बेल्वदर (महल)

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Erioll world.svgनिर्देशांक: 48°11′29″N 16°22′51″E / 48.191439, 16.380787

निचला बेल्वदर
ऊपरी बेल्वदर से देखे गए बागान के दृश्य को 1758 में कानालेत्तो द्वारा चित्रित किया गया
ऊपरी बेल्वदर
कार्लो कार्लोने द्वारा ऊपरी बेल्वदर में मार्बल हॉल के भीतरी छत की चित्रकारी
बेल्वदर कैसल – नक्काशी का.1753

विस्तृत बेल्वदर परिसर में दो भव्य बैरोक महल, ऊपरी और निचली बेल्वदर, शीशमहल (ओरेंजरी) और एक अस्तबल है. ये इमारतें वियना के तीसरे जिले में बैरोक पार्क परिदृश्य में बनी हैं, जो सिटी सेंटर के दक्षिण-पूर्व में स्थित है. यहीं बेल्वदर संग्रहालय भी स्थित है. इसका आहाता एक सौम्य ढलान पर टिका है और इसमें सजावटी परतदार फव्वारे और झरने, बैरोक कलाकृतियां और राजसी ढलवां लोहे के द्वार बना हुआ है. बैरोक महल परिसर सेवोय के राजकुमार यूजीन के लिए गर्मियों के निवास के रूप में बनाया गया था. बेल्वदर का निर्माण वियना में अत्यधिक निर्माण की एक अवधि के दौरान किया गया था, जो उस समय शाही राजधानी और शासक वंश का घर दोनों था. शहर की कई सबसे वैभवपूर्ण इमारतें इसी युग से संबंधित हैं. इन इमारतों का निर्माण राजकुमार यूजीन द्वारा किया गया था, विशेष रूप से बेल्वदर उनमें से एक था. समृद्धि की इस अवधि के बाद कमांडर-इन-चीफ सेवोय के राजकुमार यूजीन के हाथों तुर्क साम्राज्य के खिलाफ युद्धों की एक श्रृंखला का सफल समापन हुआ था. 1697 में सेंटा में उनके नेतृत्व में तुर्की सेना की शर्मनाक हार और इसके फलस्वरूप कार्लोवित्ज़ की संधि जिस पर ऑस्ट्रिया के लिए अनुकूल शर्तों के तहत 1699 में हस्ताक्षर किए गए थे, इसने अंततः तुर्क साम्राज्य के साथ उस संघर्ष को समाप्त कर दिया जो 1683 के बाद से बहुत तीव्र हो गया था.

निचला बेल्वदर[संपादित करें]

