पांडीचेरी विश्वविद्यालय
पॉण्डीचेरी विश्वविद्यालय (Pondicherry University, अथवा पीयू) भारतीय केन्द्र शासित प्रदेश पुदुच्चेरी के कालापेट में स्थित एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना भारत सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग (शिक्षा मंत्रालय) द्वारा संसद में एक अधिनियम द्वारा सन् 1985 में स्थापित किया गया। भारत के उपराष्ट्रपति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति होते हैं, पुदुच्चेरी के राज्यपाल मुख्य रेक्टर के रूप में कार्य करते हैं तथा भारत के राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के विजिटर हैं।
यह विश्वविद्यालय एक महाविद्यालयीय विश्वविद्यालय है जिसका अधिकार क्षेत्र तमिलनाडु (पुदुचेरी और कारईकाल), केरल (माहे) और आन्ध्र प्रदेश (यानम) में स्थित केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी तथा केंद्र शासित प्रदेश अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह तक फैला हुआ है। तीन केंद्र शासित प्रदेशों पर इसका व्यापक अधिकार क्षेत्र इसे एक राष्ट्रीय पहचान प्रदान करता है। यहाँ के निवासी अंग्रेज़ी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, हिन्दी, बंगाली, ओड़िया, असमिया, कन्नड़ और फ़्रांसीसी जैसी विविध भाषाएँ बोलते हैं।
विश्वविद्यालय में ऑन-साइट अस्पताल सुविधाओं का उपयोग करके पैरामेडिकल पाठ्यक्रम जैसे स्थानीय कौशल को कई व्यावसायिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन्नत किया जाता है।[1][2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Distance Learning and Vocational Instruction: Need, Impact and Challenges" Archived 26 सितंबर 2007 at the वेबैक मशीन, ICDE conference paper Nov 2005
- ↑ "Pondicherry University launches online admission for postgraduate courses". द हिन्दू. 21 अगस्त 2006. मूल से से 25 जनवरी 2013 को पुरालेखित।.
बाहरी कड़ियाँ
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