तुवालू के गवर्नर-जनरल

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के तुवालू के गवर्नर-जनरल
महाराज्यपाल
Coat of arms of Tuvalu.svg
तुवालू का कुलांक
Flag of the Governor-General of Tuvalu.svg
गवर्नर-जनरल का ध्वज
Iakoba Italeli May 2015.jpg
पदस्थ
सर पैट्रिक ऐलेन

16 अप्रैल 2010 से
राजप्रतिनिधि
संबोधन महामहिम
आवास गवर्नमेंट हाउस
नियुक्तिकर्ता तुवालू के एकादिदारुक
अवधि काल महारानी की इच्छानुसार
गठन 1 अक्टूबर 1978
प्रथम धारक सर फियाताउ टीओ

तुवालू के गवर्नर-जनरल यानि महाराज्यपाल, तुवालू की रानी के निवासिय स्थानीय राजप्रतिनिधि का पद है। गवर्नर-जनरल, तुवालू की रानी, जोकी तुवालू और यूनाइटेड किंगडम समेत कुल १६ प्रजाभूमियों की शासी नरेश एवं राष्ट्रप्रमुख हैं, के अनुपस्थिति में उनके संवैधानिक कार्यों का निर्वाह करते हैं।

पदाधिकारियों की सूचि[संपादित करें]

नियुक्ति[संपादित करें]

तुवालू समेत लगभग सारे राष्ट्रमण्डल प्रजाभूमियों में, गवर्नर-जनरल की नियुक्ति महारानी द्वारा, संबंधित प्रजाभूमि के प्रधानमंत्री के सलाह पर होती है। हालाँकि कुछ प्रजाभूमियाँ ऐसी भी हैं, जहाँ गवर्नर-जनरल का चुनाव राष्ट्रीय संसद द्वारा बहुमत से होता है। तुवालू में गवर्नर-जनरल को शासक द्वारा, प्रधानमंत्री की सलाह पर नियुक्त किया जाता है।

कार्य व कर्तव्य[संपादित करें]

तुवालू सैद्धांतिक रूप से एक राजतंत्र है, और और तुवालू के शासक के पदाधिकारी इसके राष्ट्रप्रमुख होते हैं, हालाँकि शासक की सारी संवैधानिक शक्तियों का अभ्यास, उनके प्रतिनिधि के रूप में, तुवालू के गवर्नर-जनरल करते हैं। तुवालू के सत्ताधारी रानी/राजा पर सैद्धांतिक रूप से एक संवैधानिक शासक के अधिकार निहित है, परंतु परंपरानुसार इन सारी शक्तियों का अभ्यास केवल संसद और सरकार के विनिर्देशों के अनुसार ही, शासक के प्रतिनिधि होने के नाते, महाराज्यपाल द्वारा किया जाता है। संसदीय शासक होने के नाते, शासक के सारे संवैधानिक अधिकार(जोकि महाराज्यपाल द्वारा निर्वाहित होते हैं), निष्पक्ष तथा गैर-राजनैतिक कार्यों तक सीमित हैं।

सैद्धांतिक रूप से, महारानी तथा उनके महाराज्यपाल, दोनों पर ही अत्यंत संवैधानिक शक्तियाँ निहित हैं, परंतु ऐसे किसी भी अधिकार का निर्वाह वे केवल स्वेच्छा से नहीं कर सकते है। अपने पद के कर्तव्यों का निर्वाह करने हेतु वे प्रधानमंत्री या अन्य संबंधित अधिकारी के सलाह पर ही कार्य कर सकते हैं। गवर्नर-जनरल, विभिन्न राजकीय और पारंपरिक कार्यों में तुवालू की रानी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जैसे की:संसद के राजकीय उद्घाटन का समारोह, सैन्य परेड में और विभिन्न नागरिक और सैन्य सम्मानों की प्रस्तुति के दौरान। इसके अलावा गवर्नर-जनरल, महारानी के प्रतिनिधि के रूप में, राष्ट्रप्रमुख के कई आधिकारिक कार्यों का भी निर्वाह करते है, उदाहरणस्वरूप:प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति व बर्खास्तगी, संसद का सत्र-आवाहन करना और सत्रांत करना और नए चुनावों की घोषणा करना। ये सब, सैद्धान्तिक तौर पर शासक के अधिकार हैं, परंतु वास्तविक रूप से इन्हें केवल गवर्नर-जनरल द्वारा ही उपयोग किया जाता है। शासक के राजनैतिक-शक्तियों का अभ्यय गवर्नर-जनरल द्वारा सरकार और अपने मंत्रियों की सलाह और विनिर्देशों पर ही करते हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]