स्टैडपैलेस के निर्माण के साथ शुरू करने के बाद 30 नवंबर 1697 को राजकुमार यूजीन ने हंगरी के लिए मुख्य सड़क, रेन्वेग के दक्षिण में एक बड़ा भूखंड खरीदा. बेल्वदर उद्यान परिसर के लिए योजनाएं तुरंत तैयार कर ली गयीं. राजकुमार ने इस परियोजना के लिए स्टैडपैलेस के निर्माता, जोहान बर्नहार्ड फिशर वॉन एर्लक की बजाय जोहान लुकास वॉन हिल्देब्रांट को मुख्य वास्तुकार के रूप में चुना. हिल्देब्रांट (1668-1745), जिनके साथ जनरल की मुलाक़ात पीडमोंट में एक सैन्य अभियान में संलग्न रहने के समय हुई थी, इससे पहले 1602 में बुडापेस्ट के दक्षिण में डेन्यूब के एक द्वीप, सेपल पर उनके लिए रकेवे पैलेस का निर्माण किया था. बाद में उनकी सेवा में उन्होंने कई अन्य इमारतों का भी निर्माण किया. वास्तुकार ने कार्लो फोंटाना के तहत रोम में सिविल इंजीनियरिंग का अध्ययन किया था और दुर्गों का निर्माण करने की कला सीखने के लिए 1695-96 में शाही सेवा में चले गए थे. 1696 के बाद के आंकड़े बताते हैं कि वे वियना में एक दरबारी वास्तुकार के रूप में कार्यरत थे. बेल्वदर के साथ ही हिल्देब्रांट की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धियों में स्क्लौस हॉफ पैलेस जिसे राजकुमार यूजीन द्वारा ही बनवाया गया था, स्वार्जेनबर्ग पैलेस (जिसे पहले पहले मैन्सफेल्ड-फोंडी पैलेस के रूप में जाना जाता था), किन्स्की पैलेस और साथ ही वाचाऊ घाटी में संपूर्ण गॉटवेग मोनेस्ट्री एस्टेट शामिल हैं. उस समय जब राजकुमार अपने बेल्वदर परियोजना के लिए वियना के बाहरी इलाके में जमीन खरीदने की योजना बना रहे थे, यह क्षेत्र पूरी तरह से अविकसित - एक प्राकृतिक दृश्यों से परिपूर्ण उद्यान और गर्मियों के महल के निर्माण के लिए एक आदर्श स्थान था. हालांकि, एक माह पहले राजकुमार ने शाही ग्रैंड मार्शल काउंट हेनरिक फ्रांज मैन्सफील्ड, फोंडी के राजकुमार का अपना अधिग्रहण किया था, पड़ोस के भूखंडों को खरीदा था और अपनी जमीन पर एक उद्यान महल बनाने के लिए हिल्देब्रांट को अधिकृत किया था. भूखंड को खरीदने के लिए राजकुमार यूजीन को अपने स्टैडपैलेस के विरुद्ध जमानत पर एक बड़ा ऋण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था, स्टैडपैलेस भी अभी तक निर्माण की प्रक्रिया में ही था. उन्होंने 1708 , 1716 और फिर 1717-18 में देश के अतिरिक्त आसपास के क्षेत्रों को खरीदा जिससे कि चरणों में उद्यान का विस्तार किया जा सके. आंकड़े बताते हैं कि ऊपरी बेल्वदर का निर्माण 1712 में शुरू हो गया था क्योंकि राजकुमार यूजीन ने 5 जुलाई 1713 को इमारत के एक निरीक्षण के लिए अनुरोध प्रस्तुत किया था. काम तेजी से आगे बढ़ा और बोलोग्ना के मर्केन्टोनियो चियारिनी ने 1715 में केंद्रीय हॉल में क्वाड्राचुरा की पेंटिंग करना शुरू कर दिया. फ्लेमिश राजदूत ने अप्रैल 1716 में निचले बेल्वदर के साथ-साथ स्टैडपैलेस का दौरा किया था. उस दौरान आहाते में व्यापक स्तर पर काम कराया गया जब निर्माण कार्य लस्टस्क्लौस तक आगे बढ़ गया, जैसा कि एक प्रारंभिक सिटीस्केप पर निचले बेल्वदर का वर्णन किया गया था. डोमिनिक गिरार्ड ने जनवरी और मई 1717 के बीच उद्यान की योजनाओं में काफी बदलाव किया, जिससे कि इसे अगली गर्मियों तक पूरा किया जा सके. गिरार्ड, जिन्हें 1707-15 तक वर्सैलेस में फोंटेनियर ड्यू रॉय या राजा के जल अभियंता के रूप में नियुक्त किया गया था, 1715 के बाद से उन्होंने बैवेरियन निर्वाचक मैक्स एमानुअल के लिए एक उद्यान निरीक्षक के रूप में काम करना शुरू किया था. एमानुअल की सिफारिश पर ही उन्हें राजकुमार यूजीन की सेवा में शामिल किया गया था.

निचले बेल्वदर और शीशमहल को विशेष प्रदर्शनियों के मंचन के लिए ख़ास तौर पर रूपांतरित किया गया था. एक केवल-निमंत्रण प्रतियोगिता जीतने के बाद वास्तुकार सुसाने ज़ोत्तल ने शीशमहल को एक आधुनिक प्रदर्शनी हॉल में बदल दिया जबकि इमारत के मूल बैरोक फैब्रिक को अभी भी संरक्षित रखा. इस दर्शनीय स्थल को Gartenlust: Der Garten in der Kunst (गार्डन प्लेजर्स: द गार्डन इन आर्ट ) प्रदर्शनी के साथ मार्च 2007 में खोला गया. कुछ महीनों के बाद निचले बेल्वदर को वियना-पेरिस शो के साथ फिर से खोला गया. इमारत का पुनर्निर्माण कार्य बर्लिन के वास्तुकार विल्फ्रेड कुहन द्वारा पूरा किया गया, जो प्रवेश द्वार को कोर डी'ओनियर में इसके स्थान पर वापस ले आए, जिससे एक बार फिर निचले बेल्वदर के मुख्य द्वार से मार्बल हॉल होते हुए ऊपरी बेल्वदर के उद्यान क्षेत्र के दृश्य की मूल पंक्ति को मुक्त कर दिया गया. संगमरमर हॉल से जुड़े मूल शीश महल के विभिन्न भागों को उनकी मूल स्थिति में वापस ला दिया गया और अब ये नए प्रदर्शनी कक्षों के लिए स्थान प्रदान करते हैं. भव्य बैरोक स्टेट कक्षों - मार्बल गैलरी, गोल्डन रूम और हॉल ऑफ ग्रोटेस्क्स - अपरिवर्तित रह गए और ये जनता के लिए खुले हैं.

