पराक्रम दिवस
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| पराक्रम दिवस | |
|---|---|
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस | |
| आधिकारिक नाम | पराक्रम दिवस |
| अन्य नाम | वीरता दिवस |
| अनुयायी | भारत |
| प्रकार | राष्ट्रीय |
| उद्देश्य | नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जन्म जयन्ती |
| तिथि | 23 जनवरी[1] |
| आवृत्ति | वार्षिक |
पराक्रम दिवस ( सुभाष चंद्र बोस की जयंती )23 जनवरी को भारत में मनाया जाता है। भारत सरकार द्वारा 2021 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयन्ती से पहले इस दिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गयी थी। बोस [2] उल्लेखनीय है कि नेताजी ने भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्त करने के लिये आजाद हिन्द फौज की नेतृत्व संभाला, और अंगेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष किया। बहुत से विचारकों का मत है कि भारत को स्वतन्त्र करने के अंग्रेजों के निर्णय के पीछे आजाद हिन्द फौज के साहसिक कार्य एवं ब्रिटिश सेना के भारतीय जवानों में देश-प्रेम की भावना का एवं अंग्रेजों से विद्रोह की भावना का ज्वार प्रमुख कारण था।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Netaji birth anniversary: Modi government to celebrate January 23 as Parakram Diwas". India TV News.
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