द्वितीय फ्रांसिस (पवित्र रोमन सम्राट)
फ्रांसिस द्वितीय (१७६८-१८३५) पवित्र रोमन साम्राज्य का अंतिम शासक था, जो लिओपोल द्वितीय का पुत्र था।
पिता की मृत्यु के बाद सन् १७९२ में गद्दी पर बैठा। शासन के प्रारंभ में ही उसे फ्रांस के साथ युद्ध में संलग्न होना पड़ा जिसमें उसकी हार हुई और उसे नीदरलैंड तथा लोंबार्डी का क्षेत्र खाली कर देना पड़ा। शीघ्र ही उसे दूसरी बार फ्रांस से युद्ध करना पड़ा। इसमें भी उसकी पराजय हुई और उसे राइन नदी के तटवर्ती इलाके से हट जाना पड़ा। तीसरी बार के युद्ध में भी उसे कुछ और भूभाग से हाथ धोना पड़ा। अब उसने पवित्र रोम साम्राज्य के शासक की उपाधि छोड़ दी और अपने आप को फ्रांसिस प्रथम के नाम से आस्ट्रिया का सम्राट् घोषित किया। सन् १८१० मे उसने नेपोलियन के साथ अपनी लड़की मेरी लूई का विवाह करना स्वीकार कर लिया, जिससे कुछ समय के लिए उसे लड़ाइयों और संघर्षों से कुछ अवकाश मिल गया। फिर भी १८१३ में उसने फिर उन देशों का साथ दिया जो नेपोलियन का विरोध कर रहे थे। १८१५ मे हुई संधियों के परिणामस्वरूप उसे खोए हुए राज्य का बहुत सा भाग वापस मिल गया। इसके बाद मृत्युपर्यन्त वह शांतिपूर्वक शासन करता रहा।
- ↑ From 9 June 1815
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