उद्यान[संपादित करें]

उद्यान सुंदर दृश्यों से परिपूर्ण था जो कंटीले बाड़ों से घिरा हुआ था, इसके बावजूद कि बेल्वदर का निर्माण पथरीले रास्तों और जेयक्स ड्यू (jeux d'eau) से पूर्व फ़्रांसीसी तरीके से डोमिनिक गिरार्ड द्वारा किया जा रहा था, जिन्होंने आंद्रे ली नोट्रे (André Le Nôtre) के एक छात्र के रूप में वर्सैलेस के उद्यानों में प्रशिक्षण प्राप्त किया था. ऊपरी पुष्पवाटिका में इसका विशाल जलाशय, सीढियां और झरने जिनमें सुंदर युवतियों और देवियों की कलाकृतियां मौजूद थीं जो ऊपरी और निचली पुष्पवाटिका को जोड़ती हैं, आज भी अस्तित्व में हैं, लेकिन ढांचेदार बिछावट पर काफी समय से घास उगे हुए हैं; वर्तमान में इसका पुनरुद्धार किया जा रहा है.

ऊपरी बेल्वदर[संपादित करें]

ऊपरी बेल्वदर का रात में दृश्य

नवीनतम शोध के अनुसार ऊपरी बेल्वदर का निर्माण कार्य कम से कम 1717 में शुरू हुआ था. हम उन दो पत्रों से इस तिथि इंगित कर सकते हैं जिन्हें राजकुमार यूजीन ने 1718 की गर्मियों में बेलग्रेड से अपने सेवक बेनेडेट्टी को महल पर कार्य की प्रगति का वर्णन करते हुए भेजा था. निर्माण कार्य 2 अक्टूबर 1719 तक इस हद तक आगे बढ़ गया था कि राजकुमार वहां तुर्की के राजदूत इब्राहिम पाशा का स्वागत करने में सक्षम थे. यह इस प्रकार है कि इंटीरियर की सजावट का काम भी पूर्व की सोच तुलना में पहले ही शुरू हो गया होगा, वास्तव में राजकुमार यूजीन के व्यापक पत्राचार से यह अनुमान लगाना संभव है कि काम कम से कम 1718 में शुरू कर दिया गया था. 1719 में उन्होंने दोनों अल्टरपीसों पैलेस चैपल और गोल्डन रूम के सीलिंग फ्रेस्को को दुरुस्त करने के लिए नियापोलिटन चित्रकार फ्रांसिस्को सोलिमेना को अधिकृत किया. उसी वर्ष गैतानो फैंटी को मार्बल हॉल में मायाजाल युक्त क्वाड्राचुरा चित्रकारी का कार्य पूरा करने के लिए अधिकृत किया गया. 1720 में कार्लो कार्लोन को मार्बल हॉल में सीलिंग फ्रेस्को की चित्रकारी का कार्य सौंपा गया, जिसे उन्होंने 1721-23 तक पूरा किया. इस भव्य इमारत का निर्माण कार्य 1723 में पूरा कर लिया गया था. हालांकि, साला तेरेना को संरचनात्मक समस्याओं के कारण टूट का खतरा था, और इसलिए 1732-33 की सर्दियों में हिल्देब्रांट को चार एटलस स्तंभों द्वारा समर्थित एक मेहराबदार छत स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे इसके वर्तमान स्वरूप का निर्माण हुआ. इसके लिए कम से कम आंशिक रूप से सालोमन क्लीनर की नक्काशियों को धन्यवाद देना चाहिए कि महल परिसर की आतंरिक सज्जा और परिदृश्य वास्तुकला की विशेषताओं के बारे में आज हमें इतनी अच्छी तरह जानकारी मिलती है. मेंज निर्वाचक के दरबार के इंजीनियर ने 1731 और 1740 के बीच एक दस-भाग का प्रकाशन निकाला जिसमें कुल मिलाकर नब्बे प्लेट शामिल थे. Wunder würdiges Kriegs- und Siegs-Lager deß Unvergleichlichen Heldens Unserer Zeiten Eugenii Francisci Hertzogen zu Savoyen und Piemont (हमारे युग के सर्वोच्च नायक सेवोय और पीडमोंट के ड्यूक यूजीन फ्रांसिस का चमत्कारिक युद्ध और विजय शिविर) शीर्षक से इसमें बेल्वदर परिसर की स्थिति का स्पष्ट विवरण दर्ज किया गया था.

