीन पर नहीं हैं तो वे किसी ओर इशारा कर रहे हैं।
  • जब पैर मुड़ा हुआ नहीं है तब वो पूरी तरह से सीधा किया हुआ है।
  • मुद्रा, पंक्तिवद्धता और स्थान काफी महत्वपूर्ण है।

नवशास्त्रीय बैले[संपादित करें]

न्यूयॉर्क स्टेट थियेटर, न्यूयॉर्क सिटी बैले हाउस

नवशास्त्रीय बैले वो बैले शैली है जो पारंपरिक बैले की शब्दावली तो इस्तेमाल करती है, लेकिन ये शास्त्रीय बैले जैसी कठोर नहीं है। उदाहरण के लिए, नर्तकियां ज्यादा चरम रफ्तार में नृत्य करती हैं और ज्यादा तकनीकी तरीके का प्रदर्शन करती हैं। नवशास्त्रीय बैले में स्पेसिंग आमतौर पर शास्त्रीय बैले से काफी आधुनिक या जटिल होता है। हालांकि नवशास्त्रीय बैले में संगठन ज्यादा विविध है, संरचना पर ध्यान केंद्रित रखना नवशास्त्रीय बैले की मुख्य विशेषता है।

2004 में वियना स्टेट ओपेरा के स्वान लेक के एक्ट 4 का दृश्य

बैलेंशाइन अपनी कंपनी न्यूयॉर्क सिटी बैले में आधुनिक नर्तकों को नृत्य के लिए लेकर आये थे। ऐसे ही एक नर्तक थे पॉल टेलर जिन्होंने 1959 में बैलेंशाइन के एपिसोड्स पर प्रदर्शन किया था। बैलेंशाइन ने आधुनिक नृत्य कोरियोग्राफर मार्था ग्राहम के साथ भी काम किया, जिससे उन्हें आधुनिक तकनीक तथा विचारों के संपर्क में आने में मदद मिली. इस अवधि के दौरान टेटले ने जानबूझकर बैले और आधुनिक तकनीकों को मिलाकर प्रयोग करना शुरू कर दिया था।

फ्रॉम पेटिपा टू बैलेंशाइन के लेखक टिम स्कॉल का मानना है कि 1928 में जॉर्ज बैलेंशाइन का अपोलो पहला नवशास्त्रीय बैले है। अपोलो में सर्गेई डायघिलेव के निराकार बैले की वापसी के तौर पर प्रदर्शित किया था।

समकालीन बैले[संपादित करें]

एक बैले नर्तकी

समकालीन बैले नृत्य की वो शैली हो जो शास्त्रीय बैले और आधुनिक नृत्य दोनों से प्रभावित है। इसने अपनी तकनीक और केंद्रित काम का इस्तेमाल शास्त्रीय बैले से लिया, हालांकि इसमें चाल में ज्यादा रेंज की गुंजाइश होती है जो कि बैले तकनीक के तहत सख्त बॉडी लाइन में पालन कर पाना मुश्किल हो सकता है। फ्लोर वर्क और पैरों की कलाबाजी समेत इसकी ज्यादातर अवधारणाएं 20वीं शताब्दी के आधुनिक नृत्य के विचारों और आविष्कारों से ही आई हैं।

सेसेत्ति के "स्पेनिश फोर्थ" की स्थिति में भुजाएं

नवशास्त्रीय बैले के विकास में जॉर्ज बैलेंशाइन को अक्सर समकालीन बैले के अग्रणियों में पहला माना जाता है। मिखाइल बैरिशनिकोव ने बैलेंशाइन के लिए थोड़े से वक्त के लिए नृत्य किया, वो किरोव बैले प्रशिक्षण का उदाहरण थे। 1980 में बैरिशनिकोव को जब अमेरिकी बैले थिएटर का कलात्मक निदेशक नियुक्त किया गया तब उन्होंने मुख्य तौर पर तायला थार्प जैसे कई आधुनिक कोरियोग्राफर्स के साथ काम किया। थार्प ने 1976 में एबीटी और बैरिशनिकोव के लिए पुश कम्स टू शोव को कोरियाग्राफ्ड किया; 1986 में उन्होंने अपनी कंपनी के लिए द अपर रूम तैयार किया। प्वांइटेड जूतों और प्रशिक्षित शास्त्रीय नर्तकियों से समकालीन बैले के साथ-साथ आधुनिक चाल के इस्तेमाल की वजह से इन दोनों ही नमूनों को आविष्कारी माना जाता है।

