द्वयी सम्बन्ध

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गणित में दो समुच्चयों X और Y पर द्वयी सम्बन्ध (binary relation) उन समुच्चयों के कार्तीय गुणन का एक उपसमुच्चय होता है। दूसरे शब्दों में, द्वयी सम्बन्ध, क्रमित युग्मों (x, y) का एक समुच्चय होता है, जहाँ x तथा y क्रमशः समुच्चय X और Y के अवयव हैं।[1] अतः कोई अवयव x किसी अवयव y सम्बन्धित तभी कहा जाएगा, यदि और केवल यदि युग्म (x, y) उस द्वयी सम्बन्ध को परिभाषित करने वाले क्रमित युग्मों के समुच्चय का अवयव हो।

उदाहरण के लिए, अभाज्य संख्याओं के समुच्चय तथा पूर्णाकों के समुच्चय पर "विभाजित करता है" सम्बन्ध, एक द्वयी सम्बन्ध है। यहाँ प्रत्येक अभाज्य संख्या p उन सभी पूर्णाकों के सम्बन्धित है जो p के गुणक हैं लेकिन उन पूर्णांकों से सम्बन्धित नहीं है जो उसके गुणक नहीं हैं।

द्वयी सम्बन्ध, गणित की अनेक शाखाओं में प्रयुक्त होते हैं। जैसे कि

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Codd, Edgar Frank (June 1970). "A Relational Model of Data for Large Shared Data Banks" (PDF). Communications of the ACM. 13 (6): 377–387. डीओआइ:10.1145/362384.362685. अभिगमन तिथि 2020-04-29. नामालूम प्राचल |s2cid= की उपेक्षा की गयी (मदद)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]