राजकुमार यूजीन की मौत के बाद का बेल्वदर[संपादित करें]

सैक्से-हिल्डबरगौसेन के राजकुमार जोसेफ़

21 अप्रैल 1736 को जब वियना में अपने सिटी पैलेस में राजकुमार यूजीन मृत्यु हुई, उन्होंने कानूनी रूप से बाध्यकारी कोई वसीयतनामा नहीं छोड़ा था. पवित्र रोमन सम्राट चार्ल्स VI द्वारा गठित एक आयोग ने राजकुमार की भतीजी विक्टोरिया को उनके वारिस के रूप में नामित किया. वह उनके सबसे बड़े भाई थॉमस की बेटी और सेवोय-सोइसंस घराने की एकमात्र जीवित सदस्य थी. राजकुमारी विक्टोरिया 6 जुलाई 1736 को बेल्वदर के अंदर गयी जिसे उस समय गार्टेनपैलेस के रूप में जाना जाता था, लेकिन उन्होंने तुरंत स्पष्ट कर दिया कि उन्हें अपनी विरासत में कोई दिलचस्पी नहीं थी और जितनी जल्दी संभव हो सके महल परिसर की नीलामी करने का निश्चय कर लिया. 15 अप्रैल 1738 को उन्होंने लोअर ऑस्ट्रिया के मार्चफेल्ड क्षेत्र में स्क्लोशौफ (Schlosshof) में शाही परिवार की उपस्थिति में सैक्से-हिल्डबरगौसेन के राजकुमार जोसफ (1702-1787) से शादी कर ली, जो उनसे कई साल छोटे थे. हालांकि अपने पति की उनकी पसंद दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुई और 1744 में इस बेमेल-जोड़ी का तलाक हो गया. फिर भी केवल जब राजकुमारी विक्टोरिया ने अंततः वियना छोड़ने का फैसला कर लिया और इटली के ट्यूरिन में अपने गृह शहर वापस लौट आयी, उसके आठ साल बाद चार्ल्स VI की बेटी मारिया थेरेसा एस्टेट को खरीदने में सक्षम हुई.

