दूब घास
| यह सुझाव दिया जाता है कि दूर्वा का इस लेख में विलय कर दिया जाए। (वार्ता) मार्च 2022 से प्रस्तावित |
| दूब घास Cynodon dactylon | |
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| वैज्ञानिक वर्गीकरण | |
| जगत: | Plantae |
| विभाग: | Tracheophyta |
| वर्ग: | Liliopsida |
| गण: | Poales |
| कुल: | Poaceae |
| वंश: | Cynodon |
| जाति: | Cynodon dactylon |
| द्विपद नाम | |
| Cynodon dactylon (L.) Pers. | |
| पर्यायवाची | |
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सूची
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दूब या दुर्वा (वानस्पतिक नाम : Cynodon dactylon) एक घास है जो जमीन पर पसरती है। हिन्दू संस्कारों एवं कर्मकाण्डों में इसका उपयोग किया जाता है। मारवाडी भाषा में इसे ध्रो कहा जाता हैँ।
शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो दूब को नहीं जानता होगा। हाँ यह अलग बात है कि हर क्षेत्रों में तथा भाषाओँ में यह अलग अलग नामों से जाना जाता है। हिंदी में इसे दूब, दुबडा, संस्कृत में दुर्वा, सहस्त्रवीर्य, अनंत, भार्गवी, शतपर्वा, शतवल्ली, मराठी में पाढरी दूर्वा, काली दूर्वा, गुजराती में धोलाध्रो, नीलाध्रो, मारवाड़ी में ध्रो, अंग्रेजी में कोचग्रास, क्रिपिंग साइनोडन, बंगाली में नील दुर्वा, सादा दुर्वा आदि नामों से जाना जाता है। इसके आध्यात्मिक महत्वानुसार प्रत्येक पूजा में दूब को अनिवार्य रूप से प्रयोग में लाया जाता है।
इसके औषधीय गुणों के अनुसार दूब त्रिदोष को हरने वाली एक ऐसी औषधि है जो वात कफ पित्त के समस्त विकारों को नष्ट करते हुए वात-कफ और पित्त को सम करती है। दूब सेवन के साथ यदि कपाल भाति की क्रिया का नियमित यौगिक अभ्यास किया जाये तो शरीर के भीतर के त्रिदोष को नियंत्रित कर देता है, यह दाह शामक, रक्तदोष, मूर्छा, अतिसार, अर्श, रक्त पित्त, प्रदर, गर्भस्राव, गर्भपात, यौन रोगों, मूत्रकृच्छ इत्यादि में विशेष लाभकारी है। यह कान्तिवर्धक, रक्त स्तंभक, उदर रोग, पीलिया इत्यादि में अपना चमत्कारी प्रभाव दिखाता है। श्वेत दूर्वा विशेषतः वमन, कफ, पित्त, दाह, आमातिसार, रक्त पित्त, एवं कास आदि विकारों में विशेष रूप से प्रयोजनीय है। सेवन की दृष्टि से दूब की जड़ का 2 चम्मच पेस्ट एक कप पानी में मिलाकर पीना चाहिए। लान (Lawn) के रूप में भी दूब घास का प्रयोग किया जाता है। घर के आगे खाली जगह में इसे लगा कर सुंदरता देखी जा सकती है।
दूब घास कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है, जैसे कि प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना, रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करना, पाचन में सुधार करना और विभिन्न त्वचा और आंतरिक समस्याओं को ठीक करना। यह तनाव कम करने, आंखों की रोशनी बढ़ाने और मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है। इसे पीसकर लेप लगाने या रस निकालकर पीने जैसी कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्वास्थ्य लाभ
प्रतिरक्षा प्रणाली और डिटॉक्स: दूब घास में एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन, विटामिन ए और सी होते हैं, जो प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं।
- रक्त शर्करा नियंत्रण: यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करती है।
- पाचन और पेट की समस्याएं: यह कब्ज, अम्लता (acidity) और पथरी के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। इसका रस उल्टी को भी नियंत्रित कर सकता है।
- मासिक धर्म संबंधी समस्याएं: यह अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव को कम करने और दर्दनाक मासिक धर्म से राहत देने में सहायक है।
- त्वचा और बालों के लिए: दूब घास का लेप त्वचा की समस्याओं जैसे खुजली, दाद और सूजन को ठीक करने में मदद करता है। इसका रस बालों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।
- आंखों और सिरदर्द: घास पर नंगे पैर चलने से आंखों की रोशनी तेज होती है। सिरदर्द से राहत के लिए इसका लेप भी लगाया जा सकता है।
- नकसीर: नाक से खून बहने पर इसका रस नाक में डालने से खून बहना बंद हो जाता है।
- मुंह के छाले: इसके रस से गरारे करने या मुंह के छालों पर लगाने से आराम मिलता है।
- तनाव और नींद: यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और नींद में सुधार कर सकती है।
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- Online Field guide to Common Saltmarsh Plants of Queensland
- FAO factsheet: Cynodon dactylon
- Integrated Taxonomic Information System - Bermuda Grass Common
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