तज़ावा झील

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तज़ावा झील
स्थानसेम्बोकू, अकीता प्रांत
निर्देशांक39°43′30″N 140°39′41″E / 39.72500°N 140.66139°E / 39.72500; 140.66139निर्देशांक: 39°43′30″N 140°39′41″E / 39.72500°N 140.66139°E / 39.72500; 140.66139
झील प्रकारज्वालामुखीय झील
मुख्य अन्तर्वाहकोई प्राकृतिक प्रवाह नहीं
मुख्य बहिर्वाहकोई प्राकृतिक बहिर्वाह नहीं
द्रोणी देशजापान
सतही क्षेत्रफल25.9 कि॰मी2 (10.0 वर्ग मील)
औसत गहराई280.0 मी॰ (918.6 फीट)
अधिकतम गहराई423.4 मी॰ (1,389 फीट)
जल आयतन7.2 कि॰मी3 (5.8×10^6 acre⋅ft)
तट लम्बाई120 किलोमीटर (12 मील)
सतही ऊँचाई290 मी॰ (950 फीट)
1 तट लम्बाई का मापन सटीक नहीं होता है
तज़ावा झील की जापान के मानचित्र पर अवस्थिति
तज़ावा झील
तज़ावा झील
तज़ावा झील (जापान)

तज़ावा झील (田沢湖 तज़ावा-को) उत्तरी जापान के अकीता प्रान्त में सिम्बोकू शहर में स्थित एक ज्वालामुखीय झील हैं। यह 423 मीटर (1,388 फीट) गहराई के साथ, जापान की सबसे गहरी झील हैं। [1]यह क्षेत्र एक लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्र हैं और झील के ऊपर की पहाड़ियों में कई गर्म चश्मा ऊष्ण स्रोत पाए जा सकते हैं। अकीता प्रांत का सबसे बड़ा स्कीइंग क्षेत्र, तज़ावा स्कीइंग क्षेत्र, झील से देखाई देता हैं।

इतिहास[संपादित करें]

तज़ावा झील को मीजी काल में नामित किया गया था, जब आसपास की तलहटी स्थिर हो गई थी। हालांकि, इस झील को ऐनु लोगों के नाम से जाना जाता था, और नाम "तज़ावा" को ऐनु भाषा तापुकोपू ("शीर्ष के साथ पहाड़ी") से लिया गया हैं। इस झील की सुंदरता को पौराणिक पुरूष तात्सुको के साथ भी जोड़ा गया है, जिसक मूल अज्ञात हैं। तज़ावा के किनारे के निकट ही तात्सुको का कांस्य प्रतिमा लगाई गई हैं।[1] तात्सुको, सदा जवान और सुंदरता के लिए, एक झील-देवी में बदल गया था। यसुटेक फनकोशी द्वारा निर्मित और स्थापित तात्सुको की मूर्ति के पीछे का स्पष्ट नीला पानी, शुध्दता और सुंदरता का प्रतीक दर्शाती हैं। मुर्ति का अनावरण 12 अप्रैल, 1968 को किया गया था।[2][3]

भूगोल[संपादित करें]

तज़ावा झील की अत्यधिक गहराई, और लगभग गोलाकार संरचना के कारण, इसे ज्वालामुखीय गतिविधि से बना ज्वालामुखीय झील या उल्का सघांत के कारण बने गड्ढ़े में बना झील माना जाता हैं। झील की गहराई को पहली बार 1909 में जापानी भूविज्ञानी तनाका अकामारो ने एक रस्सी के माध्यम से 397 मीटर की गहराई मापा था। 1926 में अकीता प्रांतीय फिशरीज प्रयोग स्टेशन सर्वेक्षण ने एक तार रस्सी का उपयोग करके 413 मीटर की गहराई का संकेत दिया था। 1937-1940 तीन साल के सर्वेक्षण के दौरान, भूविज्ञानी योशिमा नोबुयोशी ने झील के नीचे का सर्वेक्षण किया, और 425 मीटर (1,394 फीट) का सबसे गहरे बिंदु का पता लगाया। सर्वेक्षण में झील के उत्तर-पश्चिम की ओर लगभग एक किलोमीटर की गहराई वाले दो छोटे ज्वालामुखी शंकु और अवसादन जमा पाया गया। इन निष्कर्षों ने इस सिद्धांत को बल दिया कि झील 1.4 करोड़ साल पहले ज्वालामुखी विस्फोट से उत्पन्न हुआ था।

जलविज्ञान[संपादित करें]

तज़ावा झील की सतह से ऊंचाई 249 मीटर है, और इसके सबसे गहरी बिन्दु, समुद्रतल से 174.4 मीटर नीचे है। इस गहराई के कारण, झील के सर्दियों में पूरी तरह जम जाने की कोई संभावना नहीं हैं। 425 मीटर (1,394 फीट) की गहराई के साथ[1], यह होकाइदो के शिकोत्सू झील (423.4 मीटर) की तुलना में थोड़ा ज्यादा गहरा हैं, और यह दुनिया की 17वीं सबसे गहरी झील हैं। तज़ावा झील का कोई प्राकृतिक प्रवाह नहीं हैं, और 1931 में, माशु झील के साथ तुलना में इसकी पारदर्शिता 31 मीटर मापी गई थी। हालांकि, पनबिजली संयंत्र सुविधाओं और कृषि अपवाह के निर्माण के कारण, और तमागावा गर्म चश्मा ऊष्ण स्रोत से अत्यधिक अम्लीय पानी के इसमें मिलने से, पारदर्शिता 4 मीटर से भी कम हो गई हैं, और 1940 के अंत तक झील इतनी अम्लीय (पीएच 4.3) हो गया कि यह अब कृषि सिंचाई में भी उपयोग नहीं हो सकेगा। 1972 में 1991 तक जापानी सरकार ने चूने के द्वारा अम्लीयता की समस्या को सुधारने के प्रयास किया। हालांकि, वर्ष 2000 में, झील में अभी भी 200 मीटर की गहराई पर 5.14 की अम्लता और 400 मीटर गहराई पर 4.91 अम्लता थी, जिससे यह स्पष्ट है कि अभी तक पूर्ण रूप से सुधार नहीं हो सका हैं।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. http://www.tohokuandtokyo.org/spot_91/ Archived 10 अप्रैल 2018 at the वेबैक मशीन. तज़ावा झील
  2. Funakoshi Yasutake Archived 20 मार्च 2014 at the वेबैक मशीन. - website of the Iwate Museum of Art (retrieved 2013-4-22)
  3. http://www.city.semboku.akita.jp/en/sightseeing/spot/04_tatsukozou.html Archived 24 जनवरी 2019 at the वेबैक मशीन. (retrieved 2013-4-22)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]