शाही जोड़ा गार्टेनपैलेस के अंदर कभी नहीं गया, जिसे पहली बार बेल्वदर के रूप में नवंबर 1752 के उनके विक्रय अनुबंध में वर्णित किया गया था. परिसर कुछ हद तक अन्य शाही महलों द्वारा ग्रहणग्रस्त था और पहली बार इमारतों को अप्रयुक्त छोड़ दिया गया था. मारिया थेरेसा ने बाद में निचले बेल्वदर में हैब्सबर्ग राजवंश के पूर्वजों की एक गैलरी का निर्माण किया, जो शाही परिवार से संबंधित अन्य सभी महलों में एक रिवाज था. महल केवल एक बार 1770 में अपनी सुसुप्तावस्था से जगा था जब 17 अप्रैल को शाही राजकुमारी मारिया एंटोनिया की शादी फ्रेंच डॉफिन से होने के अवसर वहां एक अंगरेजी मुखौटा नृत्य का आयोजन किया गया था, डॉफिन बाद में लुईस XVI बने थे. लॉर्ड हाई चेम्बरलेन प्रिंस जोहान जोसफ खेवेनहुलर-मेश्च और दरबारी वास्तुकार निकोलस पकासी को इस नृत्य आयोजन की व्यापक तैयारियों की देखभाल का जिम्मा सौंपा गया था जिसमें 16,000 मेहमानों को आमंत्रित किया गया था. 1776 में मारिया थेरेसा और उनके बेटे सम्राट जोसफ द्वितीय ने के.के. गेमाल्डेगैलरी (इम्पीरियल पिक्चर गैलरी) को शाही अस्तबलों - शहर के हॉफबर्ग इम्पीरियल पैलेस का एक हिस्सा - से ऊपरी बेल्वदर में हस्तांतरित करने का फैसला किया था. प्रबुद्ध निरंकुश राज्य के विचार से प्रेरित होकर उनका इरादा शाही संग्रह को आम जनता के लिए सुलभ बनाना था. गैलरी को पांच साल बाद खोला गया, जो इसे दुनिया के सबसे पहले सार्वजनिक संग्रहालयों में से एक बनाता है. प्रख्यात चित्रकारों की एक श्रृंखला ने ऊपरी बेल्वदर में शाही संग्रह के प्रभारी निदेशकों के रूप में 1891 तक काम किया जब इसे वियना के शानदार रिंग्सट्रेसे पर नवनिर्मित कुंसथिस्तोरिस्चेस (Kunsthistorisches) संग्रहालय (ललित कला संग्रहालय) में स्थानांतरित कर दिया गया. जबकि ऊपरी बेल्वदर को एक पिक्चर गैलरी के रूप में तब्दील कर दिया गया था, अठारहवीं सदी के अंत में निचले बेल्वदर ने मुख्यतः महल के परिवार के सदस्यों को नेपोलियन से भागने में मदद की. सबसे उल्लेखनीय रूप से इनमें शामिल थे मैरी एन्तोइनेते और लुईस XVI की एकमात्र जीवित संतान, राजकुमारी मैरी थेरेसे चार्लोट और आर्कड्यूक फर्डिनेंड. मैरी थेरेसे चार्लोट 1799 में एन्गोलेमे के ड्यूक राजकुमार लुईस एन्तोइने के साथ अपनी शादी के समय तह महल में रही थीं. 1796 तक लोम्बार्डी के गवर्नर रहे आर्कड्यूक फर्डिनेंड 1797 में कैम्पो फोर्मियो की संधि के पश्चात अपनी भूमि को फ्रांसीसियों के लिए छोड़ देने पर मजबूर हो जाने के बाद बेघर होकर वहां रहने चले गए थे. 1805 में प्रेसबर्ग की संधि में हैब्सबर्ग राजशाही द्वारा टायरॉल को बावरिया को सौंप देने के बाद, इंसब्रुक के निकट अम्ब्रास महल से शाही संग्रह के लिए एक नए महल की खोज करनी थी. सबसे पहले, संग्रह को फ्रांसीसी सैनिकों द्वारा लूट लिए जाने से बचाने के लिए इसे पेट्रोवरादिन (अब सर्बिया में) ले जाया गया था. 1811 में सम्राट फ्रांसिस प्रथम ने यह फैसला सुनाया कि इसे निचले बेल्वदर में संस्थापित किया जाना चाहिए, जो वास्तव में इस संग्रह के लिए बहुत ही छोटा था. इस प्रकार बेल्वदर के इस हिस्से को भी एक संग्रहालय के काम में ले लिया गया और इसने वियना की कांग्रेस (1814-15) के समय तक काफी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया था. इंपीरियल कोर्ट लाइब्रेरी के निरीक्षक के निदेशकत्व में, मोरित्ज़, काउंट ऑफ दाइत्रिस्च्तेन-प्रोस्काऊ-लेस्ली (Dietrichstein-Proskau-Leslie), मिस्र की पुरातात्विक वस्तुओं के संग्रह और प्राचीन काल की वस्तुओं के कक्ष को 1833 के बाद के निचले बेल्वदर के संग्रह में एम्ब्रास संग्रह के साथ जोड़ कर दिया गया. 1844 में रोमन माइलस्टोन्स को, जिसे उस समय तक थेसियस मंदिर के तहखानों में संग्रहित किया गया था, इन्हें प्रिवी गार्डन में एक खुली हवा के स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया. युवा कार्ल गेबल के वाटरकूलर एक संग्रहालय के रूप में निचले बेल्वदर की शुरुआत की गवाही देते हैं, जिस तरह संग्रह के लिए जोसफ बर्गमैन के व्याख्यात्मक दिशानिर्देश से पता चलता है जिसका संबंध 1846 के समय से है. यह स्थिति 1888-89 में रिंग्सट्रेसे में नवनिर्मित कुंसथिस्तोरिस्चेस (Kunsthistorisches) संग्रहालय में स्थानांतरण तक लगभग अपरिवर्तित रही.