तायला थार्प ने रॉबर्ट जॉफ्रे द्वारा 1957 में स्थापित जॉफ्रे बैले कंपनी के लिए भी काम किया। 1973 में उन्होंने जॉफ्रे के लिए ड्यूस कूप कोरियोग्राफ किया जिसमें उन्होंने पॉप संगीत और आधुनिक तथा बैले तकनीक के मेल का इस्तेमाल किया। जॉफ्रे बैले ने समकालीन नमूनों का प्रदर्शन जारी रखा, जिनमें से कई को सह-संस्थापक गेराल्ड अर्पिनो ने कोरियोग्राफ किया था।

आज कई समकालीन बैले कंपनियां और कोरियोग्राफर मौजूद हैं। इनमें एलोंजो किंग और उनकी कंपनी एलोंजो किंग्स लाइंस बैले; ड्वाइट रॉह्डेन के निर्देशन में कॉम्प्लेक्शन कंटेंपोरैरी बैले; नैचो डुआटो की Compañia Nacional de Danza; फ्रैंकफर्ट बैले के साथ काफी काम करने वाले और वर्तमान में द फॉरसिथ कंपनी चलाने वाले विलियम फॉरसिथ; और नीदरलैंड्स डांस थिएटर के आर्टिस्टिक डायरेक्टर जिरि किलियान शामिल हैं। किरोव बैले और पैरिस ओपेरा बैले जैसी पारंपरिक "शास्त्रीय" कंपनियां भी नियमित रूप से समकालीन बैले का प्रदर्शन करती हैं।

गैलरी[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

पास डे ड्यूक्स
  • बैले की शैलियां
    • बैले डी'एक्शन
    • शास्त्रीय बैले
    • समकालीन बैले
    • नियोक्लासिकल बैले
    • रोमांटिक बैले
  • बैले तकनीक
    • फ्रेंच बैले
    • रूसी वेगेनोवा विधि
    • इतालवी सेसेत्ति विधि
  • बैले कंपनी
  • बैले संगीत
  • बैले टूटू
  • बारे
  • नृत्य बेल्ट
  • एन पोइंटे
  • बैले की शब्दावली
  • पेशेवर नर्तकियों का स्वास्थ्य जोखिम
  • ऑर्केसट्रा वृद्धि
  • पॉइंट जूते
  • सर्गेयव संग्रह
  • पुरुष बैले नर्तक का पश्चिमी स्टीरियोटाइप

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. केंट्रल (2002), पी. 42.
  2. बेलो, चार्लटन टी. लुईस, चार्ल्स शॉर्ट, ए लैटिन डिक्शनरी, पर्स्यू पर
  3. βαλλίζω, हेनरी जॉर्ज लिडेल, रॉबर्ट स्कॉट, ए ग्रीक-इंगलिश लेक्सिकन, पर्स्यू पर
  4. बॉल (2), ऑनलाइन व्युत्पत्ति शब्दकोश
  • Anderson, Jack (1992). Ballet & Modern Dance: A Concise History (2nd ed. संस्करण). Princeton, NJ: Princeton Book Company, Publishers. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-87127-172-9.
  • Au, Susan (2002). Ballet & Modern Dance (2nd ed. संस्करण). London: Thames & Hudson world of art. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-500-20352-0.
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  • Gordon, Suzanne (1984). Off Balance: The Real World of Ballet. McGraw-Hill. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-07-023770-0.
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  • Lee, Carol (2002). Ballet In Western Culture: A History of its Origins and Evolution. New York: Routledge. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-415-94256X.

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]