ताहिरा मज़हर अली

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ताहिरा मज़हर अली (उर्फ़ हयात) (5 जनवरी 1924, लाहौर, ब्रिटिश, भारत – 23 मार्च 2015, लाहौर, पाकिस्तान[1]) एक पाकिस्तानी महिलाओं के अधिकारों की प्रचारक, बेनजीर भुट्टो की गुरु और तारिक अली की मां थी।[2][3][4] उनके पति, दिवंगत मज़हर अली खान भी पाकिस्तान के सोशलिस्ट झुकाव के एक प्रसिद्ध पत्रकार थे।[5]

अली पंजाबी राजनीतिज्ञ सिकंदर हयात खान की बेटी और सरदार शौकत हयात खान और बेगम महमूदा सलीम खान की छोटी बहन थी। [6] 1925 में जन्मी, ताहिरा एक आश्चर्यजनक युवा महिला बनी। उसने क्वीन मैरीज कॉलेज लाहौर में पढ़ाई की और किशोरावस्था में ही उसने विद्रोह करने का मन बना लिया और जब वह 17 वर्ष की थी, तब वह अपने करिश्माई, छात्र नेता चचेरे भाई मज़हार से भाग गई।[7]

संदर्भ [संपादित करें]

  1. Xari Jalil (2015-03-24). "Tahira Mazhar Ali's death a profound loss to many". Dawn.com. अभिगमन तिथि 2016-03-15. |author= और |last= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)
  2. Omar Waraich (2015-03-29). "Tahira Mazhar Ali: Women's rights campaigner who was the mother of Tariq Ali and acted as mentor to Benazir Bhutto - People - News". Independent.co.uk. अभिगमन तिथि 2015-04-15. |author= और |last= के एक से अधिक मान दिए गए हैं (मदद)
  3. "Tahira Mazhar Ali's death a profound loss to many - Pakistan". Dawn.com. अभिगमन तिथि 2015-04-15.
  4. "Tahira Mazhar Ali Khan, 1925-2015 ‹ The Friday Times". Thefridaytimes.com. अभिगमन तिथि 2015-04-15.
  5. http://peoplesdemocracy.in/2015/0531_pd/tahira-mazhar-ali-peerless-communist
  6. Shaukat Hayat Khan 'The Nation that Lost its Soul: Memoirs', Lahore, 1993
  7. http://www.thefridaytimes.com/tft/tahira-mazhar-ali-khan-1925-2015/