फ्रांज फर्डिनेंड और बेल्वदर[संपादित करें]

शाही संग्रह के स्थानांतरण के बाद दोनों बेल्वदर महलों को कम से कम कुछ समय के लिए सार्वजनिक संग्रहालय के रूप में बंद कर दिया गया. 1896 में सम्राट फ्रांसिस जोसफ प्रथम ने यह तय किया कि ऊपरी बेल्वदर को सिंहासन के वारिस, अपने भतीजे फ्रांज फर्डिनेंड के निवास के रूप में काम में लाया जाना चाहिए. प्रत्यक्ष-वारिस ने वास्तुकार एमिल वॉन फॉरस्टर, जो शाही उपमंत्री भी थे, की देखरेख में महल का पुनरोद्धार किया और उस समय के बाद से इसने फ्रांज फर्डिनेंड के निवास के रूप में काम किया. इसके विपरीत मॉडर्न गैलरी को कुछ सालों के बाद 2 मई 1903 को निचले बेल्वदर में खोला गया. यह संग्रहालय ऑस्ट्रिया में पहला राज्य संग्रह था जिसे विशेष रूप से आधुनिक कला को समर्पित किया गया था और वियना सेसेशन के रूप में जाने जाने वाले ऑस्ट्रियाई कलाकारों के संघ की प्रेरणा से इसकी दिशा बदली थी. इसका उद्देश्य था ऑस्ट्रियाई कला को अंतरराष्ट्रीय आधुनिकता के आसपास रखना. शुरूआत से ही विन्सेन्ट वान गाग, क्लाउड मोनेट और गियोवानी सेगंतिनी की प्रमुख कृतियों को मॉडर्न गैलरी के लिए खरीदा गया था. उसके बाद 1911 में संग्रहालय का नया नाम के.के. स्टेट्सगैलरी (इंपीरियल स्टेट गैलरी) दिया गया जिसके बाद आधुनिक कला से इसका विस्तार कर पहले के युगों की कृतियों को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया गया. प्रत्यक्ष-वारिस फ्रांज फर्डिनेंड और उनकी पत्नी की ह्त्या, प्रथम विश्व युद्ध का छिड़ना और इसके परिणाम स्वरूप 1918 में हैब्सबर्ग राजशाही के पतन ने बेल्वदर के लिए एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित किया.

प्रथम और द्वितीय गणराज्य में बेल्वदर[संपादित करें]

नवंबर 1918 में युद्ध के अंत के कुछ ही समय बाद, कला इतिहासकार फ्रांज हैबरदित्ज़ ने महलों को स्टेट्सगैलरी में छोड़ देने की बात कहते हुए शिक्षा मंत्रालय को एक अनुरोध प्रस्तुत किया. आवेदन को अगले ही साल मंजूर कर लिया गया. पूर्व शाही संग्रहों को पुनर्व्यवस्थित करने के लिए बेल्वदर महल परिसर का राष्ट्रीयकरण भी मसौदा दस्तावेज में निर्धारित किया गया था, जिसे 1920-21 में हैंस तीत्ज़े द्वारा तैयार किया गया था. उन संग्रहालयों के अतिरिक्त जो आज भी मौजूद हैं, इसमें एक ओस्तेरिचिस्चे (Österreichische) गैलरी (ऑस्ट्रियाई गैलरी) और एक मॉडर्न गैलरी स्थापित करने की योजना भी शामिल थी. 1921-23 के पुनर्गठन के दौरान निचले बेल्वदर में बैरोक संग्रहालय को मौजूदा संग्रहालय के संपरिधान में जोड़ा गया था. मॉडर्न गैलरी को 1929 में शीश महल (ओरेंजरी) में खोला गया था. महलों को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान काफी नुकसान उठाना पड़ा. ऊपरी बेल्वदर में मार्बल हॉल और निचले बेल्वदर में ग्रोटेस्क्स हॉल को बमों द्वारा नष्ट कर दिया गया था. पुनर्निर्माण का काम पूरा हो जाने के बाद ओस्तेरिचिस्चे गैलरी (Österreichische Galerie) को 4 फरवरी 1953 को ऊपरी महल में फिर से खोल दिया गया. बैरोक संग्रहालय को निचले महल में और मितेलअल्टरलिचर ओस्तेरिचिस्चर (mittelalterlicher österreichischer) कुंस्ट संग्रहालय (मध्यकालीन ऑस्ट्रियाई कला संग्रहालय) को 5 दिसंबर 1953 को शीशमहल (ओरेंजरी) में खोला गया.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • बैरोक घरों की सूची

बाह्य कड़ियां[संपादित करें]

साँचा:Imperial and Royal residences